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35 दिन बाद विजय के साथ विदा हुई सावित्री
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अतरौलीके गांव विधीपुर में 35 दन बाद दुल्हन को गोद में उठाकर विदा करता भाई।
- फोटो : ATHROLI
लॉकडाउन के चलते 22 मार्च से अतरौली के विधीपुर में फंसी बरात 35 दिन बाद बस के जरिए झारखंड के लिए रवाना हुई। विवाद के 35 दिन बाद बेटी को विदा करने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। हर किसी की आंख नम हो गई। ग्रामीणों ने भी दुल्हन व बरातियों को गिफ्ट व नकदी देकर विदा किया।
गांव विधीपुर निवासी नरपत सिंह आर्य की बेटी सावित्री आर्य की शादी 22 मार्च को हुई थी। बरात झारखंड के जिला धनबाद तहसील तोपचांची गांव वैलमी से आई थी। तीन बहनों समेत दूल्हा विजय कुमार पुत्र रामनाथ महतो के परिवार के 12 सदस्य 22 मार्च को शादी के बाद लॉकडाउन में फंस गए थे। 11 अप्रैल के अंक में ‘अमर उजाला’ ने लॉकडाउन में बरातियों के फंसे होने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष नवाब सिंह एडवोकेट की पैरवी और एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू के प्रयास से प्रशासनिक अनुमति के बाद रविवार को बरात बस से झारखंड के लिए रवाना हुई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुषमा रानी व नवाब सिंह एडवोकेट भी नव दंपती को आशीर्वाद देने पहुंचे। इन 35 दिनाें में गांव वालों बरातियों की पूरी आवभगत की। जिससे जैसा बन पड़ा सेवा सत्कार किया। बराती भी इस सेवाभाव पर भावुक थे।
रविवार को हुईं विदाई की रस्में
दुल्हन की विदाई की रस्में रविवार को पूरी हुईं। रीति रिवाज के अनुसार पूजा पाठ, चौखट पूजन, दरवाजे के थापे व विदाई के समय महिलाओं ने गीत गाए। अपराह्न 3.45 बजे दुल्हन व बरातियों से भरी बस विधीपुर से झारखंड के लिए रवाना हुई। बरसात के बावजूद महिलाएं व पुरुष छाता लगाकर दुल्हन की विदाई में डटे रहे।
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हमारी परेशानी ऊपर तक पहुंचाने के लिए ‘अमर उजाला’ का आभारी हूं। एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू व अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष नवाब सिंह एडवोकेट ने झारखंड लौटने की अनुमति दिलाने में बेहद सहयोग किया। उनका आभारी हूं।
-विजय कुमार, दूल्हा।
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गांव विधीपुर निवासी नरपत सिंह आर्य की बेटी सावित्री आर्य की शादी 22 मार्च को हुई थी। बरात झारखंड के जिला धनबाद तहसील तोपचांची गांव वैलमी से आई थी। तीन बहनों समेत दूल्हा विजय कुमार पुत्र रामनाथ महतो के परिवार के 12 सदस्य 22 मार्च को शादी के बाद लॉकडाउन में फंस गए थे। 11 अप्रैल के अंक में ‘अमर उजाला’ ने लॉकडाउन में बरातियों के फंसे होने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष नवाब सिंह एडवोकेट की पैरवी और एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू के प्रयास से प्रशासनिक अनुमति के बाद रविवार को बरात बस से झारखंड के लिए रवाना हुई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुषमा रानी व नवाब सिंह एडवोकेट भी नव दंपती को आशीर्वाद देने पहुंचे। इन 35 दिनाें में गांव वालों बरातियों की पूरी आवभगत की। जिससे जैसा बन पड़ा सेवा सत्कार किया। बराती भी इस सेवाभाव पर भावुक थे।
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रविवार को हुईं विदाई की रस्में
दुल्हन की विदाई की रस्में रविवार को पूरी हुईं। रीति रिवाज के अनुसार पूजा पाठ, चौखट पूजन, दरवाजे के थापे व विदाई के समय महिलाओं ने गीत गाए। अपराह्न 3.45 बजे दुल्हन व बरातियों से भरी बस विधीपुर से झारखंड के लिए रवाना हुई। बरसात के बावजूद महिलाएं व पुरुष छाता लगाकर दुल्हन की विदाई में डटे रहे।
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हमारी परेशानी ऊपर तक पहुंचाने के लिए ‘अमर उजाला’ का आभारी हूं। एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू व अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष नवाब सिंह एडवोकेट ने झारखंड लौटने की अनुमति दिलाने में बेहद सहयोग किया। उनका आभारी हूं।
-विजय कुमार, दूल्हा।