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Hapur News: सिद्धी व साध्य योग में पितृ पक्ष एकादशी आज, कल सूर्योदय के बाद होगा पारण
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बैठक में भाग लेने पहुंचे ज्योतिषाचार्य। स्रोत: संस्था
हापुड़। शहर के देवलोक कॉलोनी स्थित श्री ज्योतिष कार्यालय पर ज्योतिष महासभा की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें ज्योतिष शास्त्र व वैदिक पंचांग की गणना के आधार पर सर्वसम्मति से पितृ पक्ष की इंदिरा एकादशी का व्रत छह अक्तूबर को रखने का निर्णय लिया गया। इस दिन सिद्धि व साध्य योग का संयोग बन रहा है, जिसे कल्याणप्रद माना गया है।
ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि इंदिरा एकादशी पर बन रहा सिद्धि व साध्य योग धार्मिक दृष्टि से विशेष कल्याणकारी है। पितृपक्ष होने के कारण इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, दान और श्रद्धापूर्वक स्मरण करना विशेष फलदायी माना जाता है। पंडित प्रेम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि एकादशी तिथि पांच अक्तूबर की मध्य रात्रि 2:07 बजे से शुरू होकर छह अक्तूबर की मध्य रात्रि 12:34 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार छह अक्तूबर को व्रत रखना शास्त्रोक्त है।
पंडित सुरेंद्र द्विवेदी ने बताया कि व्रत का पारण सात अक्तूबर को सूर्योदय के बाद अन्न, फल और दक्षिणा सहित करना चाहिए। पंडित प्रवीण तिवारी ने बताया कि सात अक्तूबर पारण का शुभ समय सुबह 6:30 से 8:15 बजे तक रहेगा। वहीं पंडित राज तिवारी के अनुसार पंचांग गणना में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा।
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पंडित हर्ष पांडेय ने बताया कि व्रत से एक दिन पूर्व दशमी तिथि से संयम बरतते हुए सात्विक भोजन करना चाहिए। एकादशी के दिन अन्न, चावल, गेहूं और दाल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर तुलसी दल अर्पित करें और नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। इंदिरा एकादशी की व्रत कथा का श्रवण या पाठ भी करना चाहिए।
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ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि इंदिरा एकादशी पर बन रहा सिद्धि व साध्य योग धार्मिक दृष्टि से विशेष कल्याणकारी है। पितृपक्ष होने के कारण इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, दान और श्रद्धापूर्वक स्मरण करना विशेष फलदायी माना जाता है। पंडित प्रेम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि एकादशी तिथि पांच अक्तूबर की मध्य रात्रि 2:07 बजे से शुरू होकर छह अक्तूबर की मध्य रात्रि 12:34 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार छह अक्तूबर को व्रत रखना शास्त्रोक्त है।
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पंडित सुरेंद्र द्विवेदी ने बताया कि व्रत का पारण सात अक्तूबर को सूर्योदय के बाद अन्न, फल और दक्षिणा सहित करना चाहिए। पंडित प्रवीण तिवारी ने बताया कि सात अक्तूबर पारण का शुभ समय सुबह 6:30 से 8:15 बजे तक रहेगा। वहीं पंडित राज तिवारी के अनुसार पंचांग गणना में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा।
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पंडित हर्ष पांडेय ने बताया कि व्रत से एक दिन पूर्व दशमी तिथि से संयम बरतते हुए सात्विक भोजन करना चाहिए। एकादशी के दिन अन्न, चावल, गेहूं और दाल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर तुलसी दल अर्पित करें और नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। इंदिरा एकादशी की व्रत कथा का श्रवण या पाठ भी करना चाहिए।