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Hapur News: नवजात को ऑक्सीजन न मिलने के मामले में जांच करेगी टीम
Tue, 12 Aug 2025 10:32 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 12 Aug 2025 10:32 PM IST
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सिंभावली। गांव बक्सर में स्थित पीएचसी पर जन्म के बाद नवजात को ऑक्सीजन न मिलने के मामले में सीएमओ ने संज्ञान लिया है। मामले में जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। टीम जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव बक्सर निवासी मोनू की पत्नी भूरी को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया। करीब दो घंटे के बाद महिला ने बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद बेटी को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स ने बच्ची को एंबुलेंस से हायर सेंटर रेफर करने की बात कहीं, तो परिजन बच्ची को स्वयं मेरठ के अस्पताल लेकर चले गए। मेरठ के अस्पताल में बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने बक्सर सीएचसी में ऑक्सीजन न मिलने और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए सीएमओ ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। मंगलवार को सिखेड़ा सीएचसी प्रभारी अमित बैसला ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। हालांकि उन्हें मौके पर आक्सीजन सिलिंडर भरे हुए मिले हैं। स्टाफ नर्स ने बताया कि बच्ची के परिजन स्वयं बच्ची को निजी अस्पताल ले गए थे। जबकि उनको सरकारी एबुलेंस से भेजने के लिए कहा गया था। अमित बैसला ने बताया कि चार सदस्यीय टीम दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को देगी।
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गांव बक्सर निवासी मोनू की पत्नी भूरी को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया। करीब दो घंटे के बाद महिला ने बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद बेटी को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स ने बच्ची को एंबुलेंस से हायर सेंटर रेफर करने की बात कहीं, तो परिजन बच्ची को स्वयं मेरठ के अस्पताल लेकर चले गए। मेरठ के अस्पताल में बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने बक्सर सीएचसी में ऑक्सीजन न मिलने और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए सीएमओ ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। मंगलवार को सिखेड़ा सीएचसी प्रभारी अमित बैसला ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। हालांकि उन्हें मौके पर आक्सीजन सिलिंडर भरे हुए मिले हैं। स्टाफ नर्स ने बताया कि बच्ची के परिजन स्वयं बच्ची को निजी अस्पताल ले गए थे। जबकि उनको सरकारी एबुलेंस से भेजने के लिए कहा गया था। अमित बैसला ने बताया कि चार सदस्यीय टीम दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को देगी।
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