फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   54 lakhs approved for cleaning of Kali river track and Neem river

Hardoi News: काली नदी की पटरी और नीम नदी सफाई के लिए 54 लाख मंजूर

Wed, 25 Jun 2025 01:36 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Jun 2025 01:36 AM IST
विज्ञापन
54 lakhs approved for cleaning of Kali river track and Neem river
काली नदी की सफाई करते मजदूर। - फोटो : Sanvad
भूजलस्तर बढ़ाने के ब्लॉक स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गांवों में तालाब खुदवाने के साथ ही अब ब्लॉक द्वारा नीम नदी की सफाई और काली नदी के पटरी सफाई का कार्य कराने के लिए बजट पास किया गया है। मनरेगा योजना के तहत काली नदी की पटरी सफाई के लिए 32 लाख और नीम नदी की सफाई के लिए करीब 22 लाख रुपये का बजट पास हुआ है।
विज्ञापन



काली नदी पर अतरौली के गांव रायपुर मुजफ्ता, आलमपुर, गदाईपुर, गांव खेड़ा, नरौना आकापुर, मीरगढ़ी, गोवली, चैंडौली बुजुर्ग, भवीगढ़, अहमदपुरा से होते हुए कौरह रघूपुरा तक पटरी सफाई का कार्य कराया जाएगा। वी-शेप में पटरी बनेगी और पटरी के सहारे बनी नालियों की सफाई होगी, जिससे उनमें होते हुए पानी काली नदी में जा सके। इस पर करीब 32 लाख रुपये खर्च होंगे और करीब 13 हजार मानव दिवस सृजित होंगे।
विज्ञापन

इसके साथ ही गांव चकाथल, बैजला, मलहपुर, मोहम्मपुर बढ़ेरा, कनकपुर, कुंजलपुर, धुर्रा प्रेमनगर, पनेहरा, महका, डडार अलूपुरा आदि स्थानों पर नीम नदी की सफाई-खुदाई का कार्य किया जाएगा। इसके लिए करीब 22 लाख रुपये का बजट मनरेगा से पास हुआ है। इसके निर्माण पर करीब नौ हजार मानव दिवस सृजित होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन



काली नदी में पानी जाने से बढ़ेगा बहाव
काली नदी के किनारे झाड़ियां उग आई हैं। इससे किसानों को खेतों पर काम करते वक्त डर लगा रहता है। काली नदी में मगरमच्छ भी हैं। रामेश्वर, विजयपाल, वीरेंद्र, कालीचरन आदि किसानों ने कहा कि यदि काली नदी की पटरी सफाई होकर झाड़ियां कट जाएंगी तो किसानों को भी राहत मिलेगी। साथ ही बरसात के दौरान खेतों में भरने वाला अनावश्यक पानी तेज बहाव के साथ बनाए गए स्थान से काली नदी में जा सकता है, जिससे पानी की रफ्तार बढ़ने से काली पानी में कुछ हद तक सफाई भी हो सकती है। बारिश के दौरान कटान से भी राहत मिलेगी।


नीम नदी को पुराने स्वरूप में लाने की कोशिश

नीम नदी को कई गांवों में लोगों ने काटकर अपने खेतों में मिला लिया है। इसकी खुदाई और सफाई के दौरान उसको मूल स्वरूप में लाने की विभाग कोशिश कर रहा है।

- नदियों की सफाई होने से आसपास के किसानों को भी राहत मिलेगी और भूजल स्तर बढ़ाने में भी इससे मदद मिलती है। काली नदी की पटरी सफाई पर करीब 32 लाख रुपये खर्च होंगे।- वेदप्रकाश, बीडीओ




- मनरेगा से एक साथ 21 गांवों के लोगों को घर में ही काम मिलेगा। भूजल स्तर बढ़ने और सफाई कार्य से किसानों को लाभ होगा। नीम नदी की सफाई पर करीब 22 लाख का खर्च आएगा।- नवीन कुमार, एपीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed