{"_id":"60d0cb688ebc3e325d798ffc","slug":"action-hardoi-news-knp635602392","type":"story","status":"publish","title_hn":"कारोबारी को 35 करोड़ रुपये के जुर्माने की नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कारोबारी को 35 करोड़ रुपये के जुर्माने की नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। सदर तहसील क्षेत्र अंतर्गत लखनऊ मार्ग पर नानकगंज झाला में फर्जी ढंग से जंगलढाक की भूमि का बैनामा कराए जाने के मामले में कारोबारी के विरुद्ध बेदखली और 35 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने का नोटिस तहसीलदार ने जारी किया है। अब कारोबारी तीन माह के अंदर तहसीलदार के न्यायालय में अपना पक्ष रख सकेंगे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रेलवेगंज निवासी कारोबारी सजीव अग्रवाल ने 19 जून 2010 व एक जुलाई 2010 को दो बैनामे कराए थे। आरोप है कि दोनों बैनामे बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के फर्जी तरीके से व्यक्तिगत लाभ के लिए कराए गए थे। बैनामा उन जमीनों का कराया गया था, जो ट्रस्ट के नाम अंकित थीं और ट्रस्ट से पहले सरकारी भूमि थी।
ट्रस्ट के जिम्मेदारों ने इसका भी बैनामा अपने ही परिजनों के नाम कर दिया था। पूरे प्रकरण में सजीव अग्रवाल और तत्कालीन उपनिबंधक भगवान सिंह के विरुद्ध फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट शहर कोतवाली में दर्ज की जा चुकी है। इस प्रकरण तहसीलदार के न्यायालय में भी धारा-67 के तहत लंबित था।
विज्ञापन
अब तहसीलदार ने सजीव अग्रवाल को इस मामले में बेदखली के नोटिस दिया है। इसके साथ ग्राम समाज की भूमि को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में 35 करोड़ चार लाख 60 हजार रुपये का नोटिस भी जारी किया है। पूरे मामले में सजीव अग्रवाल ने बताया कि उन्हें नोटिस जारी किए जाने की कोई जानकारी नहीं है और नोटिस मिले हैं।
विज्ञापन
शहर कोतवाली क्षेत्र के रेलवेगंज निवासी कारोबारी सजीव अग्रवाल ने 19 जून 2010 व एक जुलाई 2010 को दो बैनामे कराए थे। आरोप है कि दोनों बैनामे बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के फर्जी तरीके से व्यक्तिगत लाभ के लिए कराए गए थे। बैनामा उन जमीनों का कराया गया था, जो ट्रस्ट के नाम अंकित थीं और ट्रस्ट से पहले सरकारी भूमि थी।
विज्ञापन
ट्रस्ट के जिम्मेदारों ने इसका भी बैनामा अपने ही परिजनों के नाम कर दिया था। पूरे प्रकरण में सजीव अग्रवाल और तत्कालीन उपनिबंधक भगवान सिंह के विरुद्ध फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट शहर कोतवाली में दर्ज की जा चुकी है। इस प्रकरण तहसीलदार के न्यायालय में भी धारा-67 के तहत लंबित था।
विज्ञापन
अब तहसीलदार ने सजीव अग्रवाल को इस मामले में बेदखली के नोटिस दिया है। इसके साथ ग्राम समाज की भूमि को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में 35 करोड़ चार लाख 60 हजार रुपये का नोटिस भी जारी किया है। पूरे मामले में सजीव अग्रवाल ने बताया कि उन्हें नोटिस जारी किए जाने की कोई जानकारी नहीं है और नोटिस मिले हैं।