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सत्ता परिवर्तन के साथ ही फूली मीट कारोबारियों की सांस
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Mon, 20 Mar 2017 10:06 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जिले में मीट कारोबार बड़े पैमाने पर होता हैं। इससे हजारों लोग जुड़े हुए हैं। अब जैसे ही सत्ता परिवर्तन हुआ तो इन कारोबारियों की सांस फूल गई हैं। इसका खौफ मीट कारोबारियों पर साफ नजर आ रहा है।
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आला अधिकारी भी अवैध रूप से कटान करने व पशु अवशेष गोदाम संचालकों पर कार्रवाई की तैयारी में जुट गए हैं। जिले में वैध लाइसेंस वाली एक मीट फैक्ट्री संचालित है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में अवैध रूप से मिनी कमेले चल रहे हैं।
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साथ ही पशु अवशेष के गोदामों की संख्या भी काफी है। समय समय पर पुलिस द्वारा अवैध रूप से होने वाले कटान के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। लेकिन उसके बावजूद इनका संचालन बदस्तूर जारी रहता है।
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ऐसे में सत्ता बदलने पर अवैध रूप से चलने वाले गोदामों व कमेलों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। जिसको लेकर मीट कारोबारियों में दहशत का माहौल है। मीट का अवैध कारोबार करने वालों में अधिकांश सफेदपोश शामिल है। ये लोग सत्ता के नजदीकी होने के चलते खुलकर कटान कराते हैं।
बताया जा रहा है कि अवैध बूचडख़ाने बंद कराना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में अवैध बूचडख़ानों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस प्रशासन के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। खुफिया तौर पर वह अवैध संचालन करने वाले लोगों की सूची तैयार कर रहे हैं।
एएसपी रामनयन यादव ने बताया कि जिले में अवैध रूप से कटान बंद है। यदि कहीं पर अवैध कटान होता मिलता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि नियमों के तहत ही कार्य होने दिया जाएगा। संबधित विभागों को जांच पड़ताल के आदेश दिए गए हैं।
समय समय पर अवैध कटान को लेकर हापुड़ सुर्खियों में रहा है। जिले में दो वर्ष पहले रामपुर रोड पर प्रतिबंधित पशु ऊंट का कटान होता मिला था। छापामार कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में मीट बरामद हुआ था। यह मुद्दा एनजीटी कोर्ट तक पहुंचा था। साथ ही प्रदेश स्तर पर सुर्खियों में छाया रहा था।