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Hardoi News: कलश स्थापना के लिए मध्याह्न 11.36 से 12.25 बजे तक रहेगा अभिजित मुहूर्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। आश्विन मास का दूसरा पक्ष आज शुरू हो गया है, यह आदि शक्ति स्वरूपा मां भगवती की आरधना व सनातनधर्मियों के मन-मस्तिष्क में बसे मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के चरित्रगान को समर्पित रहेगा। शारदीय नवरात्र की बाजारों में धूम है। लोगों ने भी मूर्तियों, शृंगार सामग्री व पूजन सामग्री आदि की खरीदारी शुरू कर दी है। मंदिरों में साफ-सफाई होने लगी है।
शारदीय नवरात्र में प्रतिपदा पर रविवार को देवी शक्तिपीठ, मंदिरों व घरों में कलश स्थापित होंगे और भक्तगण दुर्गा सप्तशती का पाठ, जप आदि करते हैं। बाजारों में नवरात्र की खरीदारी लोगों ने शुरू कर दी है। सदर बाजार लेकर स्टेशन तक बाजार में दुकानों पर हवन-पूजन, शृंगार सामग्री के साथ ही मूर्तियों की भी दुकानें सज गईं हैं।
बाबा विश्वनाथ मंदिर के वेदाचार्य, ज्योतिषाचार्य आचार्य संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ सभी बाधाओं से मुक्ति व धनधान्य, यश, ऐश्वर्य व परिवार में सुख-शांतिदायक है। 15 अक्तूबर रविवार को चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग का संयोग बन रहा है। इस योग का शास्त्रों में निषेध माना गया है। ऐसे में कलश स्थापना मध्याह्न 111.36 बजे से दोपहर 12.25 बजे के मध्य अभिजित मुहूर्त में किया जाना उत्तम रहेगा।
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पुजारी उमाकांत शास्त्री ने बताया कि इस बार नवरात्र पर अभिजित मुहूर्त में ही कलश की स्थापना व दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू करना उत्तम रहेगा। मां जगतजननी इस बार हाथी पर सवार होकर भक्तों के कल्याण के लिए आ रही हैं। बताया कि विधि-विधान, हवन-पूजन के साथ ही कलश स्थापना के साथ ही मां जगतजननी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवमी तिथि पर हवन व पूर्णाहुति होगी व कन्या भोज होगा।
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हरदोई। आश्विन मास का दूसरा पक्ष आज शुरू हो गया है, यह आदि शक्ति स्वरूपा मां भगवती की आरधना व सनातनधर्मियों के मन-मस्तिष्क में बसे मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के चरित्रगान को समर्पित रहेगा। शारदीय नवरात्र की बाजारों में धूम है। लोगों ने भी मूर्तियों, शृंगार सामग्री व पूजन सामग्री आदि की खरीदारी शुरू कर दी है। मंदिरों में साफ-सफाई होने लगी है।
शारदीय नवरात्र में प्रतिपदा पर रविवार को देवी शक्तिपीठ, मंदिरों व घरों में कलश स्थापित होंगे और भक्तगण दुर्गा सप्तशती का पाठ, जप आदि करते हैं। बाजारों में नवरात्र की खरीदारी लोगों ने शुरू कर दी है। सदर बाजार लेकर स्टेशन तक बाजार में दुकानों पर हवन-पूजन, शृंगार सामग्री के साथ ही मूर्तियों की भी दुकानें सज गईं हैं।
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बाबा विश्वनाथ मंदिर के वेदाचार्य, ज्योतिषाचार्य आचार्य संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ सभी बाधाओं से मुक्ति व धनधान्य, यश, ऐश्वर्य व परिवार में सुख-शांतिदायक है। 15 अक्तूबर रविवार को चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग का संयोग बन रहा है। इस योग का शास्त्रों में निषेध माना गया है। ऐसे में कलश स्थापना मध्याह्न 111.36 बजे से दोपहर 12.25 बजे के मध्य अभिजित मुहूर्त में किया जाना उत्तम रहेगा।
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पुजारी उमाकांत शास्त्री ने बताया कि इस बार नवरात्र पर अभिजित मुहूर्त में ही कलश की स्थापना व दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू करना उत्तम रहेगा। मां जगतजननी इस बार हाथी पर सवार होकर भक्तों के कल्याण के लिए आ रही हैं। बताया कि विधि-विधान, हवन-पूजन के साथ ही कलश स्थापना के साथ ही मां जगतजननी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवमी तिथि पर हवन व पूर्णाहुति होगी व कन्या भोज होगा।