{"_id":"6aa6e1f2df305efd850d8b5d","slug":"hariyali-teej-is-today-shopping-continued-in-the-markets-throughout-the-day-hapur-news-c-135-1-hpr1003-148280-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: हरियाली तीज आज, बाजारों में दिनभर हुई खरीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: हरियाली तीज आज, बाजारों में दिनभर हुई खरीदारी
विज्ञापन
हरितालिका तीज को लेकर बाजार में खरीददारी करती महिलाएं। संवाद
हापुड़। हरितालिका तीज पर आज सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करेंगी। पर्व की तैयारी को लेकर रविवार को दिनभर बाजारों में खरीदारों की रौनक रही। साड़ी, चूड़ी व शृंगार सामग्री के साथ ही पूजन सामग्री की भी खरीदारी हुई।
पं. सुबोध पांडेय ने बताया कि हरितालिका तीज व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन किया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि 13 सितंबर को सुबह 7:08 बजे से प्रारंभ होकर 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे तक है। हस्त नक्षत्र युक्त प्रातःकालीन पूजा मुहूर्त 6:05 बजे से सुबह 7:06 बजे तक शुभ मुहूर्त है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक शुभ है।
ज्योतिर्विद प्रीति पांडेय ने बताया हरितालिका तीज पूजन में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। माता की सखी उन्हें हर कर वन में ले गईं ताकि उनका विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध न हो। इसी प्रसंग से हरितालिका नाम पड़ता है। इसलिए विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और दांपत्य सुख के लिए व अविवाहित कन्याएं मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं।
विज्ञापन
बाजारों में दिनभर खरीदारों से रही चहल-पहल-
हरियाली तीज पर्व की तैयारी को लेकर रविवार को सुहागिन महिलाएं सजने-संवरने के लिए साड़ी, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी समेत अन्य शृंगार सामग्री की खरीदारी करती नजर आईं। बाजारों में बढ़ी भीड़ से कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। शहर के चंडी रोड, कोठी गेट, गोल मार्केट समेत शहर के प्रमुख बाजारों में साड़ी और कॉस्मेटिक की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। साड़ी की दुकानों पर हल्की और आरामदायक साड़ियों की मांग अधिक रही। कॉस्मेटिक की दुकानों से लेकर ब्यूटी पार्लरों तक महिलाओं की आवाजाही रही।
विज्ञापन
पं. सुबोध पांडेय ने बताया कि हरितालिका तीज व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन किया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि 13 सितंबर को सुबह 7:08 बजे से प्रारंभ होकर 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे तक है। हस्त नक्षत्र युक्त प्रातःकालीन पूजा मुहूर्त 6:05 बजे से सुबह 7:06 बजे तक शुभ मुहूर्त है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक शुभ है।
विज्ञापन
ज्योतिर्विद प्रीति पांडेय ने बताया हरितालिका तीज पूजन में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। माता की सखी उन्हें हर कर वन में ले गईं ताकि उनका विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध न हो। इसी प्रसंग से हरितालिका नाम पड़ता है। इसलिए विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और दांपत्य सुख के लिए व अविवाहित कन्याएं मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं।
विज्ञापन
बाजारों में दिनभर खरीदारों से रही चहल-पहल-
हरियाली तीज पर्व की तैयारी को लेकर रविवार को सुहागिन महिलाएं सजने-संवरने के लिए साड़ी, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी समेत अन्य शृंगार सामग्री की खरीदारी करती नजर आईं। बाजारों में बढ़ी भीड़ से कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। शहर के चंडी रोड, कोठी गेट, गोल मार्केट समेत शहर के प्रमुख बाजारों में साड़ी और कॉस्मेटिक की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। साड़ी की दुकानों पर हल्की और आरामदायक साड़ियों की मांग अधिक रही। कॉस्मेटिक की दुकानों से लेकर ब्यूटी पार्लरों तक महिलाओं की आवाजाही रही।