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Hardoi News: चार साल से 69 वेंटिलेटर फांक रहे धूल, मरीजों की फूल रही सांस

Tue, 22 Jul 2025 11:04 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 11:04 PM IST
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69 ventilators are gathering dust for four years, patients are having difficulty breathing
हरदोई। मेडिकल कॉलेज के पास चार साल से 69 वेंटिलेटर हैं लेकिन एक भी वेंटिलेटर टेक्नीशियन तैनात नहीं है। इस कारण वेंटिलेटर एक कमरे में बंद पड़े धूल खा रहे हैं। इलाज के अभाव में गंभीर मरीजों की सांस फूल रही है। ऐसे मरीजों को गैर जनपद रेफर करना मेडिकल काॅलेज की मजबूरी बन गई है।
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वेंटिलेटर होने और टेक्नीशियन न होने का खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई एक जानकारी से हुआ है। कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर के बीच विभिन्न माध्यमों से वेंटिलेटर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए गए थे। कुछ वेंटिलेटर पीएम केयर फंड से मिले थे तो कुछ वेंटिलेटर विभिन्न जनप्रतिनिधियों की निधि से एकत्र हुए बजट से भी आए थे। वर्ष 2021 में वेंटिलेटर मेडिकल कॉलेज के पास आ गए थे।
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सामाजिक कार्यकर्ता उदित पाठक ने बीते दिनों वेंटिलेटर की उपलब्धता और टेक्नीशियन की तैनाती के बारे में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी।



मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने इसके जवाब में बताया है कि कुल 69 वेंटिलेटर अस्पताल में उपलब्ध हैं। वेंटिलेटर चलाने के लिए कोई टेक्नीशियन कार्यरत न होने की जानकारी भी सीएमएस ने दी है। मतलब यह कि चार साल से ज्यादा समय से 69 वेंटिलेटर मेडिकल कॉलेज के एक कक्ष में बंद हैं।
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इनसेट



पहले खुद सीखेंगे फिर सबको सिखाएंगे



मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई बताते हैं कि वेंटिलेटर का संचालन आसान नहीं होता। इसकी बारीकियां सीखने के लिए मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड के प्रभारी डॉ. अमित आनंद दो नर्सिंग स्टाफ के साथ पीजीआई लखनऊ जाएंगे। 10 अगस्त को एक दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल होंगे। वापस आने पर डॉ. अमित आनंद और नर्सिंग स्टाफ बाकी के चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ काे वेंटिलेटर संचालन की बारीकियों का प्रशिक्षण देंगे।




इनसेट



...कोई प्रयास नहीं हुआ



मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई बताते हैं कि आउटसोर्सिंग के जरिए वेंटिलेटर टेक्नीशियनों की तैनाती की जा सकती थी। तल्ख लहजे में उन्होंने कहा कि शायद पहले कभी कोई प्रयास ही नहीं हुआ। इतने पदों पर भर्ती होती है, तो वेंटिलेटर टेक्नीशियन के पद पर भी हो सकती थी।
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