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हापुड़ में जहरीला हुआ बासमती, 60 दिन तक दस कीटनाशकों की बिक्री पर प्रतिबंध
सार
हापुड़ में जहरीला हुआ बासमती, 60 दिन तक दस कीटनाशकों की बिक्री पर प्रतिबंधहापुड़।लेकिन निर्यात के लिए बासमती को कई जांचों से होकर गुजरना पड़ता है।स्थानीय स्तर पर बासमती के चावल की जांच करायी गई थी, इसमें चावल के अंदर कीटनाशक के अंश मिले थे जो शरीर के लिए घातक हैं।
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विस्तार
हापुड़ में जहरीला हुआ बासमती, 60 दिन तक दस कीटनाशकों की बिक्री पर प्रतिबंध
हापुड़। दस कीटनाशकों के प्रयोग ने हापुड़ समेत 30 जनपदों में उत्पादित बासमती चावल का स्वाद बिगाड़ दिया है। जांच में चावल के अंदर कीटनाशकों के अंश मिले हैं, जिससे 15 फीसदी निर्यात को झटका लगा है। शासन ने इसका संज्ञान लेकर, तत्काल प्रभाव से 60 दिनों तक बासमती में प्रयोग के लिए इन दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी ने 20 टीमें गठित कर, कीटनाशक बिक्री की निगरानी के आदेश दिए हैं।
हापुड़ में इस साल धान का रकबा 20239 हेक्टेयर है, जो पिछले साल से करीब पांच फीसदी कम है। इस रकबे में 90 फीसदी बासमती धान उगाया गया है, जिसकी निकासी इन दिनों चल रही है। हापुड़ में उत्पादित बासमती की डिमांड कई राज्यों के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बनी होती है।
लेकिन निर्यात के लिए बासमती को कई जांचों से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर बासमती के चावल की जांच करायी गई थी, इसमें चावल के अंदर कीटनाशक के अंश मिले थे जो शरीर के लिए घातक हैं। सूचीबद्ध किए गए दस कीटनाशक ही धान की फसल का स्वाद बिगाड़ रहे हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार चावल में कीटनाशक मिलने से निर्यात 15 फीसदी तक गिर गया है।
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अब हापुड़ समेत 30 जनपदों में दस कीटनाशकों की बिक्री पर शिकंजा कसा गया है। 60 दिन तक बासमती में प्रयोग के लिए इन कीटनाशकों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। कृषि विभाग की ओर से समस्त बीज, कीटनाशक विके्रताओं को नोटिस जारी कर दिया गया है। रोजाना का रिकॉर्ड दुरुस्त रखना होगा, जिसका आंकलन कर यह पता किया जा सकेगा कि इन कीटनाशकों को किस फसल में प्रयोग के लिए बिक्री किया जा रहा है।
इन कीटनाशकों की बिक्री पर लगाई है रोक
धान में प्रयोग को लेकर ट्राइसाइक्लोजोल, ब्रुप्रोफेजिन, एसीफेट, क्लोरोपायरीफॉस, मैथामिडोफॉस, प्रोपिकोनाजोल, थायोमेथाक्साम, प्रोफेनोफॉस, आइसोप्रोथियोलेन, कार्बेंडाजिम
-इस साल पांच फीसदी घटा है रकबा, उत्पादन भी कम-
जिले में इस साल धान का रकबा पांच फीसदी घटा है। उत्पादन में 8 फीसदी इजाफा का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कम बरसात के कारण वह भी पूरा नहीं हो सका। अब धान के चावल में कीटनाशक का अंश मिलने से किसानों की परेशानियों और बढ़ गई हैं।
-बारिश के बाद से गिर गया धान का दाम-
शुरूआत में धान का बाजार गर्म रहा, 4200 रुपये/क्विंटल तक धान की बिक्री की गई। लेकिन अब बरसात के बाद धान के दाम गिरे हैं, मंडी में तीन हजार से 3200 रुपये तक धान बिक रहा है।
बासमती के लिए नहीं होने दी
जाएगी दस कीटनाशकों की बिक्री
बासमती के लिए दस कीटनाशकों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी, 60 दिन तक इन्हें प्रतिबंधित किया जा चुका है। निगरानी के लिए टीमें गठित कर दी हैं, जो भी दुकानदार आदेशों की अवहेलना करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।--मनोज कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
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हापुड़। दस कीटनाशकों के प्रयोग ने हापुड़ समेत 30 जनपदों में उत्पादित बासमती चावल का स्वाद बिगाड़ दिया है। जांच में चावल के अंदर कीटनाशकों के अंश मिले हैं, जिससे 15 फीसदी निर्यात को झटका लगा है। शासन ने इसका संज्ञान लेकर, तत्काल प्रभाव से 60 दिनों तक बासमती में प्रयोग के लिए इन दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी ने 20 टीमें गठित कर, कीटनाशक बिक्री की निगरानी के आदेश दिए हैं।
हापुड़ में इस साल धान का रकबा 20239 हेक्टेयर है, जो पिछले साल से करीब पांच फीसदी कम है। इस रकबे में 90 फीसदी बासमती धान उगाया गया है, जिसकी निकासी इन दिनों चल रही है। हापुड़ में उत्पादित बासमती की डिमांड कई राज्यों के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बनी होती है।
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लेकिन निर्यात के लिए बासमती को कई जांचों से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर बासमती के चावल की जांच करायी गई थी, इसमें चावल के अंदर कीटनाशक के अंश मिले थे जो शरीर के लिए घातक हैं। सूचीबद्ध किए गए दस कीटनाशक ही धान की फसल का स्वाद बिगाड़ रहे हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार चावल में कीटनाशक मिलने से निर्यात 15 फीसदी तक गिर गया है।
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अब हापुड़ समेत 30 जनपदों में दस कीटनाशकों की बिक्री पर शिकंजा कसा गया है। 60 दिन तक बासमती में प्रयोग के लिए इन कीटनाशकों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। कृषि विभाग की ओर से समस्त बीज, कीटनाशक विके्रताओं को नोटिस जारी कर दिया गया है। रोजाना का रिकॉर्ड दुरुस्त रखना होगा, जिसका आंकलन कर यह पता किया जा सकेगा कि इन कीटनाशकों को किस फसल में प्रयोग के लिए बिक्री किया जा रहा है।
इन कीटनाशकों की बिक्री पर लगाई है रोक
धान में प्रयोग को लेकर ट्राइसाइक्लोजोल, ब्रुप्रोफेजिन, एसीफेट, क्लोरोपायरीफॉस, मैथामिडोफॉस, प्रोपिकोनाजोल, थायोमेथाक्साम, प्रोफेनोफॉस, आइसोप्रोथियोलेन, कार्बेंडाजिम
-इस साल पांच फीसदी घटा है रकबा, उत्पादन भी कम-
जिले में इस साल धान का रकबा पांच फीसदी घटा है। उत्पादन में 8 फीसदी इजाफा का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कम बरसात के कारण वह भी पूरा नहीं हो सका। अब धान के चावल में कीटनाशक का अंश मिलने से किसानों की परेशानियों और बढ़ गई हैं।
-बारिश के बाद से गिर गया धान का दाम-
शुरूआत में धान का बाजार गर्म रहा, 4200 रुपये/क्विंटल तक धान की बिक्री की गई। लेकिन अब बरसात के बाद धान के दाम गिरे हैं, मंडी में तीन हजार से 3200 रुपये तक धान बिक रहा है।
बासमती के लिए नहीं होने दी
जाएगी दस कीटनाशकों की बिक्री
बासमती के लिए दस कीटनाशकों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी, 60 दिन तक इन्हें प्रतिबंधित किया जा चुका है। निगरानी के लिए टीमें गठित कर दी हैं, जो भी दुकानदार आदेशों की अवहेलना करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।--मनोज कुमार, जिला कृषि अधिकारी।