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Hapur News: मोहित शर्मा की मौत पर उबाल, घेरा एसपी कार्यालय
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मोहित शर्मा का फाइल फोटो।
हापुड़। केशव नगर निवासी मोहित शर्मा की मौत के मामले में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बुधवार को बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान ब्रह्म समर्पित ब्राह्मण महासभा (भारत) और अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
परिजनों के अनुसार केशव नगर निवासी मोहित शर्मा पुत्र जितेंद्र शर्मा नोएडा की एक कार कंपनी में सेल्स का कार्य करते थे। आठ जुलाई की शाम वह रोज की तरह अपनी स्कूटी से नोएडा से हापुड़ के लिए निकले थे लेकिन घर नहीं पहुंचे।
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उनका मोबाइल भी बंद हो गया। पूरी रात परिजनों ने उनकी तलाश की। 10 जुलाई को जानकारी मिली कि मोहित मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। वहां पहुंचने पर उनकी हालत गंभीर थी। बाद में दिल्ली ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पिलखुवा के एक अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलने पर मारवाड़ चौकी पर तैनात दरोगा मनोज और सिपाही जीतू अस्पताल पहुंचे थे लेकिन दोनों ने बिना जांच किए मोहित को अज्ञात में रेफर करवा दिया। मामले में दोनों को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है।
परिजनों ने नगर कोतवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें पूरे दिन थाने में बैठाए रखा गया और उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते गंभीरता दिखाकर मोहित की पहचान कर लेती और आवश्यक कार्रवाई करती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
सुबह से एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन
बुधवार सुबह बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। मृतक के भाई तरुण शर्मा ने पुलिस की कथित संवेदनहीनता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो उनके भाई की जान बच सकती थी।
प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने, मृतक की पत्नी आरती शर्मा को नौकरी उपलब्ध कराने तथा बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही, मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई।
हत्या की आशंका, जांच तेज करने की मांग
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। उनका कहना है कि मोहित की स्कूटी पर किसी प्रकार के दुर्घटना संबंधी निशान नहीं मिले हैं। इससे आशंका है कि उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर हत्या की गई। उन्होंने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान नरेंद्र भारद्वाज, नानक चंद शर्मा, मोनू बजरंग, अंबरीश यादव, मृतक के पिता जितेंद्र कुमार शर्मा, भाई तरुण शर्मा, बहन प्रीति शर्मा, पत्नी आरती शर्मा, सौरभ शर्मा, विशाल कौशिक, निशांत शर्मा, पुनीत शर्मा, भारतलाल शर्मा और विक्की शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कोट
मोहित शर्मा प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर हाईवे और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने सहित अन्य बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा। साथ ही, मृतक के परिजनों की मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
- ज्ञानंजय सिंह, एसपी
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इस दौरान ब्रह्म समर्पित ब्राह्मण महासभा (भारत) और अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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परिजनों के अनुसार केशव नगर निवासी मोहित शर्मा पुत्र जितेंद्र शर्मा नोएडा की एक कार कंपनी में सेल्स का कार्य करते थे। आठ जुलाई की शाम वह रोज की तरह अपनी स्कूटी से नोएडा से हापुड़ के लिए निकले थे लेकिन घर नहीं पहुंचे।
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उनका मोबाइल भी बंद हो गया। पूरी रात परिजनों ने उनकी तलाश की। 10 जुलाई को जानकारी मिली कि मोहित मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। वहां पहुंचने पर उनकी हालत गंभीर थी। बाद में दिल्ली ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पिलखुवा के एक अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलने पर मारवाड़ चौकी पर तैनात दरोगा मनोज और सिपाही जीतू अस्पताल पहुंचे थे लेकिन दोनों ने बिना जांच किए मोहित को अज्ञात में रेफर करवा दिया। मामले में दोनों को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है।
परिजनों ने नगर कोतवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें पूरे दिन थाने में बैठाए रखा गया और उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते गंभीरता दिखाकर मोहित की पहचान कर लेती और आवश्यक कार्रवाई करती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
सुबह से एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन
बुधवार सुबह बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। मृतक के भाई तरुण शर्मा ने पुलिस की कथित संवेदनहीनता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो उनके भाई की जान बच सकती थी।
प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने, मृतक की पत्नी आरती शर्मा को नौकरी उपलब्ध कराने तथा बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही, मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई।
हत्या की आशंका, जांच तेज करने की मांग
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। उनका कहना है कि मोहित की स्कूटी पर किसी प्रकार के दुर्घटना संबंधी निशान नहीं मिले हैं। इससे आशंका है कि उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर हत्या की गई। उन्होंने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान नरेंद्र भारद्वाज, नानक चंद शर्मा, मोनू बजरंग, अंबरीश यादव, मृतक के पिता जितेंद्र कुमार शर्मा, भाई तरुण शर्मा, बहन प्रीति शर्मा, पत्नी आरती शर्मा, सौरभ शर्मा, विशाल कौशिक, निशांत शर्मा, पुनीत शर्मा, भारतलाल शर्मा और विक्की शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कोट
मोहित शर्मा प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर हाईवे और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने सहित अन्य बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा। साथ ही, मृतक के परिजनों की मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
- ज्ञानंजय सिंह, एसपी

मोहित शर्मा का फाइल फोटो।