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Hapur News: पौधरोपण रहा सफल... बढ़ गई 1.17 वर्ग किलोमीटर हरियाली
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हापुड़। बढ़ते प्रदूषण के बीच पर्यावरण की दृष्टि से बड़ी राहत मिली है। जिले में लगातार हो रहे पौधरोपण के कारण 1.17 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र बढ़ा है। वन विभाग की ओर से जारी फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
जिले में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। इस प्रदूषण को कम करने के लिए पौधरोपण और पौधों की जीवित का प्रतिशत अच्छा होना आवश्यक है। हालांकि, पौधरोपण का कुछ असर अब धरातल पर भी दिखने लगा है। लगातार अभियान संचालित कर प्रत्येक वर्ष रिकार्ड पौधरोपण किया गया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले में जहां 1.97 लाख पौधे रोपित किए गए। वहीं, वर्ष 2023-24 में बढ़कर इनकी करीब 11 लाख तक पहुंच गई, इसमें अकेले वन विभाग ने करीब सवा लाख और शेष पौधरोपण अन्य विभागों ने किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 1106.67 वर्ग किलोमीटर है, इसमें 27.81 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र था, जो वर्ष 2023 में हुए सर्वे की रिपोर्ट में 1.17 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है।
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जिले में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। इस प्रदूषण को कम करने के लिए पौधरोपण और पौधों की जीवित का प्रतिशत अच्छा होना आवश्यक है। हालांकि, पौधरोपण का कुछ असर अब धरातल पर भी दिखने लगा है। लगातार अभियान संचालित कर प्रत्येक वर्ष रिकार्ड पौधरोपण किया गया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले में जहां 1.97 लाख पौधे रोपित किए गए। वहीं, वर्ष 2023-24 में बढ़कर इनकी करीब 11 लाख तक पहुंच गई, इसमें अकेले वन विभाग ने करीब सवा लाख और शेष पौधरोपण अन्य विभागों ने किया है।
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रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 1106.67 वर्ग किलोमीटर है, इसमें 27.81 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र था, जो वर्ष 2023 में हुए सर्वे की रिपोर्ट में 1.17 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है।
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