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तीन दशक बाद कल्यानमल माइनर की टेल तक पहुंचा पानी
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फोटो-23-भईयालाल। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। लगभग तीन दशक बाद सोमवार को शारदा नहर की लखनऊ ब्रांच के कल्यानमल माइनर में टेल तक सिंचाई के लिए पानी पहुंच गया। टेल तक पानी पहुंचने से किसानों को सिंचाई के लिए निजी या किराए के साधनों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।
शारदा नहर की लखनऊ ब्रांच से ही कल्यानमल रायपुर माइनर निकला है। लगभग आठ किलोमीटर लंबे इस माइनर की टेल तक पिछले लगभग तीन दशक से पानी नहीं पहुंचता था। इसके कारण रायपुर देवपाई, लोधखेड़ा आदि गांवों में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता था। माइनर से पानी न मिलने के कारण किसानों को निजी अथवा किराये के संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ती थी। सिंचाई विभाग के अभियंताओं से भी स्थानीय किसानों ने टेल तक पानी न पहुंचने की समस्या बताई थी। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के सहायक अभियंता राकेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में टेल तक पानी पहुंचाने की कवायद शुरू हुई थी। इस बार माइनर की सफाई गहराई से कराई गई तो पानी टेल तक पहुंच गया। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग तीन दशक बाद माइनर की टेल तक पानी पहुंचा है और इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।
किसान भईयालाल बताते हैं कि लगभग तीन दशक पहले माइनर में आखिरी छोर तक पानी आया था। इसके बाद अब पानी टेल तक आया है। इससे किसानों को सिंचाई में काफी मदद मिलेगी।
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मेवालाल ने बताया कि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी की समस्या होती थी। उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद माइनर में भरपूर पानी आया है और इससे किसानों को राहत मिली है।
शिव प्रसाद गिरि बताते हैं कि माइनर में टेल तक पानी आने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। पिछले वर्ष भी टेल तक पानी पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन तब पानी नहीं पहुंचा था। इस बार पानी टेल तक आया है।
फोटो-26-छोटेलाल। संवाद
छोटेलाल कहते हैं कि उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि टेल तक पानी पहुंचेगा। इस बार गहराई से माइनर साफ कराया गया, तो टेल तक पानी आ गया है। अब किसानों को सिंचाई में परेशानी नहीं होगी।
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शारदा नहर की लखनऊ ब्रांच से ही कल्यानमल रायपुर माइनर निकला है। लगभग आठ किलोमीटर लंबे इस माइनर की टेल तक पिछले लगभग तीन दशक से पानी नहीं पहुंचता था। इसके कारण रायपुर देवपाई, लोधखेड़ा आदि गांवों में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता था। माइनर से पानी न मिलने के कारण किसानों को निजी अथवा किराये के संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ती थी। सिंचाई विभाग के अभियंताओं से भी स्थानीय किसानों ने टेल तक पानी न पहुंचने की समस्या बताई थी। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के सहायक अभियंता राकेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में टेल तक पानी पहुंचाने की कवायद शुरू हुई थी। इस बार माइनर की सफाई गहराई से कराई गई तो पानी टेल तक पहुंच गया। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग तीन दशक बाद माइनर की टेल तक पानी पहुंचा है और इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।
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किसान भईयालाल बताते हैं कि लगभग तीन दशक पहले माइनर में आखिरी छोर तक पानी आया था। इसके बाद अब पानी टेल तक आया है। इससे किसानों को सिंचाई में काफी मदद मिलेगी।
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मेवालाल ने बताया कि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी की समस्या होती थी। उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद माइनर में भरपूर पानी आया है और इससे किसानों को राहत मिली है।
शिव प्रसाद गिरि बताते हैं कि माइनर में टेल तक पानी आने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। पिछले वर्ष भी टेल तक पानी पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन तब पानी नहीं पहुंचा था। इस बार पानी टेल तक आया है।
फोटो-26-छोटेलाल। संवाद
छोटेलाल कहते हैं कि उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि टेल तक पानी पहुंचेगा। इस बार गहराई से माइनर साफ कराया गया, तो टेल तक पानी आ गया है। अब किसानों को सिंचाई में परेशानी नहीं होगी।

फोटो-24- मेवालाल। संवाद- फोटो : HARDOI

फोटो-25- शिव प्रसाद गिरि। संवाद- फोटो : HARDOI

फोटो-26- छोटे लाल। संवाद- फोटो : HARDOI

फोटो-27-कल्यानमल माइनर में बहता पानी। संवादं- फोटो : HARDOI