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22 जून तक गोवंश आश्रय स्थलों का संचालन कराएं-डीएम
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गोवंश आश्रय स्थलों का कार्य 22 जून तक शत प्रतिशत पूरा करें। लॉग रजिस्टर पर भी पूरा विवरण अंकित करें। ऐसा न करने वाले ग्राम प्रधानों के खाते सीज किए जाएंगे।
वीडीओ व पशु चिकित्सक को सस्पेंड कर बीडीओ व एडीओ को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए। रसखान प्रेक्षागृह में बुधवार को गोवंश आश्रय स्थलों की समीक्षा बैठक में ये निर्देश डीएम पुलकित खरे ने दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता वाली योजनाओं में से गोवंश आश्रय स्थल सबसे महत्वपूर्ण योजना है। इसका संचालन 22 जून तक शत प्रतिशत पूरा करें।
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उन्होंने कहा कि इस योजना में बाधक बने लोगों पर एफआईआर दर्ज कराएं। आश्रय स्थलों की समीक्षा में शत-प्रतिशत काम न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
कहा कि यह एक टीम वर्क है, जिसमें बीडीओ, एडीओ, पशु चिकित्सक, ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की समान जिम्मेदारी है। इसके लिए बजट भी उपलब्ध करा दिया गया है।
इस मौके पर पर सीडीओ आनंद कुमार सहित संबंधित स्थलों के ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, पशु चिकित्सक, खंड विकास अधिकारी व एडीओ पंचायत मौजूद रहे।
22 तक गोवंश आश्रय स्थल पूरे न मिले तो होगी कार्रवाई
योजना में बाधक लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने के डीएम ने दिए आदेश
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वीडीओ व पशु चिकित्सक को सस्पेंड कर बीडीओ व एडीओ को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए। रसखान प्रेक्षागृह में बुधवार को गोवंश आश्रय स्थलों की समीक्षा बैठक में ये निर्देश डीएम पुलकित खरे ने दिए।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता वाली योजनाओं में से गोवंश आश्रय स्थल सबसे महत्वपूर्ण योजना है। इसका संचालन 22 जून तक शत प्रतिशत पूरा करें।
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उन्होंने कहा कि इस योजना में बाधक बने लोगों पर एफआईआर दर्ज कराएं। आश्रय स्थलों की समीक्षा में शत-प्रतिशत काम न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
कहा कि यह एक टीम वर्क है, जिसमें बीडीओ, एडीओ, पशु चिकित्सक, ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की समान जिम्मेदारी है। इसके लिए बजट भी उपलब्ध करा दिया गया है।
इस मौके पर पर सीडीओ आनंद कुमार सहित संबंधित स्थलों के ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, पशु चिकित्सक, खंड विकास अधिकारी व एडीओ पंचायत मौजूद रहे।
22 तक गोवंश आश्रय स्थल पूरे न मिले तो होगी कार्रवाई
योजना में बाधक लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने के डीएम ने दिए आदेश