{"_id":"5e99dbc58ebc3e76b3253d4f","slug":"online-bussiness-hapur-news-gbd197615198","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन बिजनेस किए जाने के विरोध में उतरे उद्यमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन बिजनेस किए जाने के विरोध में उतरे उद्यमी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑनलाइन बिजनेस के विरोध में उतरे उद्यमी
हापुड़। लॉक डाउन में 20 अप्रैल से ऑनलाइन बिजनेस को खोले जाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के आह्वान पर उद्यमियों ने प्रधानमंत्री से इस फैसले को वापस लेने की अपील की है। इतना ही नहीं जिले में ऑनलाइन माल की बिक्री खुद रोकने की भी चेतावनी दी है।
हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव अमन गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जो बातें कहीं जा रही हैं, उद्यमी उसका पालन कर रहे हैं। फैक्टरी, कारखाने चलाए बगैर ही मजदूरों को वेतन भी दिया जा रहा है। लेकिन सरकार द्वारा 20 अप्रैल से ऑनलाइन बिजनेस को खोले जाने का फैसला किया गया है।
ऐसे में बड़ी कंपनियां ऑनलाइन ही अपने माल को बेच सकेंगी। छोटे उद्यमियों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। उनका माल फैक्टरियों में ही बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में उद्यमियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह अपना फैसला वापस लें। लॉक डाउन में किसी भी बिजनेस को खोलने की छूट न दी जाए और यदि दी जाए तो सभी को मिले।
विज्ञापन
एसोसिएशन के आह्वान पर उद्यमियों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 अप्रैल से ऑनलाइन बिक्री शुरू की गई तो वह जिले में इसका पूर्णत विरोध करेंगे। माल की बिक्री यहां किसी हाल में नहीं करने देंगे।
खुदरा व्यापारियों ने भी जताया रोष
हापुड़। भारत सरकार द्वारा 20 अप्रैल से देशभर में मोबाइल, टीवी, फ्रिज, लेपटॉप आदि की ऑनलाइन बिक्री की घोषणा के बाद से खुदरा एवं मध्यम व्यापारियों में रोष व्याप्त है। विभिन्न व्यापारिक संगठनों व विश्व हिन्दू वाहिनी द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए एक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष जिंदल ने कहा कि लॉकडाउन के समय में देश के सभी छोटे- बड़े व्यापारियों एवं उद्यमियों नें सरकार को कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ने में हर संभव योगदान दिया है। लेकिन 20 अप्रैल को अमेजन, फ्लिपकार्ट व स्नैपडील जैसी विदेशी कंपनियों को ऑनलाइन बिक्री करने की अनुमति देना किसी भी दशा में उचित नहीं है। सरकार से अनुरोध है ऑनलाइन बिक्री के निर्णय को वापस लेकर यदि इनक समान की इतनी आवश्यकता है तो एक निर्धारित नीति के अनुसार ये बिक्री शहर के छोटे व्यापारियों के द्वारा डिजिटल बिक्री के माध्यम से कराया जाए। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय सचिव संजय अग्रवाल, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष अनुज गर्ग, टुक्की राम गर्ग, विजेन्द्र सिंघल, पुनित गर्ग, मुकुल मित्तल आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
हापुड़। लॉक डाउन में 20 अप्रैल से ऑनलाइन बिजनेस को खोले जाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के आह्वान पर उद्यमियों ने प्रधानमंत्री से इस फैसले को वापस लेने की अपील की है। इतना ही नहीं जिले में ऑनलाइन माल की बिक्री खुद रोकने की भी चेतावनी दी है।
हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव अमन गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जो बातें कहीं जा रही हैं, उद्यमी उसका पालन कर रहे हैं। फैक्टरी, कारखाने चलाए बगैर ही मजदूरों को वेतन भी दिया जा रहा है। लेकिन सरकार द्वारा 20 अप्रैल से ऑनलाइन बिजनेस को खोले जाने का फैसला किया गया है।
विज्ञापन
ऐसे में बड़ी कंपनियां ऑनलाइन ही अपने माल को बेच सकेंगी। छोटे उद्यमियों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। उनका माल फैक्टरियों में ही बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में उद्यमियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह अपना फैसला वापस लें। लॉक डाउन में किसी भी बिजनेस को खोलने की छूट न दी जाए और यदि दी जाए तो सभी को मिले।
विज्ञापन
एसोसिएशन के आह्वान पर उद्यमियों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 अप्रैल से ऑनलाइन बिक्री शुरू की गई तो वह जिले में इसका पूर्णत विरोध करेंगे। माल की बिक्री यहां किसी हाल में नहीं करने देंगे।
खुदरा व्यापारियों ने भी जताया रोष
हापुड़। भारत सरकार द्वारा 20 अप्रैल से देशभर में मोबाइल, टीवी, फ्रिज, लेपटॉप आदि की ऑनलाइन बिक्री की घोषणा के बाद से खुदरा एवं मध्यम व्यापारियों में रोष व्याप्त है। विभिन्न व्यापारिक संगठनों व विश्व हिन्दू वाहिनी द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए एक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष जिंदल ने कहा कि लॉकडाउन के समय में देश के सभी छोटे- बड़े व्यापारियों एवं उद्यमियों नें सरकार को कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ने में हर संभव योगदान दिया है। लेकिन 20 अप्रैल को अमेजन, फ्लिपकार्ट व स्नैपडील जैसी विदेशी कंपनियों को ऑनलाइन बिक्री करने की अनुमति देना किसी भी दशा में उचित नहीं है। सरकार से अनुरोध है ऑनलाइन बिक्री के निर्णय को वापस लेकर यदि इनक समान की इतनी आवश्यकता है तो एक निर्धारित नीति के अनुसार ये बिक्री शहर के छोटे व्यापारियों के द्वारा डिजिटल बिक्री के माध्यम से कराया जाए। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय सचिव संजय अग्रवाल, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष अनुज गर्ग, टुक्की राम गर्ग, विजेन्द्र सिंघल, पुनित गर्ग, मुकुल मित्तल आदि शामिल रहे।