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अंतर्जनपदीय बाइक चोर गैंग का खुलासा
Hardoi
Updated Thu, 18 Sep 2014 05:31 AM IST
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हरदोई। जिले में वाहन चोरी का पर्याय बने अंतर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने धर दबोचा। उनके पास से चोरी की आठ बाइक बरामद की गई, जो अधिकतर शहर से चुराई गई थीं। घटना के इस खुलासे पर एसएसपी ने पुलिस टीम को 2500 रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
एसएसपी गोविंद अग्रवाल ने बताया कि पचदेवरा थानाध्यक्ष अल्ताफ अंसारी अपने सहयोगी आरपी शैलेश, एमसी बाजपेई, गंगा सिंह, एनबी सिंह, वीरेन्द्र यादव, रंजीत सिंह और रामसेवक ने बुधवार सुबह मुखबिर की सूचना पर उदयपुर मोड़ के पास से तीन लोगों को पकड़ा। उनके पास से मौके पर तीन चोरी की बाइक बरामद हुईं। बाद में अभियुक्तों ने आठ बाइक की चोरी करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर गिरोह के मास्टर माइंड के घर से पांच और बाइक बरामद की गई। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गये गिरोह का सरगना राहुल मिश्र पुत्र सुनील मिश्र निवासी सुल्तानपुर थाना पचदेवरा शहर से बाइक चोरी करता था। उसको ऋषी पाल सिंह पुत्र कलेक्टर सिंह निवासी उदयपुर के हाथ औने-पौने दाम में बेच देता था।
वह उन वाहनों को दूर दराज के गांव में बेच देता था और जो बाइक नहीं बिकती थीं, उनको राजीव कुमार पुत्र राम भरोसे निवासी राजेपुर जनपद फर्रुखाबाद के पास भेजा देता था। वह बाइक को काटकर उनके पार्ट को अलग-अलग करके बेच देता था। इससे बाइक का सुराग नहीं लगता था। उन्होंने बताया कि बरामद आठ बाइकों में से पांच के चोरी होने की शिकायत शहर कोतवाली में दर्ज हैं। वहीं दो के विषय में बेहटा गोकुल थाना में रिपोर्ट दर्ज है। एक वाहन में नंबर न होने से उसके मालिक का पता नहीं चल सका है। उन्होंने खुलासा करने वाली टीम को 25 सौ रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजय शंकर राय, शहर कोतवाल नागेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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इंसेट
चोरी करने वाले को मिलते थे मात्र तीन हजार
वाहन चोरी करके ले जाने वाले राहुल ने बताया कि उसे एक बाइक चोरी करने के लिए मात्र तीन हजार रुपये मिलते थे। बाकी मास्टर माइंड ऋषी पाल बाइक बेचकर और उनको राजीव को सौंप कर ले लेता था।
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एसएसपी गोविंद अग्रवाल ने बताया कि पचदेवरा थानाध्यक्ष अल्ताफ अंसारी अपने सहयोगी आरपी शैलेश, एमसी बाजपेई, गंगा सिंह, एनबी सिंह, वीरेन्द्र यादव, रंजीत सिंह और रामसेवक ने बुधवार सुबह मुखबिर की सूचना पर उदयपुर मोड़ के पास से तीन लोगों को पकड़ा। उनके पास से मौके पर तीन चोरी की बाइक बरामद हुईं। बाद में अभियुक्तों ने आठ बाइक की चोरी करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर गिरोह के मास्टर माइंड के घर से पांच और बाइक बरामद की गई। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गये गिरोह का सरगना राहुल मिश्र पुत्र सुनील मिश्र निवासी सुल्तानपुर थाना पचदेवरा शहर से बाइक चोरी करता था। उसको ऋषी पाल सिंह पुत्र कलेक्टर सिंह निवासी उदयपुर के हाथ औने-पौने दाम में बेच देता था।
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वह उन वाहनों को दूर दराज के गांव में बेच देता था और जो बाइक नहीं बिकती थीं, उनको राजीव कुमार पुत्र राम भरोसे निवासी राजेपुर जनपद फर्रुखाबाद के पास भेजा देता था। वह बाइक को काटकर उनके पार्ट को अलग-अलग करके बेच देता था। इससे बाइक का सुराग नहीं लगता था। उन्होंने बताया कि बरामद आठ बाइकों में से पांच के चोरी होने की शिकायत शहर कोतवाली में दर्ज हैं। वहीं दो के विषय में बेहटा गोकुल थाना में रिपोर्ट दर्ज है। एक वाहन में नंबर न होने से उसके मालिक का पता नहीं चल सका है। उन्होंने खुलासा करने वाली टीम को 25 सौ रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजय शंकर राय, शहर कोतवाल नागेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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चोरी करने वाले को मिलते थे मात्र तीन हजार
वाहन चोरी करके ले जाने वाले राहुल ने बताया कि उसे एक बाइक चोरी करने के लिए मात्र तीन हजार रुपये मिलते थे। बाकी मास्टर माइंड ऋषी पाल बाइक बेचकर और उनको राजीव को सौंप कर ले लेता था।