{"_id":"65be725604159a047e093ec8","slug":"protest-of-azad-adhikar-sena-hapur-news-c-306-1-gha1001-104554-2024-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: लेखपालों पर कार्रवाई के लिए आजाद अधिकार सेना का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: लेखपालों पर कार्रवाई के लिए आजाद अधिकार सेना का हंगामा
Sat, 03 Feb 2024 10:35 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 03 Feb 2024 10:35 PM IST
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। तहसील में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर लेखपालों पर अवैध वसूली का आरोप लगा था। मामले में कार्रवाई न होने पर शनिवार को आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओंं ने तहसीलदार कार्यालय का घेराव किया। जहां उन्होंने लेखपालों को सस्पेंड करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। तहसीलदार ने मामले में जांच कर जल्द ही कार्रवाई करने की बात कही है।
तहसीलदार सीमा सिंह के कार्यालय पहुंचे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने कहा कि पिछले दिनों गांव हरोड़ा निवासी नीरज शर्मा से उनके गांव के लेखपाल के निजी सहायक ने प्रमाण पत्र के लिए अवैध धन की मांग की थी। जिसमें दो अन्य लेखपालों ने भी सहयोग किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में जब नीरज शर्मा का संगठन के जिलाध्यक्ष मधुर मिश्रा ने सहयोग किया, तो लेखपालों ने उनके प्रति ग्रामीणों को भड़काने का प्रयास किया। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि तहसील में प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत अक्सर आती हैं। उन्होंने तीनों लेखपालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। दौरान तहसीलदार सीमा सिंह ने बताया कि मामले की सच्चाई जानने के लिए वायरल हुए दो वीडियो की जांच की गई। एक क्लिप में योगेंद्र लेखपाल दोषी पाए गए तो उनको सस्पेंड कर दिया गया है। शेष दो लेखपालों की संलिप्ता नहीं मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है, जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
तहसीलदार सीमा सिंह के कार्यालय पहुंचे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने कहा कि पिछले दिनों गांव हरोड़ा निवासी नीरज शर्मा से उनके गांव के लेखपाल के निजी सहायक ने प्रमाण पत्र के लिए अवैध धन की मांग की थी। जिसमें दो अन्य लेखपालों ने भी सहयोग किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में जब नीरज शर्मा का संगठन के जिलाध्यक्ष मधुर मिश्रा ने सहयोग किया, तो लेखपालों ने उनके प्रति ग्रामीणों को भड़काने का प्रयास किया। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि तहसील में प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत अक्सर आती हैं। उन्होंने तीनों लेखपालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। दौरान तहसीलदार सीमा सिंह ने बताया कि मामले की सच्चाई जानने के लिए वायरल हुए दो वीडियो की जांच की गई। एक क्लिप में योगेंद्र लेखपाल दोषी पाए गए तो उनको सस्पेंड कर दिया गया है। शेष दो लेखपालों की संलिप्ता नहीं मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है, जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन