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बस तीस दिन! बजेंगे ढोल, गूंजेगी शहनाई

Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
Hardoi
Hardoi Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
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हरदोई। 2 अक्तूबर से 23 नवंबर तक शुक्र अस्त के चलते शुभ कार्यों पर रही रोक शुक्र उदय होते ही हट जाएगी और उसके बाद करीब बीस दिनों तक शादी समारोहों जैसे शुभ कार्यों की जमकर धूूम रहेगी। इसके लिए लोगों के घरों से लेकर बाहर के जरूरी कार्यों की जरूरी तैयारियां चल रही है। कमोेवेश जिनके यहां 26 नवंबर से 15 दिसंबर तक की अवधि में शुभ मुहूर्त में कार्यक्रम होने हैं, उनके यहां आवश्यक चीजों की बुकिंग का कार्य लगभग अंतिम दौर में है।
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यदि किसी ने अभी तक टेंट, हलवाई, बारात घर, समारोह स्थल, बैंडबाजा, लाइट, म्यूजिक आदि की बुकिंग नहीं कराई, तो फौरन ध्यान देना पड़ेगा, क्योंकि और देर हुई तो शायद इन सब चीजों का इस अवधि की तिथियों में मिलना मुश्किल हो जाएगा। इस 20 दिनों की अवधि में आयोजनों की अधिकता से आचार्य गण भी शिफ्ट वाइज कार्यक्रम निपटाने का गुणाभाग अभी से लगाने लगे हैं। ज्ञात हो कि शादी-तिलक आदि कार्यक्रमों का मौसम शुरू होने जा रहा है। शुभ मुहूर्तों की शुरुआत 26 नवंबर से हो रही है। आचार्य गणों ने बताया कि शुभ मुहूर्त 26 नवंबर से 15 दिसबंर तक रहेंगे। 26 नवंबर से शुरू हो रहे शुभ मुहूर्तों के बाबत पंडितों ने बताया कि 26 नवंबर से लगन शुरू हो रही और 15 दिसंबर तक की अवधि तक लगातार शुभ मुहूर्तों का योग है, लिहाजा विवाह कार्यक्रमों को संपन्न कराने की लोग तैयारियां कर रहे हैं।
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इसके लिए आचार्यों से समय लेने अलावा विवाह वाले जोड़ों के नाम शुभ लगन का विचार और तिथियों के आधार पर तारीख तय की जाने लगी है। 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक खरमास रहेगा, जिससे खरमास की अवधि में कोई शुभ कार्य नहीं होते हैं। इस वर्ष शादी समारोह करने के इच्छुक लोग खरमास से पहले की लगनों को विचरवा रहे हैं, जिससे पंडित काफी व्यस्त होेने लगे हैं। कोई बिटिया के हाथ पीले कर गंगा नहाएगा तो कोई बेटे की शादी कर घर आंगन को खुशी से भरेगा, पर इन सब कार्यक्रमों में सगुन सौगात न हो तो मामला सूना सूना लगता है। सगुन सौगात में जरूरी माने गए सोने-चांदी के जेबर तो गढ़वाने ही पड़ते हैं, लिहाजा इसके लिए तैयारियां होने लगी है। मामला चाहे बैंडबाजा का हो या फिर हलवाई का टेंट तंबू हो या फिर होटल, सभागार का हर जगह बस हाउस फु ल है।
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आलम यह है कि अगर नवंबर के अंत व दिसंबर की लगनों में आप कोई पार्टी करने का मन बनाएं या फिर कोई आयोजन का तो आप होटल आदि ढूंढते रह जाएंगे। इस बाबत पंडित उमाकांत शास्त्री कहते हैं कि यह गलत नहीं है जो माता-पिता अपने बच्चों की शादी के लिए काफी माह पहले से ही तिथि निर्धारित कर चुके हैं और उनकी तिथि फीड है, तो ऐसी स्थिति में वह तो बाध्य हैं कि और कहीं नहीं जा सकते। इस बार सहालगें हैं, तो शहर में शादियों की भी भरमार है। कहते हैं कि घर में शादी विवाह का समारोह होना हो और पंडित जी न आए यह भला कैसे हो सकता है। जैसे बिन पानी सब कुछ सूना होता है वैसे ही पंडित जी बिना विवाह मंडप भी दमकता नहीं है। अब शादी तो पंडित जी को करानी है, सो लोग पंडितों के घरों के चक्कर काटने लगे हैं।
आलम यह है कि किसी को रात 10 बजे का समय दे रहे, तो किसी को रात दो बजे का अब यह सब कुछ वे कैसे मैनेज करेंगे वे ही जाने, पर इस लगन को लेकर लोग परेशान जरूर हो गए है। वैसे तो विवाह कार्यक्रम संपन्न कराने में पंडित को करीब दो से साढ़े तीन घंटे तक लगते हैं, पर बड़ी लगनों में जिन पंडितों ने अपने जजमानों केे लिए शिफ्ट चार्ट बनाया है, वे न केवल झटपट मंत्र पढ़ेंगे, बल्कि फटाफट फेरे भी कराएंगे, ताकि रात की दो शिफ्टों में वे अपने निर्धारित कार्यक्रम संपन्न करा सकें।
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साज सज्जा के भी बढ़ने लगे दाम
हरदोई। दूल्हे राजा घोड़ी पर सवार हो या फिर कार, पर दोनों में एक चीज समान है साजो सज्जा। अब हर कोई तो घोड़ी पर बैठ कर जाना नहीं चाहता, लिहाजा कार को तो सजवाना ही है, पर कार सजाने वालों के पास इतने ज्यादा आर्डर है कि वे कार भेजने से लेकर सजाकर देने को अलग-अलग टाइम दे रहे हैं। साज सज्जा का बाजार चढ़ गया है। बाजार से जुडे़ लोगों के अनुसार फूलों में गुलाब और रजनीगंधा से कार को सजाने की मांग ज्यादा है।
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शगुन की दावताें की लागत अपने हो रहे आहत !
हरदोई। दादा-दादी की जुबानी कभी आपने भी सुनी होगी कि उनके दौर में बारातें तीन-तीन दिन तक टिका करती थी, पर अब एक रात की व्यवस्था को लेकर भी बाबुलों के हाथ पांव डगमगाने लगते हैं। शगुन की दावतों पर महंगाई का असर इस कदर पड़ रहा कि अपनों को आहत कर कार्यक्रम में शिरकत करने वालों को बुलावे की सूची को काफी छोटा रखना पड़ रहा है। महंगाई के बीच दस्तक देने आ रही सहालगों को लेकर लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी है। हलवाई, टेेंट, डेकोरेटर की बुकिंग के साथ ही आचार्य गणों से भी समय लेने लगे हैं। कार्यक्रमों के लिए बडे़ शहरों में आयोजन को लेकर बढ़े चलन ने दावतों के दौर को और महंगा कर दिया, जिससे बुलावा पत्रों की सूची छोटी होने लगी है।
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एक नजर विशेष तिथियों पर
हरदोई। आचार्य गणों ने बताया कि 29 व 30 नवंबर तथा 6, 7, 10 दिसंबर की तिथियों वाली लगने बड़ी हैं और इन तिथियों में बड़ी संख्या में शुभ कार्य होंगे। बताया कि 2 अक्तूबर से 23 नवंबर तक शुक्र अस्त रहने के कारण इस साल लगनों एवं शुभ कार्योँ की शुरुआत 26 नवंबर से होगी।

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16 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहेगा खरमास
हरदोई। आचार्य अशोक मिश्र, सुनील शात्री, सनत मिश्रा, उमाकांत शास्त्री ने बताया कि 16 दिसबंर से 14 जनवरी तक खरमास रहेगा। खरमास के चलते इस अवधि में शुभ कार्य नहीं होंगे। खरमास से पहले शुरू हो रहे मुहूर्तों की अवधि में अपने कार्यक्रमों को संपन्न कराने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आचार्य गणों को निमंत्रण देकर शुभ मुहूर्त के लिए समय तय करने के साथ हीं टेंट और हलवाई, म्यूजिक कार्नर, ढोल बाजा, डांस पार्टी और अन्य सेवाओं के लिए बुकिंग कार्य शुरू हो गया है।
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