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मिलावट का खेल, तेल के नमूने हुए फेल
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Wed, 31 May 2017 08:56 PM IST
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तमाम कवायद के बाद भी जिले में मिलावटी सरसों के तेल का धंधा रुक नहीं रहा है। मिलावटखोर ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसी साल फरवरी व मार्च महीने में खाद्य विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई कर सरसों के तेल के 12 नमूने भरकर जांच के लिए भेजे थे। बीते महीने इन नमूनों में से छह फेल हो गए और तीन अनसेफ पाए गए हैं।
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हापुड़ शहर से सप्लाई होने वाला सरसों का तेल अरसे से कुमायूं और गढ़वाल के अलावा वेस्ट यूपी के कई जिलों में खूब पसंद किया जाता रहा है। एक ब्रांड तो ऐसा है, जिसकी डिमांड बहुत ज्यादा रही है। लेकिन हाल के कुछ वर्षों में यहां के सरसों के तेल के उत्पाद पर ग्रहण-सा लगता जा रहा है।
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वजह यह रही कि इस धंधे में मिलावटखोर तेजी से सक्रिय होते जा रहे हैं। जानकारी मिली है कि बाहर से सरसों का तेल और विदेशों से आने वाला सस्ता किनौना आयल मंगाकर मिलावट कर उसकी पैकिंग की जाने लगी है।
बताते हैं कि इस धंधे में शहर के कई नामचीन व्यापारी भी जुटे हैं। सूत्र बताते हैं कि शहर में कई टैंकर तेल रोज उतरता है और पैक होकर सप्लाई किया जाता है।
खाद्य आपूर्ति विभाग की अभिहीत अधिकारी अर्चना धीरान के मुताबिक फरवरी व मार्च में छापामार कार्रवाई के दौरान सरसों के तेल के 12 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से छह नमूने फेल और तीन खाने के लिए अनसेफ माने गए।
बाकी तीन नमूनों की अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। उधर, इस कार्रवाई के बाद कुछ दिन तक तो तेल में मिलावट का कारोबार थमा रहा, पर इधर कुछ दिनों से यह फिर से जोर पकड़ने लगा है।
वहीं, लोगों का आरोप है कि इन दिनों खाद्य आपूर्ति महकमा भी उदासीन दिख रहा है, मिलावट की पुष्टि होने के बाद भी विभाग कोई अभियान नहीं चला रहा है।
उधर, खाद्य आपूर्ति विभाग कीअभिहीत अधिकारी अर्चना धीरान का कहना है कि अगर कोई शिकायत करेगा तो नमूना भरकर जांच के लिए भेजा जाएगा।
हापुड़ में कई नामी ब्रांड के नाम से सरसों की खल भी खूब बिक रही है, जो पशुओं की सेहत के लिए काफी खतरनाक है। दिलचस्प बात यह है कि हापुड़ में कई लोग तो खल भी बाहर से मंगाते हैं और अपनी ब्रांड की बोरियों में भरकर सप्लाई कर रहे हैं।
डॉ. पराग शर्मा का कहना है कि मिलावटी सरसों के तेल से लीवर संबंधी बीमारियां होती हैं। केमिकल युक्त तेल कैंसर का भी कारण बनता है। इसके सेवन से शरीर पर सूजन आ जाती है और फेफड़ों में पानी जमा होने का खतरा बन जाता है। कुल मिलाकर इसका सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक है।
सरसों के तेल को हाथ लेकर कुछ देर रगड़ने से मिलावटी तेल का रंग हाथों पर आ जाएगा और इससे हल्की सी झल भी आएगी। ऐसे तेल से तीखी गंध भी आती है।