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1395 लीटर खाद्य तेल सीज, नमूने भरे गए
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संडीला। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संदेह के आधार पर 1395 लीटर खाद्य तेल से भरे ड्रमों को सीज किया है। साथ ही जांच के लिए तेल के नमूने भी लिए है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक का कहना है कि इन तेलों की बिक्री का अधिकार लाइसेंस धारक फर्मों को ही है। खाद्य तेलों के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि संडीला कोतवाली क्षेत्र के उन्नाव रोड पर बड़े ट्रक (डाला) से भारी मात्रा में खाद्य तेल लाए जाने की जानकारी मिली थी। इस पर टीम मौके पर पहुंची और खाद्य तेल को सीज कर दिया गया।
खाद्य तेलों से भरे छह ड्रम लेकर आ रहे संडीला के मुरादनगर निवासी हरवीर सिंह ने बताया कि वह कानपुर की एक फैक्ट्री से यह तेल लेकर आया है। यहां की दूध डेयरी पर यह खाद्य तेल बेचने के लिए लेकर आया है।
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक कानपुर की फैक्ट्री से व्यक्तिगत नाम से अलग-अलग बिलिंग की गई है। जिस व्यक्ति के नाम से बिलिंग की गई है, उसके पास खाद्य विभाग का लाइसेंस नहीं है।
मामले की सूचना पुलिस और जीएसटी विभाग को दी गई है । तेल को सीज करने के बाद संबंधित व्यक्ति की सुपुुर्दगी में दे दिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिरुद्ध गंगवार, अजित सिंह, खुशीराम मौजूद रहे ।
ड्रमों में भरा है यह तेल
सीज किए गए छह ड्रमों में 600 लीटर पॉम ऑयल, 600 लीटर सर्बिटाल ऑयल व 195 लीटर कोकोनट ऑयल है। इन खाद्य तेलों की खुले बाजार में बिक्री खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस प्राप्त फर्में ही कर सकती है ।
दूध बनाने के लिए होता है उपयोग
खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ सतीश कुमार ने बताया कि किसी व्यक्ति के नाम पर बिलिंग किए जाने के कारण शक है कि इन तेलों को मिलावट के लिए लाया गया है। दूध में फैट बढ़ाने आदि के लिए दुग्ध उत्पादों में इनकी खाद्य तेलों की मिलावट की जाती है।
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक का कहना है कि इन तेलों की बिक्री का अधिकार लाइसेंस धारक फर्मों को ही है। खाद्य तेलों के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि संडीला कोतवाली क्षेत्र के उन्नाव रोड पर बड़े ट्रक (डाला) से भारी मात्रा में खाद्य तेल लाए जाने की जानकारी मिली थी। इस पर टीम मौके पर पहुंची और खाद्य तेल को सीज कर दिया गया।
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खाद्य तेलों से भरे छह ड्रम लेकर आ रहे संडीला के मुरादनगर निवासी हरवीर सिंह ने बताया कि वह कानपुर की एक फैक्ट्री से यह तेल लेकर आया है। यहां की दूध डेयरी पर यह खाद्य तेल बेचने के लिए लेकर आया है।
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक कानपुर की फैक्ट्री से व्यक्तिगत नाम से अलग-अलग बिलिंग की गई है। जिस व्यक्ति के नाम से बिलिंग की गई है, उसके पास खाद्य विभाग का लाइसेंस नहीं है।
मामले की सूचना पुलिस और जीएसटी विभाग को दी गई है । तेल को सीज करने के बाद संबंधित व्यक्ति की सुपुुर्दगी में दे दिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिरुद्ध गंगवार, अजित सिंह, खुशीराम मौजूद रहे ।
ड्रमों में भरा है यह तेल
सीज किए गए छह ड्रमों में 600 लीटर पॉम ऑयल, 600 लीटर सर्बिटाल ऑयल व 195 लीटर कोकोनट ऑयल है। इन खाद्य तेलों की खुले बाजार में बिक्री खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस प्राप्त फर्में ही कर सकती है ।
दूध बनाने के लिए होता है उपयोग
खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ सतीश कुमार ने बताया कि किसी व्यक्ति के नाम पर बिलिंग किए जाने के कारण शक है कि इन तेलों को मिलावट के लिए लाया गया है। दूध में फैट बढ़ाने आदि के लिए दुग्ध उत्पादों में इनकी खाद्य तेलों की मिलावट की जाती है।