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Hapur News: बच्चों के जीवन को बेरंग कर रहा कमर का फोड़ा
Sat, 25 Jan 2025 10:30 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 25 Jan 2025 10:30 PM IST
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हापुड़। नवजात शिशुओं में कमर का फोड़ा उनके जीवन को बेरंग कर रहा है। 20 से अधिक बच्चे हापुड़ में चिन्हित किए जा चुके हैं। जिनमें से दो की सर्जरी करा दी गई है, जबकि एक चार साल की बच्ची के दिल में छेद मिला है। आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) में बच्ची का अलीगढ़ में ऑपरेशन कराया गया है। इन बच्चों की जीवन शैली में अब सुधार की संभावना है।
गर्भ के दौरान बहुत से विकार बच्चों के जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। आरबीएसके की टीम इन दिनों पूरे जिले में अभियान चलाकर ऐसे बच्चे चिन्हित कर रही है, जो इन गंभीर रोगों से पीडि़त हैं। मुख्यत गरीब तबके से आने वाले इन बच्चों की समय से सर्जरी न हो पाने के कारण ऐसे बच्चों का पूरा जीवन ही बर्बाद हो जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने अब आरबीएसके मिशन में ऐसे बच्चों की निशुल्क सर्जरी कराने की जिम्मेदारी ली है। हाल ही में गांव मोहम्मदपुर और तिगरी निवासी एक वर्ष के बच्चे को स्वास्थ्य विभाग ने रेस्क्यू किया है। इन दोनों ही बच्चों की कमर में फोड़ा था, जिस कारण उनका शारीरिक विकास रुका हुआ था।
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आरबीएसके टीम के डॉ.मयंक ने बताया कि इन दोनों ही बच्चों की निशुल्क सर्जरी मेरठ मेडिकल में कराई गई है। ऑपरेशन के बाद बच्चों की हालत स्थिर बनी है, अब वह सामान्य जीवन जी सकेंगे। ऐसे करीब 20 से अधिक बच्चे चिन्हित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा सिंभावली निवासी चार साल की बच्ची के दिल में छेद मिला, जिस कारण उसका शारीरिक विकास रुका हुआ था। इस हालत में बच्ची ज्यादा समय तक जीवित भी नहीं रह सकती थी। बच्ची की सर्जरी अलीगढ़ में कराई गई है। दस लाख से भी अधिक खर्च वाली यह सर्जरी भी विभाग ने निशुल्क कराई है। कुल मिलाकर इस तरह के बच्चों को नया जीवन देने के लिए अभिभावक विभाग में संपर्क अवश्य करें।
बच्चों को मिल रहा नया जीवन-
आरबीएसके के तहत अभियान चलाकर कमर में फोड़ा, टेढ़े पैर, कटा तालवा, दिल में छेद समेत अनेकों असाधारण बीमारियों से पीडि़त बच्चों को उपचार दिलाया जा रहा है। ऐसे बच्चे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
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गर्भ के दौरान बहुत से विकार बच्चों के जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। आरबीएसके की टीम इन दिनों पूरे जिले में अभियान चलाकर ऐसे बच्चे चिन्हित कर रही है, जो इन गंभीर रोगों से पीडि़त हैं। मुख्यत गरीब तबके से आने वाले इन बच्चों की समय से सर्जरी न हो पाने के कारण ऐसे बच्चों का पूरा जीवन ही बर्बाद हो जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने अब आरबीएसके मिशन में ऐसे बच्चों की निशुल्क सर्जरी कराने की जिम्मेदारी ली है। हाल ही में गांव मोहम्मदपुर और तिगरी निवासी एक वर्ष के बच्चे को स्वास्थ्य विभाग ने रेस्क्यू किया है। इन दोनों ही बच्चों की कमर में फोड़ा था, जिस कारण उनका शारीरिक विकास रुका हुआ था।
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आरबीएसके टीम के डॉ.मयंक ने बताया कि इन दोनों ही बच्चों की निशुल्क सर्जरी मेरठ मेडिकल में कराई गई है। ऑपरेशन के बाद बच्चों की हालत स्थिर बनी है, अब वह सामान्य जीवन जी सकेंगे। ऐसे करीब 20 से अधिक बच्चे चिन्हित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा सिंभावली निवासी चार साल की बच्ची के दिल में छेद मिला, जिस कारण उसका शारीरिक विकास रुका हुआ था। इस हालत में बच्ची ज्यादा समय तक जीवित भी नहीं रह सकती थी। बच्ची की सर्जरी अलीगढ़ में कराई गई है। दस लाख से भी अधिक खर्च वाली यह सर्जरी भी विभाग ने निशुल्क कराई है। कुल मिलाकर इस तरह के बच्चों को नया जीवन देने के लिए अभिभावक विभाग में संपर्क अवश्य करें।
बच्चों को मिल रहा नया जीवन-
आरबीएसके के तहत अभियान चलाकर कमर में फोड़ा, टेढ़े पैर, कटा तालवा, दिल में छेद समेत अनेकों असाधारण बीमारियों से पीडि़त बच्चों को उपचार दिलाया जा रहा है। ऐसे बच्चे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
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