{"_id":"60a9360c8ebc3edaa553b0b8","slug":"administration-hardoi-news-panchyat-election-37-brahamleen-accepted-only-three-hardoi-news-knp62983832","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव में 37 ब्रह्मलीन, प्रशासन ने माने सिर्फ तीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव में 37 ब्रह्मलीन, प्रशासन ने माने सिर्फ तीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। पंचायत के दौरान भले ही जिले में प्रशिक्षण या ड्यूटी करने के बाद 37 अधिकारियों व कर्मचारियों ने भले ही जान तक गवां दी हो पर गाइड लाइन के अनुसार 34 कर्मियों के परिजन मुआवजे भी महरूम रह जाएंगे।
जिले स्तर पर गठित कमेटी ने सिर्फ तीन की मौत को कोरोना से होना पाया है और उनके परिजनों को अनुग्रह राशि दिलाए जाने की संस्तुति की है।
इसमें कोई दो राय नहीं कि पंचायत चुनाव इस बार कोरोना संक्रमण के दौरान हुआ हे। प्रशिक्षण से लेकर मतदान तक की प्रक्रिया इसी संक्रमण के दौरान हुई।
प्रशिक्षण से लेकर मतदान तक में लगे कर्मियों ने लाख अपने आप को संक्रमण से दूर करने का प्रयास किया हो पर बचा नहीं सके और प्रशिक्षण या मतदान के बाद एक एक करके 37 अधिकारियों व कर्मियों की मौत हो गई।
शासन के निर्देश पर आयोग ने इन दिवंगत कर्मचारियों को अनुग्रह राशि दिलाए जाने के लिए आवेदन मांगे थे। दिए गए निर्देशों के बाद जिलाधिकारी ने जिले के सभी विभागों से अपने-अपने विभागों के मृत अधिकारियों व कर्मचारियों से आवेदन लिए।
विज्ञापन
परिजनों द्वारा दिए गए प्रपत्रों को लगाकर 37 आवेदन किए गए। जिसमें से चयनित कमेटी ने दी गई गाइड लाइन के अनुसार इन आवेदनों की छटनी की और छटनी के बाद सिर्फ तीन फाइलों को पात्र पाया जिनके परिजनों को अनुग्रह राशि के रूप में 30-30 लाख रुपये की राशि दी जा सकती है।
डीपीआरओ गिरीश चंद्र ने बताया कि चयनित कमेटी ने डीआरडीए के अवर अभियंता भूपेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी राम किशुन यादव व सहायक अध्यापक प्रिया शुक्ला की मृत्यु गाइडलाइन के अनुसार मानी है। इन तीनों की फाइलें शासन को संस्तुति के साथ भेजी गईं हैं।
शेष 34 पर शासन लेगा निर्णय
पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि शेष 34 पर कोई विचार नहीं किया जा रहा। तीन ये गाइडलाइन के अनुसार उचित पाए गए। शेष की भी मौत हुई है। प्रशासन उनके साथ भी संवेदना रखता है। इसलिए शेष 34 के आवेदन भी शासन को इस आशय से भेजे गए हैं। यह सब उस पर उचित निर्णय लें।
कहां हुई थी मृत्यु
सरकारी डायरी को देखे तो भूपेंद्र सिंह की मृत्यु एल-टू हास्पिटल, राम किशुन यादव की सीतापुर व प्रिया शुक्ला की मृत्यु किंग जार्ज मेडिकल कालेज लखनऊ में हुई थी।
...तो मौतें भी गाइड लाइन के अनुसार हो तो मिलेगा मलहम
दबी जबान से पीड़ित परिजनों का कहना है। यह कहां का न्याय है। इस हिसाब से तो मौतें भी यदि गाइडलाइन के अनुसार ही हो तो ही मुआवजा मिलेगा अन्यथा नहीं। ऐसा नहीं होना चाहिए। शासन हो या आयोग इस पुनर्विचार करना चाहिए।
पंचायत चुनाव कराने में इनकी चली गई जान
अरविंद कुमार त्रिपाठी ग्राम रोजगार सेवक डीआरडीए
सैयद अरशद अली सहायक अध्यापक माध्यमिक शिक्षा
श्री प्रकाश परिचारक सफाई कर्मी मा. शिक्षा परिषद
विश्वनाथ त्रिपाठी सहायक अध्यापक मा. शिक्षा परिषद
योगेंद्र सिंह सहायक अध्यापक मा. शिक्षा परिषद
बृजेश कुमार वर्मा प्रधानाचार्य मा. शिक्षा परिषद
अमरेश प्रजापति कनिष्ठ लिपिक मा. शिक्षा परिषद
रशीद अहमद ज्येष्ठ लेखा परीक्षक मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी
चंद्र प्रकाश शुक्ला मानचित्रकार लोक निर्माण विभाग
रामपाल सींच पर्यवेक्षक शारदा नहर
चक्र धर मिश्रा सहायक प्रबंधक आर्यावर्त बैंक
सौरभ कुमार दुबे सहाप्तयक अध्यापक बेसिक शिक्षा
शालिनी वर्मा प्रधानाध्यापक बेसिक शिक्षा
स्मिता सक्सेना सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
सत्यनारायण यूपीएम बेसिक शिक्षा
महेश सिंह विष्ट सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
खलिदजुबैर सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
संजीव कुमार अनुचर बेसिक शिक्षा
संजय कुमार वर्मा अनुचर बेसिक शिक्षा
बाबूलाल सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
धर्मेंद्र कुमार सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
राजीव कुमार मिश्र सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
सुनील कुमार सिंह सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
प्रदीप सिंह सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
सचिन कुमार तिवारी सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
मो. असलम सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
योगेंद्र सिंह वर्मा सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
हरिकेश सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
आशा राठौर सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
ईश्वरचंद्र सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
निधि वाजपेयी सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
जगदीश सिंह शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा
भूपेंद्र सिंह अवर अभियंता डीआरडीए हरदोई
रामकिशुन यादव खंड शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा विभा.
प्रिया शुक्ला सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
विज्ञापन
जिले स्तर पर गठित कमेटी ने सिर्फ तीन की मौत को कोरोना से होना पाया है और उनके परिजनों को अनुग्रह राशि दिलाए जाने की संस्तुति की है।
इसमें कोई दो राय नहीं कि पंचायत चुनाव इस बार कोरोना संक्रमण के दौरान हुआ हे। प्रशिक्षण से लेकर मतदान तक की प्रक्रिया इसी संक्रमण के दौरान हुई।
प्रशिक्षण से लेकर मतदान तक में लगे कर्मियों ने लाख अपने आप को संक्रमण से दूर करने का प्रयास किया हो पर बचा नहीं सके और प्रशिक्षण या मतदान के बाद एक एक करके 37 अधिकारियों व कर्मियों की मौत हो गई।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर आयोग ने इन दिवंगत कर्मचारियों को अनुग्रह राशि दिलाए जाने के लिए आवेदन मांगे थे। दिए गए निर्देशों के बाद जिलाधिकारी ने जिले के सभी विभागों से अपने-अपने विभागों के मृत अधिकारियों व कर्मचारियों से आवेदन लिए।
विज्ञापन
परिजनों द्वारा दिए गए प्रपत्रों को लगाकर 37 आवेदन किए गए। जिसमें से चयनित कमेटी ने दी गई गाइड लाइन के अनुसार इन आवेदनों की छटनी की और छटनी के बाद सिर्फ तीन फाइलों को पात्र पाया जिनके परिजनों को अनुग्रह राशि के रूप में 30-30 लाख रुपये की राशि दी जा सकती है।
डीपीआरओ गिरीश चंद्र ने बताया कि चयनित कमेटी ने डीआरडीए के अवर अभियंता भूपेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी राम किशुन यादव व सहायक अध्यापक प्रिया शुक्ला की मृत्यु गाइडलाइन के अनुसार मानी है। इन तीनों की फाइलें शासन को संस्तुति के साथ भेजी गईं हैं।
शेष 34 पर शासन लेगा निर्णय
पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि शेष 34 पर कोई विचार नहीं किया जा रहा। तीन ये गाइडलाइन के अनुसार उचित पाए गए। शेष की भी मौत हुई है। प्रशासन उनके साथ भी संवेदना रखता है। इसलिए शेष 34 के आवेदन भी शासन को इस आशय से भेजे गए हैं। यह सब उस पर उचित निर्णय लें।
कहां हुई थी मृत्यु
सरकारी डायरी को देखे तो भूपेंद्र सिंह की मृत्यु एल-टू हास्पिटल, राम किशुन यादव की सीतापुर व प्रिया शुक्ला की मृत्यु किंग जार्ज मेडिकल कालेज लखनऊ में हुई थी।
...तो मौतें भी गाइड लाइन के अनुसार हो तो मिलेगा मलहम
दबी जबान से पीड़ित परिजनों का कहना है। यह कहां का न्याय है। इस हिसाब से तो मौतें भी यदि गाइडलाइन के अनुसार ही हो तो ही मुआवजा मिलेगा अन्यथा नहीं। ऐसा नहीं होना चाहिए। शासन हो या आयोग इस पुनर्विचार करना चाहिए।
पंचायत चुनाव कराने में इनकी चली गई जान
अरविंद कुमार त्रिपाठी ग्राम रोजगार सेवक डीआरडीए
सैयद अरशद अली सहायक अध्यापक माध्यमिक शिक्षा
श्री प्रकाश परिचारक सफाई कर्मी मा. शिक्षा परिषद
विश्वनाथ त्रिपाठी सहायक अध्यापक मा. शिक्षा परिषद
योगेंद्र सिंह सहायक अध्यापक मा. शिक्षा परिषद
बृजेश कुमार वर्मा प्रधानाचार्य मा. शिक्षा परिषद
अमरेश प्रजापति कनिष्ठ लिपिक मा. शिक्षा परिषद
रशीद अहमद ज्येष्ठ लेखा परीक्षक मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी
चंद्र प्रकाश शुक्ला मानचित्रकार लोक निर्माण विभाग
रामपाल सींच पर्यवेक्षक शारदा नहर
चक्र धर मिश्रा सहायक प्रबंधक आर्यावर्त बैंक
सौरभ कुमार दुबे सहाप्तयक अध्यापक बेसिक शिक्षा
शालिनी वर्मा प्रधानाध्यापक बेसिक शिक्षा
स्मिता सक्सेना सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
सत्यनारायण यूपीएम बेसिक शिक्षा
महेश सिंह विष्ट सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
खलिदजुबैर सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
संजीव कुमार अनुचर बेसिक शिक्षा
संजय कुमार वर्मा अनुचर बेसिक शिक्षा
बाबूलाल सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
धर्मेंद्र कुमार सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
राजीव कुमार मिश्र सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
सुनील कुमार सिंह सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
प्रदीप सिंह सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
सचिन कुमार तिवारी सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
मो. असलम सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
योगेंद्र सिंह वर्मा सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
हरिकेश सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
आशा राठौर सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
ईश्वरचंद्र सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
निधि वाजपेयी सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा
जगदीश सिंह शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा
भूपेंद्र सिंह अवर अभियंता डीआरडीए हरदोई
रामकिशुन यादव खंड शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा विभा.
प्रिया शुक्ला सहायक अध्यापक बेसिक शिक्षा