{"_id":"37-197917","slug":"Hardoi-197917-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेकाबू ट्रैफिक बवाल-ए-जान, लग रहा जाम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेकाबू ट्रैफिक बवाल-ए-जान, लग रहा जाम
Hardoi
Updated Tue, 16 Sep 2014 05:31 AM IST
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हरदोई। बढ़ते ट्रैफिक और अनियंत्रित व्यवस्था के चलते शहर में लगने वाले जाम से आम लोग बेहाल हो रहे हैं। आलम यह है कि फुटपाथों पर अतिक्रमण के चलते जहां पहले से ही सड़के संकरी हो रही हैं, वहीं बढ़ते वाहनों ने हालात और भी बिगाड़ दिए हैं। शहर में करीब 6 सैकड़ा से अधिक आटो चलने के बाद दिन पर दिन जाम की स्थित बिगड़ती जा रही है।
दोपहर के वक्त स्कूलों की छुट्टी होते ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आती है। शहर में अतिक्रमण से लेकर जाम की समस्या से निपटने को कई बार अफसरों ने बैठक की, पर नतीजा ढाक के तीन पात रहा। सोमवार को जाम में फंसकर स्कूली छात्राएं भी बेहाल हो गईं, वहीं स्कूली वाहनों में बैठे बच्चे भी पानी के लिए इधर उधर ताकते नजर आए। उधर, शहर में प्रमुख मार्गो पर करीब एक दर्जन स्कूल संचालित है। कमोवेश हर स्कूल में छुट्टी की टाइमिंग में कोई खास अंतर नहीं, जिससे एक साथ यातायात शहर की सड़कों पर बढ़ने के साथ हर रोज छुट्टी के टाइम जाम लगता है। इस बारे में कई बार अफसरों के बीच चर्चाएं हुई कि स्कूलों में छुट्टी टाइम में परिवर्तन कराया जाए, पर इस ओर टाइम परिवर्तन का काम न हो सका है।
उधर, शहर की सभी सड़कों से खुलेआम टेंपो, बस एवं टैक्सी स्टैंडों का संचालन हो रहा है, जिससे सड़कों के फुटपाथ पर इन स्टैंडों का कब्जा रहता है, जिसके कारण भी यातायात बाधित होता है और जाम भी लगता है। इसके बाद भी टेंपो-टैक्सी एवं बस स्टैंडों के लिए स्थान तय नहीं किए जा रहे हैं। शहर में बाइक पर तीन सवारी और आटो तथा टेंपो में निर्धारित क्षमता से तीन गुना ज्यादा सवारी बैठाने के साथ मनमाने ढंग से फर्राटा भरने वाले वाहनों पर कोई अंकुश नहीं है। अराजक होकर चलने वाले इन वाहनों के कारण तमाम दिकतों का सामना करना पड़ता है और इसके बाद भी जिम्मेदार बेखबर बने रहते हैं।
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इंसेट---
महात्मा गांधी मार्ग-12.40 बजे
शहर कोतवाली क्षेत्र के महात्मा गांधी मार्ग पर दोपहर में कड़ाके की धूप के बीच स्कूल व कालेेजों में छुट्टी होते ही सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। ऐसे में फुटपाथों पर लगा अतिक्रमण से लोग परेशान दिखे। आलम यह था कि आड़े तिरछे खड़े वाहनों के चलते जाम और लंबा हो गया। ऐसे में एक स्कूल की बस में बैठे बच्चे पानी के लिए परेशान नजर आए। हैरत की बात तो यह है कि इस रोड पर चंद कदम की दूरी पर पिके ट पुलिस ने भी आगे बढ़कर जाम को खुलवाने की जहमत नहीं उठाई।
इंसेट---
सोल्जर बोर्ड चौराहा-अपराह्न 1.10 बजे
मुख्य चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस रहने के बावजूद यहां चालक वाहनों को अपनी मर्जी से निकाल रहे हैं। चौराहे के आसपास फुटपाथों पर अतिक्रमण जाम की स्थिति को और भी बिगाड़े हुए हैं। छोटे वाहनों के बीच फंसे आटो चालक अपनी मर्जी से आटो निकालने की कोशिश करते देखे गए। इसी बीच जिला अस्पताल रोड की ओर से आ रहे ट्रक के चौराहे पर रुकने से आवागमन बाधित हो गया। इस चौराहे पर भी जाम को खुलवाने की कोशिश महज खानापूरी करती दिखी।
इंसेट---
महात्मा गांधी मार्ग-1.40 बजे
नुमाइश चौराहे से बड़ा चौराहा जाने वाले महात्मा गांधी मार्ग पर वेणीमाधव इंटर कालेज, बाल विहार स्कूल है। दोपहर 1.40 बजे छुट्टी होते ही जब कालेज की छात्राएं व बच्चे बाहर निकले तो वाहनों के बीच फंस गए। धूप मेें बच्चे बेहाल दिखे, वहीं वाहनों में बैठे लोग भी परेशान दिखे। इस रोड पर भी फुटपाथ पर अतिक्रमण जाम के झाम को बढ़ाने को काफी हैं। वीआईपी मार्ग होने के बावजूद जिम्मेदार इस ओर बेखबर रहते हैं। हैरत की बात है कि चंद कदम की दूरी पर स्थित चौकी पुलिस भी इस ओर गंभीर नजर नहीं आती।
इंसेट---
यह किए गए थे वादे---
प्रस्ताव बनने तक सिमटा बाईपास का निर्माण
हरदोई। सूबे के पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव ने बीते साल एक अक्तूबर को शहर में बाईपास बनवाने की घोषणा सांसद नरेश अग्रवाल के जन्म दिन पर की थी, पर इस पर अभी तक अमल नहीं हुआ। यही वजह है कि बढ़ता ट्रैफिक शहर के लिए बवाल-ए-जान बनता जा रहा है।
इंसेट---
आटो रिक्शा के तय रूटाें पर न हो सका संचालन
हरदोई। करीब दो माह पहले तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट डा. अशोक शुक्ला ने सीओ सिटी बीबी सिंह, एआरटीओ, पालिका व परिवहन विभाग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शहर में यातायात को लेकर निर्देश जारी किए थे, जिसमें शहर में बेलगाम होकर चलने वाले आटो रिक्शा के लिए रूट तय किए गए थे, जिसके अनुसार शहर में आटो के लिए अब रूट तय कर दिए गए थे। इन रूटों के हिसाब से आटो संचालन अभी नहीं हो सका है।
इंसेट----
बूथ-पुलिस सहायता केंद्र भी रहते दबाव में
हरदोई। यातायात को व्यवस्थित चलाने एवं अराजक यातायात पर अंकुश लगाने को एसएसपी गोविंद अग्रवाल ने शहर के कई स्थानों पर यातायात बूथ एवं पुलिस सहायता केंद्र बनाने के साथ ही वहां पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ ही नुमाइश चौराहे पर सीसीटीवी कैमरा भी लगवाया है, पर इसके बाद भी कर्मचारी किसी खास वजह से दबाव में रहते हैं। वाहन चेकिंग से लेकर यातायात नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अचानक मोबाइल फोन बजने लगते हैं और फिर हो गया नियमों का पालन।
इंसेट---
तो रफ्तार ऐसी कि डिवाइडर भी न झेल पाए
हरदोई। जिले के रफ्तार पसंद लोग या तो नियमों का पालन करना ही नहीं चाहते या फिर उनसे कोई पालन करवाना ही नहीं जानता। कारण इन दोनों में से कोई एक हों, पर सड़कों पर तेज रफ्तार के चलते डिवाइडर भी नहीं रुक पा रहे हैं। नुमाइश चौराहे से लेकर सिनेमा चौराहे तक पर डिवाइडरों पर ही लोगाें ने अपने वाहनों को चढ़ा दिया है। इससे भी अंदाजा लगाया जा सकता कि कैसे नियमों का पालन करने मेें लोग पाबंद हैं।
इंसेट---
‘शहर में यातायात को व्यवस्थित रूप से संचालित करने को हर स्तर पर यातायात कर्मियों को सजगता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इस ओर बैठक कर और जरूरी प्रबंध कराए जाएंगे।’ गोविंद अग्रवाल, एसएसपी
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दोपहर के वक्त स्कूलों की छुट्टी होते ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आती है। शहर में अतिक्रमण से लेकर जाम की समस्या से निपटने को कई बार अफसरों ने बैठक की, पर नतीजा ढाक के तीन पात रहा। सोमवार को जाम में फंसकर स्कूली छात्राएं भी बेहाल हो गईं, वहीं स्कूली वाहनों में बैठे बच्चे भी पानी के लिए इधर उधर ताकते नजर आए। उधर, शहर में प्रमुख मार्गो पर करीब एक दर्जन स्कूल संचालित है। कमोवेश हर स्कूल में छुट्टी की टाइमिंग में कोई खास अंतर नहीं, जिससे एक साथ यातायात शहर की सड़कों पर बढ़ने के साथ हर रोज छुट्टी के टाइम जाम लगता है। इस बारे में कई बार अफसरों के बीच चर्चाएं हुई कि स्कूलों में छुट्टी टाइम में परिवर्तन कराया जाए, पर इस ओर टाइम परिवर्तन का काम न हो सका है।
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उधर, शहर की सभी सड़कों से खुलेआम टेंपो, बस एवं टैक्सी स्टैंडों का संचालन हो रहा है, जिससे सड़कों के फुटपाथ पर इन स्टैंडों का कब्जा रहता है, जिसके कारण भी यातायात बाधित होता है और जाम भी लगता है। इसके बाद भी टेंपो-टैक्सी एवं बस स्टैंडों के लिए स्थान तय नहीं किए जा रहे हैं। शहर में बाइक पर तीन सवारी और आटो तथा टेंपो में निर्धारित क्षमता से तीन गुना ज्यादा सवारी बैठाने के साथ मनमाने ढंग से फर्राटा भरने वाले वाहनों पर कोई अंकुश नहीं है। अराजक होकर चलने वाले इन वाहनों के कारण तमाम दिकतों का सामना करना पड़ता है और इसके बाद भी जिम्मेदार बेखबर बने रहते हैं।
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महात्मा गांधी मार्ग-12.40 बजे
शहर कोतवाली क्षेत्र के महात्मा गांधी मार्ग पर दोपहर में कड़ाके की धूप के बीच स्कूल व कालेेजों में छुट्टी होते ही सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। ऐसे में फुटपाथों पर लगा अतिक्रमण से लोग परेशान दिखे। आलम यह था कि आड़े तिरछे खड़े वाहनों के चलते जाम और लंबा हो गया। ऐसे में एक स्कूल की बस में बैठे बच्चे पानी के लिए परेशान नजर आए। हैरत की बात तो यह है कि इस रोड पर चंद कदम की दूरी पर पिके ट पुलिस ने भी आगे बढ़कर जाम को खुलवाने की जहमत नहीं उठाई।
इंसेट---
सोल्जर बोर्ड चौराहा-अपराह्न 1.10 बजे
मुख्य चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस रहने के बावजूद यहां चालक वाहनों को अपनी मर्जी से निकाल रहे हैं। चौराहे के आसपास फुटपाथों पर अतिक्रमण जाम की स्थिति को और भी बिगाड़े हुए हैं। छोटे वाहनों के बीच फंसे आटो चालक अपनी मर्जी से आटो निकालने की कोशिश करते देखे गए। इसी बीच जिला अस्पताल रोड की ओर से आ रहे ट्रक के चौराहे पर रुकने से आवागमन बाधित हो गया। इस चौराहे पर भी जाम को खुलवाने की कोशिश महज खानापूरी करती दिखी।
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महात्मा गांधी मार्ग-1.40 बजे
नुमाइश चौराहे से बड़ा चौराहा जाने वाले महात्मा गांधी मार्ग पर वेणीमाधव इंटर कालेज, बाल विहार स्कूल है। दोपहर 1.40 बजे छुट्टी होते ही जब कालेज की छात्राएं व बच्चे बाहर निकले तो वाहनों के बीच फंस गए। धूप मेें बच्चे बेहाल दिखे, वहीं वाहनों में बैठे लोग भी परेशान दिखे। इस रोड पर भी फुटपाथ पर अतिक्रमण जाम के झाम को बढ़ाने को काफी हैं। वीआईपी मार्ग होने के बावजूद जिम्मेदार इस ओर बेखबर रहते हैं। हैरत की बात है कि चंद कदम की दूरी पर स्थित चौकी पुलिस भी इस ओर गंभीर नजर नहीं आती।
इंसेट---
यह किए गए थे वादे---
प्रस्ताव बनने तक सिमटा बाईपास का निर्माण
हरदोई। सूबे के पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव ने बीते साल एक अक्तूबर को शहर में बाईपास बनवाने की घोषणा सांसद नरेश अग्रवाल के जन्म दिन पर की थी, पर इस पर अभी तक अमल नहीं हुआ। यही वजह है कि बढ़ता ट्रैफिक शहर के लिए बवाल-ए-जान बनता जा रहा है।
इंसेट---
आटो रिक्शा के तय रूटाें पर न हो सका संचालन
हरदोई। करीब दो माह पहले तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट डा. अशोक शुक्ला ने सीओ सिटी बीबी सिंह, एआरटीओ, पालिका व परिवहन विभाग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शहर में यातायात को लेकर निर्देश जारी किए थे, जिसमें शहर में बेलगाम होकर चलने वाले आटो रिक्शा के लिए रूट तय किए गए थे, जिसके अनुसार शहर में आटो के लिए अब रूट तय कर दिए गए थे। इन रूटों के हिसाब से आटो संचालन अभी नहीं हो सका है।
इंसेट----
बूथ-पुलिस सहायता केंद्र भी रहते दबाव में
हरदोई। यातायात को व्यवस्थित चलाने एवं अराजक यातायात पर अंकुश लगाने को एसएसपी गोविंद अग्रवाल ने शहर के कई स्थानों पर यातायात बूथ एवं पुलिस सहायता केंद्र बनाने के साथ ही वहां पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ ही नुमाइश चौराहे पर सीसीटीवी कैमरा भी लगवाया है, पर इसके बाद भी कर्मचारी किसी खास वजह से दबाव में रहते हैं। वाहन चेकिंग से लेकर यातायात नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अचानक मोबाइल फोन बजने लगते हैं और फिर हो गया नियमों का पालन।
इंसेट---
तो रफ्तार ऐसी कि डिवाइडर भी न झेल पाए
हरदोई। जिले के रफ्तार पसंद लोग या तो नियमों का पालन करना ही नहीं चाहते या फिर उनसे कोई पालन करवाना ही नहीं जानता। कारण इन दोनों में से कोई एक हों, पर सड़कों पर तेज रफ्तार के चलते डिवाइडर भी नहीं रुक पा रहे हैं। नुमाइश चौराहे से लेकर सिनेमा चौराहे तक पर डिवाइडरों पर ही लोगाें ने अपने वाहनों को चढ़ा दिया है। इससे भी अंदाजा लगाया जा सकता कि कैसे नियमों का पालन करने मेें लोग पाबंद हैं।
इंसेट---
‘शहर में यातायात को व्यवस्थित रूप से संचालित करने को हर स्तर पर यातायात कर्मियों को सजगता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इस ओर बैठक कर और जरूरी प्रबंध कराए जाएंगे।’ गोविंद अग्रवाल, एसएसपी