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कुरान पढना और पढ़ाना बेहतरीन अमल: उलेमा
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देहलिया गांव के जामिया माअहदुल फिरदौस में मंगलवार को जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्रों के सिरों पर दस्तार बांधकर उन्हें हाफिज की उपाधि से नवाजा गया। दीनी वक्ताओं ने कहा कि हाफिज-ए-कुरआन के सिर पर कयामत के दिन ऐसा ताज पहनाया जाएगा, जिसके आगे चांद और सूरज की रोशनी भी फीकी लगेगी।
कार्यक्रम में छात्र मोहम्मद अब्दुल्लाह, मोहम्मद मुकीम व मोहम्मद इस्लाम को कुरान कंठस्थ करने पर हाफिज की उपाधि देने के साथ ही उपहार भी दिए गए। मदरसा प्रबंधक मौलाना फुरकान नदवी ने मदरसे की शैक्षिक गतिविधियों व योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हाफिज मोहम्मद अबरार ने दीनी तालीम की अहमियत पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि जमीयत उलेमा सिंधौली के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल करीम, विशिष्ट अतिथि मदरसा जहूरुल इस्लाम खुर्रम नगर के संचालक मौलाना मोहम्मद खलीक, मुफ्ती जावेद कासमी व संचालक मौलाना मोहम्मद फैजान नदवी ने तकरीर की।
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कहा कि इस्लाम इंसानियत की शिक्षा देता है, हमें इन शिक्षाओं को व्यवहारिक रूप से दुनिया के सामने पेश करना चाहिए। उलेमा ने कहा कि कुरान पढ़ना और पढ़ाना सबसे बेहतर अमल है। बच्चों को दीनी व दुनियावी, दोनों शिक्षा देनी चाहिए।
छात्रा शगूफा, सुंबुल, रुबीना, रहमतुन्निसा व बुशरा आदि ने भी तकरीर की। जलसा हाफिज अब्दुल्लाह की तिलावत से शुरू हुआ। मोहम्मद जैद ने नात पढ़ी। सामूहिक दुआ पर जलसा संपन्न हुआ। इस मौके पर मौलाना मसीहुद्दीन नदवी, हाफिज सलीमुल्लाह, मौलाना अताउल्लाह, हाफिज अमीन, हाफिज मोहम्मद हबीब, हाफिज मोहम्मद हसन, मुफ्ती जावेद कासमी, हाफिज मोहम्मद आसिफ, हाफिज मोहम्मद रजीउद्दीन आदि मौजूद रहे।
कुरान पढ़ना और पढ़ाना बेहतरीन अमल : उलेमा
देहलिया के जामिया माअहदुल फिरदौस में आयोजित हुआ जलसा दस्तारबंदी
तीन छात्रों को हाफिज ए कुरान की उपाधि से नवाजा गया
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कार्यक्रम में छात्र मोहम्मद अब्दुल्लाह, मोहम्मद मुकीम व मोहम्मद इस्लाम को कुरान कंठस्थ करने पर हाफिज की उपाधि देने के साथ ही उपहार भी दिए गए। मदरसा प्रबंधक मौलाना फुरकान नदवी ने मदरसे की शैक्षिक गतिविधियों व योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हाफिज मोहम्मद अबरार ने दीनी तालीम की अहमियत पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि जमीयत उलेमा सिंधौली के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल करीम, विशिष्ट अतिथि मदरसा जहूरुल इस्लाम खुर्रम नगर के संचालक मौलाना मोहम्मद खलीक, मुफ्ती जावेद कासमी व संचालक मौलाना मोहम्मद फैजान नदवी ने तकरीर की।
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कहा कि इस्लाम इंसानियत की शिक्षा देता है, हमें इन शिक्षाओं को व्यवहारिक रूप से दुनिया के सामने पेश करना चाहिए। उलेमा ने कहा कि कुरान पढ़ना और पढ़ाना सबसे बेहतर अमल है। बच्चों को दीनी व दुनियावी, दोनों शिक्षा देनी चाहिए।
छात्रा शगूफा, सुंबुल, रुबीना, रहमतुन्निसा व बुशरा आदि ने भी तकरीर की। जलसा हाफिज अब्दुल्लाह की तिलावत से शुरू हुआ। मोहम्मद जैद ने नात पढ़ी। सामूहिक दुआ पर जलसा संपन्न हुआ। इस मौके पर मौलाना मसीहुद्दीन नदवी, हाफिज सलीमुल्लाह, मौलाना अताउल्लाह, हाफिज अमीन, हाफिज मोहम्मद हबीब, हाफिज मोहम्मद हसन, मुफ्ती जावेद कासमी, हाफिज मोहम्मद आसिफ, हाफिज मोहम्मद रजीउद्दीन आदि मौजूद रहे।
कुरान पढ़ना और पढ़ाना बेहतरीन अमल : उलेमा
देहलिया के जामिया माअहदुल फिरदौस में आयोजित हुआ जलसा दस्तारबंदी
तीन छात्रों को हाफिज ए कुरान की उपाधि से नवाजा गया