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Hapur News: किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा
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हापुड़। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज करते हुए बताया था कि दो अगस्त 2020 की रात वह अपने परिवार के साथ घर पर सोया हुआ था। तभी रात में करीब एक बजे जब उसकी आंख खुली तो उन्होंने देखा कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री अपनी चारपाई पर नहीं थी।
शक होने पर पीड़ित ने अपनी पत्नी व परिवार के अन्य लोगों को जगाया और उसकी तलाश शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद जब वह तलाश करता हुआ अपने गांव में धुनों की बस्ती में पहुंचा तो उसकी पुत्री गांव की रश्मि त्यागी व उसकी मां आशा के साथ मिली। जिसे उन्होंने पकड़ लिया था। इस संबंध में अपनी पुत्री से पूछताछ की तो उसने बताया कि रात में जब वह लघुशंका के लिए उठी तो गांव के राजकुमार उर्फ राजू त्यागी अपने दोस्त विकास उर्फ डब्बल के साथ उसके घर पर आया था और उसे बहलाकर ले गए। राजू अपने दोस्त के साथ उसे कहीं ले जाने की फिराक में था, तभी उसकी भाभी रश्मि व उसकी मां आशा आ गई थी।
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमे की विवेचना में अभियुक्त राजू उर्फ राजकुमार त्यागी के विरूद्ध अपहरण, दुष्कर्म व अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। अभियुक्त विकास उर्फ डब्बल की नामजदगी गलत पाई गई थी। अभियुक्त राजकुमार त्यागी उर्फ राजू के विरुद्ध आरोप पत्र पर न्यायालय द्वारा संज्ञान लिया गया था। मंगलवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाया।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज करते हुए बताया था कि दो अगस्त 2020 की रात वह अपने परिवार के साथ घर पर सोया हुआ था। तभी रात में करीब एक बजे जब उसकी आंख खुली तो उन्होंने देखा कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री अपनी चारपाई पर नहीं थी।
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शक होने पर पीड़ित ने अपनी पत्नी व परिवार के अन्य लोगों को जगाया और उसकी तलाश शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद जब वह तलाश करता हुआ अपने गांव में धुनों की बस्ती में पहुंचा तो उसकी पुत्री गांव की रश्मि त्यागी व उसकी मां आशा के साथ मिली। जिसे उन्होंने पकड़ लिया था। इस संबंध में अपनी पुत्री से पूछताछ की तो उसने बताया कि रात में जब वह लघुशंका के लिए उठी तो गांव के राजकुमार उर्फ राजू त्यागी अपने दोस्त विकास उर्फ डब्बल के साथ उसके घर पर आया था और उसे बहलाकर ले गए। राजू अपने दोस्त के साथ उसे कहीं ले जाने की फिराक में था, तभी उसकी भाभी रश्मि व उसकी मां आशा आ गई थी।
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमे की विवेचना में अभियुक्त राजू उर्फ राजकुमार त्यागी के विरूद्ध अपहरण, दुष्कर्म व अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। अभियुक्त विकास उर्फ डब्बल की नामजदगी गलत पाई गई थी। अभियुक्त राजकुमार त्यागी उर्फ राजू के विरुद्ध आरोप पत्र पर न्यायालय द्वारा संज्ञान लिया गया था। मंगलवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाया।