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आम के बौर पर थ्रिप्स कीट का साया, अलर्ट जारी
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हरदोई। आम के पेड़ों में बौर की कोपल निकलते ही थ्रिप्स कीट का खतरा भी मंडराने लगा है। इसको देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सेंटर ने बागबानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले सालों की अपेक्षा यह कीट इस बार जल्दी आ गया है। बौर निकलने के शुरुआती दौर में ही इसने हमला बोल दिया। अगर समय रहते इससे बचाव न किया जाए तो उत्पादन घटेगा साथ ही आम की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। जिले में शाहाबाद, संडीला क्षेत्र में सबसे ज्यादा आम के बागान हैं। जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के रहमानखेड़ा स्थित बागवानी संस्थान से मिले अलर्ट के बाद आम की बागवानी करने वाले किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
हरदोई। भारत सरकार के रहमान खेड़ा स्थित संस्थान के कीट वैज्ञानिक डॉ. एचएस सिंह और डॉ. गुडप्पा के अनुसार ये कीट कली के छिलकोें के अंदर देखे जा सकते हैं। इन्हें सामान्य रूप से नहीं देखा जा सकता है। थोड़ा वक्त बीतने के बाद ये बौर पर दिखाई देते हैं।
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हरदोई। जारी एडवाइजरी के अनुसार आम के पेड़ों में निकलने वाली नई कली को खोलकर तुरंत निरीक्षण करें। कली खोलकर मोबाइल स्क्रीन पर रखें और हल्का सा झटका दें। ऐसा करने पर बहुत सारे अति सूक्ष्म कीट रेंगते दिखेंगे। यही थ्रिप्स कीट हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा और फूल विकसित होंगे, वैसे-वैसे ये पूरे बाग में बौर को खराब करेंगे। ऐेसे में बागों का निरीक्षण एवं बौर का परीक्षण करने के बाद कीट होने की दशा में कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेकर दवाओं का छिड़काव करें।
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कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले सालों की अपेक्षा यह कीट इस बार जल्दी आ गया है। बौर निकलने के शुरुआती दौर में ही इसने हमला बोल दिया। अगर समय रहते इससे बचाव न किया जाए तो उत्पादन घटेगा साथ ही आम की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। जिले में शाहाबाद, संडीला क्षेत्र में सबसे ज्यादा आम के बागान हैं। जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के रहमानखेड़ा स्थित बागवानी संस्थान से मिले अलर्ट के बाद आम की बागवानी करने वाले किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
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हरदोई। भारत सरकार के रहमान खेड़ा स्थित संस्थान के कीट वैज्ञानिक डॉ. एचएस सिंह और डॉ. गुडप्पा के अनुसार ये कीट कली के छिलकोें के अंदर देखे जा सकते हैं। इन्हें सामान्य रूप से नहीं देखा जा सकता है। थोड़ा वक्त बीतने के बाद ये बौर पर दिखाई देते हैं।
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हरदोई। जारी एडवाइजरी के अनुसार आम के पेड़ों में निकलने वाली नई कली को खोलकर तुरंत निरीक्षण करें। कली खोलकर मोबाइल स्क्रीन पर रखें और हल्का सा झटका दें। ऐसा करने पर बहुत सारे अति सूक्ष्म कीट रेंगते दिखेंगे। यही थ्रिप्स कीट हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा और फूल विकसित होंगे, वैसे-वैसे ये पूरे बाग में बौर को खराब करेंगे। ऐेसे में बागों का निरीक्षण एवं बौर का परीक्षण करने के बाद कीट होने की दशा में कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेकर दवाओं का छिड़काव करें।