{"_id":"58b834784f1c1b9c69830f55","slug":"student-health-deteriorated-again","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंटी कृमि की दवा खाने वाली छात्रा की तबीयत फिर बिगड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंटी कृमि की दवा खाने वाली छात्रा की तबीयत फिर बिगड़ी
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Thu, 02 Mar 2017 08:34 PM IST
विज्ञापन
छात्रा की तबीयत फिर बिगड़ी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एंटी कृमि की दवा खाने से बीमार हुई छात्रा की हालत फिर बिगड़ गई है। अनहोनी की आशंका से भयभीत परिजनों ने आनन फानन में उसे गढ़ सीएचसी में भर्ती कराया है। राष्ट्रीय कृमि दिवस के उपलक्ष्य में 28 फरवरी को गढ़, ब्रजघाट, बहादुरगढ़,
विज्ञापन
सिंभावली, नानपुर समेत समूचे क्षेत्र के सरकारी, निजी स्कूलों समेत मदरसे और आंगड़बाड़ी केंद्रों में बच्चों को पेट के कीड़े मारने वाली दवा एल्बेंडाजोल खिलाई गई थीं। दवा खाने के बाद बहादुरगढ़ क्षेत्र के पसवाड़ा गांव स्थित देव मेमोरियल स्कूल के 30 बच्चों की हालत बिगड़ गई थी।
विज्ञापन
स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को गढ़ सीएचसी में भर्ती कराया था। जहां, प्राथमिक इलाज के बाद बच्चों को छुट्टी दे दी गई। वहीं, दूसरी क्लास की बच्ची ज्योति पुत्री रामचंद्र को चक्कर आने बंद नहीं हो पाए थे।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह ज्योति को चक्कर आने के साथ ही उल्टियां होने लगी। इसके चलते परिजन काफी डर गए। परिजनों ने बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया है। समाचार लिखे जाने तक बच्ची का इलाज चल रहा था।
वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि बच्ची का इलाज किया जा रहा है, उसकी हालत खतरे से बाहर है। पेट के कीड़े मारने की दवा खाने से कुछ बच्चों में इस तरह की परेशानी होना सामान्य बात है।