{"_id":"64e4ebf2025feb8fe9062726","slug":"sugar-mill-dint-pay-hapur-news-c-135-1-hpr1001-2263-2023-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: आधा अगस्त बीता, चीनी मिलों ने किया सिर्फ 20 करोड़ का भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: आधा अगस्त बीता, चीनी मिलों ने किया सिर्फ 20 करोड़ का भुगतान
Tue, 22 Aug 2023 10:40 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 22 Aug 2023 10:40 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। जिले की दोनों चीनी मिल अगस्त महीने में सिर्फ 20 करोड़ का भुगतान कर पाई हैं। जबकि हर महीने इन मिलों को 70 करोड़ का भुगतान करने के आदेश हैं। इसमें सिंभावली मिल को 50 करोड़ और ब्रजनाथपुर मिल को 20 करोड़ का भुगतान करना है। जिला गन्ना अधिकारी ने चीनी मिलों को जल्द भुगतान के आदेश दिए हैं।
गन्ना भुगतान में विलंब किसानों का आर्थिक संकट में धकेल रहा है। हर साल रकबा भी इन्हीं कारणों से घट रहा है। डीएम की अध्यक्षता में किसानों और चीनी मिल के अधिकारियों की बैठक में हर महीने 70 करोड़ के भुगतान की शर्त तय हुई थी। लेकिन इस शर्त पर अब मिल खरे नहीं उतर रहे हैं। एसबीआई बैंक की दिल्ली शाखा के एनसीएलटी में जाने के बाद से भुगतान की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 20 अगस्त तक के आंकड़े पर ध्यान दें तो सिंभावली मिल ने सिर्फ 14 करोड़ और ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने छह करोड़ का ही भुगतान किया है। ऐसे में किसानों के खातों में समय से पैसा ही नहीं पहुंच रहा है। जिला गन्ना अधिकारी ने चीनी मिलों को चेतावनी जारी कर महीने के अंत तक लक्ष्य के अनुसार भुगतान करने के स्पष्ट आदेश दिए हैं। बता दें कि हाल ही में लक्ष्य के अनुसार भुगतान नहीं करने पर डीएम ने चीनी मिल के अधिकारियों को कोतवाली में बंद करा दिया था। मिल अधिकारियों के आश्वासन पर ही उन्हें जाने दिया गया था। लेकिन अब फिर से यह अव्यवस्था होने लगी है।
दोनों चीनी मिलों के भुगतान की स्थिति-
चीनी मिल कुल देय भुगतान
सिंभावली 500 करोड़ 274 करोड़
ब्रजनाथपुर 196 करोड़ 120 करोड़
-- -
शर्त पर खरे नहीं उतर रही चीनी मिल
जिले के चीनी मिल भुगतान की शर्त पर खरे नहीं उतर रहे हैं। जिला प्रशासन भी ढिलाई कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महीने के अंत तक पूरा भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे। - पवन हूण, जिलाध्यक्ष भाकियू।-- फोटो संख्या-- ०५
विज्ञापन
जिला प्रशासन को लेना चाहिए संज्ञान-
डीएम के समक्ष बैठक में ही चीनी मिलों ने हर महीने 70 करोड़ के भुगतान का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन अब मिल पूरी क्षमता से भुगतान नहीं कर रहे हैं। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। - दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष भाकियू टिकैत।-- फोटो संख्या-- ०६
--
कोट -
चीनी मिलों को स्पष्ट चेतावनी दे दी है, महीने के अंत तक पूरा भुगतान करा दिया जाएगा। किसानों को भुगतान संबंधी समस्या से परेशान नहीं होने दिया जाएगा।-- सना आफरीन खान, जिला गन्ना अधिकारी।
विज्ञापन
गन्ना भुगतान में विलंब किसानों का आर्थिक संकट में धकेल रहा है। हर साल रकबा भी इन्हीं कारणों से घट रहा है। डीएम की अध्यक्षता में किसानों और चीनी मिल के अधिकारियों की बैठक में हर महीने 70 करोड़ के भुगतान की शर्त तय हुई थी। लेकिन इस शर्त पर अब मिल खरे नहीं उतर रहे हैं। एसबीआई बैंक की दिल्ली शाखा के एनसीएलटी में जाने के बाद से भुगतान की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 20 अगस्त तक के आंकड़े पर ध्यान दें तो सिंभावली मिल ने सिर्फ 14 करोड़ और ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने छह करोड़ का ही भुगतान किया है। ऐसे में किसानों के खातों में समय से पैसा ही नहीं पहुंच रहा है। जिला गन्ना अधिकारी ने चीनी मिलों को चेतावनी जारी कर महीने के अंत तक लक्ष्य के अनुसार भुगतान करने के स्पष्ट आदेश दिए हैं। बता दें कि हाल ही में लक्ष्य के अनुसार भुगतान नहीं करने पर डीएम ने चीनी मिल के अधिकारियों को कोतवाली में बंद करा दिया था। मिल अधिकारियों के आश्वासन पर ही उन्हें जाने दिया गया था। लेकिन अब फिर से यह अव्यवस्था होने लगी है।
विज्ञापन
दोनों चीनी मिलों के भुगतान की स्थिति-
चीनी मिल कुल देय भुगतान
सिंभावली 500 करोड़ 274 करोड़
ब्रजनाथपुर 196 करोड़ 120 करोड़
शर्त पर खरे नहीं उतर रही चीनी मिल
जिले के चीनी मिल भुगतान की शर्त पर खरे नहीं उतर रहे हैं। जिला प्रशासन भी ढिलाई कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महीने के अंत तक पूरा भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे। - पवन हूण, जिलाध्यक्ष भाकियू।
विज्ञापन
जिला प्रशासन को लेना चाहिए संज्ञान-
डीएम के समक्ष बैठक में ही चीनी मिलों ने हर महीने 70 करोड़ के भुगतान का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन अब मिल पूरी क्षमता से भुगतान नहीं कर रहे हैं। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। - दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष भाकियू टिकैत।
कोट -
चीनी मिलों को स्पष्ट चेतावनी दे दी है, महीने के अंत तक पूरा भुगतान करा दिया जाएगा। किसानों को भुगतान संबंधी समस्या से परेशान नहीं होने दिया जाएगा।