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जनपद के 111 प्राइवेट अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट निस्तारण का इंतजाम नहीं
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चिकित्सालयों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट का निस्तारण वास्तव में सिर्फ कागजों में ही हो रहा है। हकीकत तो यह है कि जनपद के 142 में से 111 प्राइवेट नर्सिंग होम/पैथालॉजी में मेडिकल वेस्ट निस्तारण का इंतजाम नहीं है। इसके चलते इन सभी को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं हासिल है।
अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने के निर्देश सभी सरकारी और प्राइवेट चिकित्सालयों के साथ ही पैथालॉजी को भी है। नियम के मुताबिक अस्पतालों से अलग-अलग तरह का कचरा अलग कूड़ेदान में ही डाला जाना चाहिए।
इससे इतर निडिल यानी सुई को नष्ट करने का प्रावधान है। जिला चिकित्सालय परिसर में बड़ी संख्या में अलग-अलग रंग के कूड़ेदान इसी मंशा से लगाए गए थे कि मानक के अनुसार मेडिकल वेस्ट संबंधित कूड़ेदानों में फेंका जाएगा।
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हकीकत यह है कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन यानी बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का इंतजाम कागजों में ही सीमित है। यह हाल तब है जबकि जिला अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए प्राइवेट क्षेत्र की एक कंपनी को अधिकृत किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो जनपद में कुल 142 प्राइवेट नर्सिंग होम, पैथालॉजी हैं। इनमें से सिर्फ 31 के पास बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का इंतजाम है और इसीलिए सिर्फ 31 को ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल है। 111 प्राइवेट नर्सिंग होम/पैथालॉजी के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है।
जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के नोडल अधिकारी डॉ. स्वामी दयाल कहते हैं कि जिला अस्पताल में मेडिकल बायो वेस्ट का निस्तारण सही ढंग से किया जा रहा है। कुछ प्राइवेट संस्थानों में इसका इंतजाम नहीं है।
जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के नोडल अधिकारी डॉ. स्वामी दयाल ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का पर्याप्त इंतजाम न होने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के अलग-अलग इलाकों में चल रहे 111 नर्सिंग होम/पैथालॉजी को नोटिस जारी की है। नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने पर विभागीय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गठित यूपी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनीटरिंग कमेटी की मौजूदगी में बैठक शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में होगी। बैठक में देवीप्रसाद सिंह के अलावा जिलाधिकारी पुलकित खरे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके रावत भी मौजूद रहेंगे।
111 निजी अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट निस्तारण का इंतजाम नहीं
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना ही हो रहा संचालन
जनपद में कुल 142 हैं प्राइवेट अस्पताल/पैथालॉजी
जिला अस्पताल में भी इंतजाम कागजों पर अच्छे
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अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने के निर्देश सभी सरकारी और प्राइवेट चिकित्सालयों के साथ ही पैथालॉजी को भी है। नियम के मुताबिक अस्पतालों से अलग-अलग तरह का कचरा अलग कूड़ेदान में ही डाला जाना चाहिए।
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इससे इतर निडिल यानी सुई को नष्ट करने का प्रावधान है। जिला चिकित्सालय परिसर में बड़ी संख्या में अलग-अलग रंग के कूड़ेदान इसी मंशा से लगाए गए थे कि मानक के अनुसार मेडिकल वेस्ट संबंधित कूड़ेदानों में फेंका जाएगा।
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हकीकत यह है कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन यानी बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का इंतजाम कागजों में ही सीमित है। यह हाल तब है जबकि जिला अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए प्राइवेट क्षेत्र की एक कंपनी को अधिकृत किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो जनपद में कुल 142 प्राइवेट नर्सिंग होम, पैथालॉजी हैं। इनमें से सिर्फ 31 के पास बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का इंतजाम है और इसीलिए सिर्फ 31 को ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल है। 111 प्राइवेट नर्सिंग होम/पैथालॉजी के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है।
जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के नोडल अधिकारी डॉ. स्वामी दयाल कहते हैं कि जिला अस्पताल में मेडिकल बायो वेस्ट का निस्तारण सही ढंग से किया जा रहा है। कुछ प्राइवेट संस्थानों में इसका इंतजाम नहीं है।
जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के नोडल अधिकारी डॉ. स्वामी दयाल ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का पर्याप्त इंतजाम न होने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के अलग-अलग इलाकों में चल रहे 111 नर्सिंग होम/पैथालॉजी को नोटिस जारी की है। नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने पर विभागीय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गठित यूपी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनीटरिंग कमेटी की मौजूदगी में बैठक शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में होगी। बैठक में देवीप्रसाद सिंह के अलावा जिलाधिकारी पुलकित खरे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके रावत भी मौजूद रहेंगे।
111 निजी अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट निस्तारण का इंतजाम नहीं
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना ही हो रहा संचालन
जनपद में कुल 142 हैं प्राइवेट अस्पताल/पैथालॉजी
जिला अस्पताल में भी इंतजाम कागजों पर अच्छे