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Hapur News: हापुड़ में भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए महिला को बुलाया, टीम को देख अमरोहा की सीमा में घुसे
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हापुड़। महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग परीक्षण का खेल हापुड़ में करने की तैयारी थी। बुलंदशहर से महिला को हापुड़ के ततारपुर बाईपास पर भी बुला लिया गया। इसकी भनक लगते ही स्वास्थ्य विभाग ने टीम गठित की लेकिन शातिर उक्त महिला को गाड़ी में बिठाकर अमरोहा जिले की सीमा में प्रवेश कर गए। जिस कारण स्थानीय टीम को सफलता नहीं मिल सकी।
दरअसल हरियाणा में यह गैंग बेहद सक्रिय है, जो हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ समेत आसपास के जिलों में जाल बिछाए हुए हैं। इस गैंग के गुर्गे गर्भवती महिलाओं को भ्रूण की जांच के लिए तैयार करते हैं। हापुड़ एनसीआर का नजदीकी होने के साथ ही कई जिलों से जुड़ा है, ऐसे में इन जिलों की महिलाओं को अधिकांशत हापुड़ में ही बुलाया जाता है। पहले भी एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री द्वारा ऐसे कई प्रकरण पकड़े गए हैं।
हाल ही में पीसीपीएनडीटी के नोडल डॉ. योगेश गुप्ता को सूचना मिली कि हापुड़ में लिंग परीक्षण करने की तैयारी है। मुखबिर की सटीक सूचना मिलने पर अधिकारियों ने टीम गठित कर दी और इन शातिरों को रंगे हाथ पकड़ने की योजना भी बना ली। बुलंदशहर की महिला को हापुड़ के ततारपुर बाईपास पर बुलाया गया, जहां से उसे एक गाड़ी में बैठा लिया गया।
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टीम में शामिल अधिकारियों को अंदेशा था कि गढ़ या बहादुरगढ़ में कहीं भी लिंग परीक्षण किया जा सकता है। क्योंकि पहले भी इन क्षेत्रों में ऐसे प्रकरण पकड़े गए हैं। विभागीय टीम उक्त गाड़ी का करीब 50 किलोमीटर तक पीछा करती रही लेकिन शक होने पर लिंग परीक्षण हापुड़ में नहीं हुआ, बल्कि वह महिला को लेकर गंगा पार कर गए और अमरोहा जिले की सीमा में पहुंच गए। इस पर टीम वहीं रुक गई, उन्होंने अमरोहा के अधिकारियों को इस प्रकरण से अवगत कराया है।
डॉ. योगेश गुप्ता, नोडल पीसीपीएनडीटी ने बताया कि मुखबिर ने लिंग परीक्षण को लेकर सूचना दी थी। बुलंदशहर की महिला को हापुड़ के ततारपुर बाईपास पर उक्त लोगों द्वारा बुलाया गया। फिर महिला को गाड़ी में बिठाकर वह गढ़ होते हुए अमरोहा जिले की सीमा में पहुंच गए। वहां के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। हापुड़ में लिंग परीक्षण नहीं होने दिया जाएगा।
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दरअसल हरियाणा में यह गैंग बेहद सक्रिय है, जो हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ समेत आसपास के जिलों में जाल बिछाए हुए हैं। इस गैंग के गुर्गे गर्भवती महिलाओं को भ्रूण की जांच के लिए तैयार करते हैं। हापुड़ एनसीआर का नजदीकी होने के साथ ही कई जिलों से जुड़ा है, ऐसे में इन जिलों की महिलाओं को अधिकांशत हापुड़ में ही बुलाया जाता है। पहले भी एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री द्वारा ऐसे कई प्रकरण पकड़े गए हैं।
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हाल ही में पीसीपीएनडीटी के नोडल डॉ. योगेश गुप्ता को सूचना मिली कि हापुड़ में लिंग परीक्षण करने की तैयारी है। मुखबिर की सटीक सूचना मिलने पर अधिकारियों ने टीम गठित कर दी और इन शातिरों को रंगे हाथ पकड़ने की योजना भी बना ली। बुलंदशहर की महिला को हापुड़ के ततारपुर बाईपास पर बुलाया गया, जहां से उसे एक गाड़ी में बैठा लिया गया।
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टीम में शामिल अधिकारियों को अंदेशा था कि गढ़ या बहादुरगढ़ में कहीं भी लिंग परीक्षण किया जा सकता है। क्योंकि पहले भी इन क्षेत्रों में ऐसे प्रकरण पकड़े गए हैं। विभागीय टीम उक्त गाड़ी का करीब 50 किलोमीटर तक पीछा करती रही लेकिन शक होने पर लिंग परीक्षण हापुड़ में नहीं हुआ, बल्कि वह महिला को लेकर गंगा पार कर गए और अमरोहा जिले की सीमा में पहुंच गए। इस पर टीम वहीं रुक गई, उन्होंने अमरोहा के अधिकारियों को इस प्रकरण से अवगत कराया है।
डॉ. योगेश गुप्ता, नोडल पीसीपीएनडीटी ने बताया कि मुखबिर ने लिंग परीक्षण को लेकर सूचना दी थी। बुलंदशहर की महिला को हापुड़ के ततारपुर बाईपास पर उक्त लोगों द्वारा बुलाया गया। फिर महिला को गाड़ी में बिठाकर वह गढ़ होते हुए अमरोहा जिले की सीमा में पहुंच गए। वहां के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। हापुड़ में लिंग परीक्षण नहीं होने दिया जाएगा।