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Hapur News: जांच में एसएसवी कॉलेज की प्रबंध समिति को क्लीन चिट
Wed, 12 Jun 2024 10:09 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 12 Jun 2024 10:09 PM IST
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हापुड़। जिले के प्रतिष्ठित एसएसवी पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति को वित्तीय एवं प्रशासकीय अनियमितताओं के आरोपों में शासन से क्लीन चिट मिली है। साथ ही तीन सदस्य कमेटी द्वारा कॉलेज में रिसीवर नियुक्त करने की संस्तुति को भी प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने निरस्त कर दिया है।
एसएसवी कॉलेज में प्रबंध तंत्र पर वित्तीय एवं प्रशासकीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए शासन से जांच की मांग की गई थी। पत्र का संज्ञान लेकर शासन ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव गुप्ता की रिपोर्ट पर एक फरवरी 2024 में शासन ने प्रबंध समिति को धारा-57 का नोटिस जारी किया। पत्र का जवाब 29 फरवरी 2024 को प्रबंध समिति के सचिव अमित अग्रवाल द्वारा दिया गया।
शासन ने सचिव द्वारा दिया जवाब परीक्षण के लिए शिक्षा निदेशक प्रयागराज को भेजा। उक्त जांच में प्रबंध समिति पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद 16 अप्रैल 2024 को शासन ने निदेशक उच्च शिक्षा, रजिस्ट्रार, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की तीन सदस्य कमेटी गठित की। कमेटी ने रिसीवर नियुक्त करने की संस्तुति कर दी।
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कोर्ट के आदेश पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने 14 मई को दोनों पक्षों को सुना। इसमें जांच आख्या और साक्ष्यों को देखते हुए धारा 57 के अंतर्गत निर्गत नोटिस को निरस्त कर दिया। साथ ही प्रबंध समिति के सचिव को निर्देशित किया कि तत्कालीन प्राचार्या से स्पष्टीकरण लें, साथ ही वर्तमान प्राचार्य को निर्देशित करें कि बजट सक्षम स्तर से अनुमोदित व स्वीकृत हो और नियमानुसार सामग्री खरीदी जाए।
कोट -
एक वर्ष तक चली जांच में महाविद्यालय प्रबंध समिति को शासन से क्लीन चिट मिल गई है। कॉलेज की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए शिकायतकर्ताओं ने समूह बनाकर विभिन्न शिकायतें कीं, लेकिन अंत में सत्य की जीत हुई। प्रबंध समिति कॉलेज के विकास के लिए सदैव तत्पर रहेगी। जिससे गरीब छात्र/छात्राओं को अच्छी शिक्षा मिल सके।-- अमित अग्रवाल छावनी वाले, सचिव, एसएसवी पीजी कॉलेज।
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एसएसवी कॉलेज में प्रबंध तंत्र पर वित्तीय एवं प्रशासकीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए शासन से जांच की मांग की गई थी। पत्र का संज्ञान लेकर शासन ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव गुप्ता की रिपोर्ट पर एक फरवरी 2024 में शासन ने प्रबंध समिति को धारा-57 का नोटिस जारी किया। पत्र का जवाब 29 फरवरी 2024 को प्रबंध समिति के सचिव अमित अग्रवाल द्वारा दिया गया।
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शासन ने सचिव द्वारा दिया जवाब परीक्षण के लिए शिक्षा निदेशक प्रयागराज को भेजा। उक्त जांच में प्रबंध समिति पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद 16 अप्रैल 2024 को शासन ने निदेशक उच्च शिक्षा, रजिस्ट्रार, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की तीन सदस्य कमेटी गठित की। कमेटी ने रिसीवर नियुक्त करने की संस्तुति कर दी।
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कोर्ट के आदेश पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने 14 मई को दोनों पक्षों को सुना। इसमें जांच आख्या और साक्ष्यों को देखते हुए धारा 57 के अंतर्गत निर्गत नोटिस को निरस्त कर दिया। साथ ही प्रबंध समिति के सचिव को निर्देशित किया कि तत्कालीन प्राचार्या से स्पष्टीकरण लें, साथ ही वर्तमान प्राचार्य को निर्देशित करें कि बजट सक्षम स्तर से अनुमोदित व स्वीकृत हो और नियमानुसार सामग्री खरीदी जाए।
कोट -
एक वर्ष तक चली जांच में महाविद्यालय प्रबंध समिति को शासन से क्लीन चिट मिल गई है। कॉलेज की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए शिकायतकर्ताओं ने समूह बनाकर विभिन्न शिकायतें कीं, लेकिन अंत में सत्य की जीत हुई। प्रबंध समिति कॉलेज के विकास के लिए सदैव तत्पर रहेगी। जिससे गरीब छात्र/छात्राओं को अच्छी शिक्षा मिल सके।