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Hapur News: तीन तत्कालीन अधिशासी अभियंताओं को अवमानना नोटिस
Wed, 30 Aug 2023 10:54 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 30 Aug 2023 10:54 PM IST
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हापुड़। ऊर्जा निगम के तीन अधिशासी अभियंताओं को हाईकोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों ने धीरखेड़ा स्थित क्लासिक इंडस्ट्रीज को 65 लाख रुपये वापस नहीं किए है।
दरअसल, मामला वर्ष 2009 का है। तत्कालीन ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने धीरखेड़ा स्थित क्लासिक इंडस्ट्रीज पर छापा मारा था। अधिकारियों ने बिजली चोरी पकड़े जाने की बात कह 1.27 करोड़ का जुर्माना लगाया। याचिकाकर्ता कपिल गुप्ता ने इस कार्रवाई को मेरठ कमिश्नरी में चुनौती दी थी।
नियम के अनुसार केस डालने से पहले जुर्माने की आधी राशि 65 लाख का भुगतान कर दिया गया। सुनवाई के दौरान इस जुर्माने को गलत माना गया। करीब 14 महीने पहले कमिश्नरी से 65 लाख की धनराशि याचिकाकर्ता को वापस करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन यह पैसा वापस नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि छह महीने पहले हाईकोर्ट ने भी पैसा वापस करने के आदेश दिए थे। लेकिन इस बार भी आदेशों की अवहेलना की गई। इस मामले में अब तत्कालीन अधिशासी अभियंता मनोज कुमार समेत तीन अधिकारियों को अवमानना का नोटिस भेजा है। पीड़ित का कहना है कि अधिकारी पैसा वापस देने के नाम पर 20 फीसदी शुल्क मांग रहे हैं, इस मामले में हाईकोर्ट में भी शिकायत की है।
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दरअसल, मामला वर्ष 2009 का है। तत्कालीन ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने धीरखेड़ा स्थित क्लासिक इंडस्ट्रीज पर छापा मारा था। अधिकारियों ने बिजली चोरी पकड़े जाने की बात कह 1.27 करोड़ का जुर्माना लगाया। याचिकाकर्ता कपिल गुप्ता ने इस कार्रवाई को मेरठ कमिश्नरी में चुनौती दी थी।
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नियम के अनुसार केस डालने से पहले जुर्माने की आधी राशि 65 लाख का भुगतान कर दिया गया। सुनवाई के दौरान इस जुर्माने को गलत माना गया। करीब 14 महीने पहले कमिश्नरी से 65 लाख की धनराशि याचिकाकर्ता को वापस करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन यह पैसा वापस नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि छह महीने पहले हाईकोर्ट ने भी पैसा वापस करने के आदेश दिए थे। लेकिन इस बार भी आदेशों की अवहेलना की गई। इस मामले में अब तत्कालीन अधिशासी अभियंता मनोज कुमार समेत तीन अधिकारियों को अवमानना का नोटिस भेजा है। पीड़ित का कहना है कि अधिकारी पैसा वापस देने के नाम पर 20 फीसदी शुल्क मांग रहे हैं, इस मामले में हाईकोर्ट में भी शिकायत की है।
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