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अब बिना अनुमति स्कूल में लगाया नेत्र परीक्षण कैंप
अमर उजाला, हापुड़
Updated Thu, 10 Dec 2015 12:19 AM IST
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नाै मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि नगर के लाइंस क्लब ने बिना स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के मोदीनगर रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में नेत्र परीक्षण कैंप आयोजित कर 155 बच्चों की आंखों की जांच की।
एसीएमओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। बता दें कि बीते पांच नवंबर को मोदीनगर के एक चेरिटेबल अस्पताल के चिकित्सकों ने स्वर्ण आश्रम रोड के मोदी जनाना अस्पताल में बिना स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के नेत्र परीक्षण कैंप लगाकर 9 मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चयनित कर लिया था।
ऑपरेशन के बाद इन मरीजों की एक-एक आंख की रोशनी चली गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने जिले में बिना उनकी अनुमति के कोई कैंप आयोजित न किए जाने के निर्देश जारी किए थे।
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लेकिन नगर के लाइंस क्लब ने मोदीनगर रोड के एक स्कूल में बिना स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के कैंप लगाकर करीब 155 बच्चों की आंखों की जांच की। करीब 40 बच्चों को चश्मा लगाने की हिदायत दी। आश्चर्य की बात यह रही है कि क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी ही चिकित्सक हैं जो बच्चों की आंखों का परीक्षण कर रहे थे।
बच्चों को उनकी आंखों की देखभाल करने की सलाह देने के उद्देश्य से ये कैंप लगाया गया था। कैंप लगाने की स्वास्थ्य विभाग से कोई अनुमति नहीं ली थी।- डॉ.राजेश्वर सिंह, लाइंस क्लब अध्यक्ष
नेत्र परीक्षण कैंप लगाने के संबंध में क्लब ने उनसे कोई अनुमति नहीं ली है। यह मामला गंभीर है इस संबंध में उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं।- डॉ. आर.वी सिंह, एसीएमओ
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एसीएमओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। बता दें कि बीते पांच नवंबर को मोदीनगर के एक चेरिटेबल अस्पताल के चिकित्सकों ने स्वर्ण आश्रम रोड के मोदी जनाना अस्पताल में बिना स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के नेत्र परीक्षण कैंप लगाकर 9 मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चयनित कर लिया था।
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ऑपरेशन के बाद इन मरीजों की एक-एक आंख की रोशनी चली गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने जिले में बिना उनकी अनुमति के कोई कैंप आयोजित न किए जाने के निर्देश जारी किए थे।
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लेकिन नगर के लाइंस क्लब ने मोदीनगर रोड के एक स्कूल में बिना स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के कैंप लगाकर करीब 155 बच्चों की आंखों की जांच की। करीब 40 बच्चों को चश्मा लगाने की हिदायत दी। आश्चर्य की बात यह रही है कि क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी ही चिकित्सक हैं जो बच्चों की आंखों का परीक्षण कर रहे थे।
बच्चों को उनकी आंखों की देखभाल करने की सलाह देने के उद्देश्य से ये कैंप लगाया गया था। कैंप लगाने की स्वास्थ्य विभाग से कोई अनुमति नहीं ली थी।- डॉ.राजेश्वर सिंह, लाइंस क्लब अध्यक्ष
नेत्र परीक्षण कैंप लगाने के संबंध में क्लब ने उनसे कोई अनुमति नहीं ली है। यह मामला गंभीर है इस संबंध में उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं।- डॉ. आर.वी सिंह, एसीएमओ