{"_id":"698f49e047c5b1c27b0fb425","slug":"lady-demand-suicide-hapur-news-c-135-1-hpr1005-137082-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: उत्तराखंड निवासी महिला ने तीन बच्चों संग मांगी इच्छामृत्यु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: उत्तराखंड निवासी महिला ने तीन बच्चों संग मांगी इच्छामृत्यु
Fri, 13 Feb 2026 09:27 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 13 Feb 2026 09:27 PM IST
विज्ञापन
दो मृत्यु प्रमाण-पत्र बनने का मामला :-
हापुड़। उत्तराखंड के चमौली जिले के गोपेश्वर में वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी रहे अरुण कुमार वर्मा के दो-दो मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी होने के मामले में मृतक की पत्नी होने का दावा करने वाली महिला ने तीनों बच्चों संग इच्छामृत्यु मांगी है। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज पीड़िता ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को भेजा है।
ज्ञापन में चंद्रकला वर्मा ने बताया कि पति की मौत के बाद से वह तीनों बच्चों के साथ अकेले किराए के मकान में जीवन यापन कर रही हैं। आरोप है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल तक नहीं भेजा गया है, जबकि वारिसान प्रमाण-पत्र और पालिका से नियम विरुद्ध जारी हुआ जन्म प्रमाण-पत्र निरस्त हो चुका है। मामले में किसी राजपत्रित अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई, लेकिन जांच अधिकारी को नहीं बदला गया है। इस मामले में प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। यहां तक कि बार-बार जिले में जांच के नाम पर बुलाकर परेशान किया जा रहा है।
अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज हुई थी रिपोर्ट--
चंद्रकला वर्मा ने पति की मृत्यु के पश्चात उनकी सरकारी नौकरी पाने के उद्देश्य से कुछ लोगों पर नगर पालिका कर्मचारियों से सांठगांठ कर पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण बनवाने का आरोप लगाया था। मामले में न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पालिका के तत्कालीन रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु मनोज कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक आवेश कुमार, तत्कालीन सफाई निरीक्षक राजकुमार, सफाई नायक राजीव, राजस्व निरीक्षक अमरपाल सिंह व क्षेत्रीय लेखपाल गंगा प्रसाद पटेल, मीना वर्मा, शुचि वर्मा, यश वर्मा, ममता वर्मा, नीलम, विजयेता यादव, चंद्रहास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
ये है पूरा मामला--
मृतक की पत्नी चंद्रकला वर्मा ने एसपी को शिकायत कर बताया था कि उनका विवाह मूलरूप से बुलंदशहर जिले के स्याना निवासी अरुण कुमार वर्मा से करीब 20 वर्ष पहले हुआ था। ड्यूटी के दौरान एक जून 2024 को हृदयगति रुकने से अरुण कुमार की मृत्यु हो गई। वहीं पर ही उनका पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद 19 जून 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग ने मृतक का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया था। मौत के बाद चंद्रकला वर्मा ने मृतक आश्रित में नौकरी व परिवार के पालन-पोषण के लिए सरकारी धनराशि की मांग की। इस पर सामने आया कि हापुड़ नगर के स्वर्ग आश्रम रोड के मोहल्ला राजनगर निवासी मीना वर्मा ने भी स्वयं को मृतक की पत्नी बताते हुए हापुड़ नगर पालिका से मृतक का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी कराया हुआ है। यह प्रमाण-पत्र 19 जुलाई 2024 को जारी हुआ है। इस मामले में मीना वर्मा ने भी एसपी कार्यालय में चंद्रकला वर्मा पर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
हापुड़। उत्तराखंड के चमौली जिले के गोपेश्वर में वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी रहे अरुण कुमार वर्मा के दो-दो मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी होने के मामले में मृतक की पत्नी होने का दावा करने वाली महिला ने तीनों बच्चों संग इच्छामृत्यु मांगी है। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज पीड़िता ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को भेजा है।
ज्ञापन में चंद्रकला वर्मा ने बताया कि पति की मौत के बाद से वह तीनों बच्चों के साथ अकेले किराए के मकान में जीवन यापन कर रही हैं। आरोप है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल तक नहीं भेजा गया है, जबकि वारिसान प्रमाण-पत्र और पालिका से नियम विरुद्ध जारी हुआ जन्म प्रमाण-पत्र निरस्त हो चुका है। मामले में किसी राजपत्रित अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई, लेकिन जांच अधिकारी को नहीं बदला गया है। इस मामले में प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। यहां तक कि बार-बार जिले में जांच के नाम पर बुलाकर परेशान किया जा रहा है।
विज्ञापन
अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज हुई थी रिपोर्ट
चंद्रकला वर्मा ने पति की मृत्यु के पश्चात उनकी सरकारी नौकरी पाने के उद्देश्य से कुछ लोगों पर नगर पालिका कर्मचारियों से सांठगांठ कर पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण बनवाने का आरोप लगाया था। मामले में न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पालिका के तत्कालीन रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु मनोज कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक आवेश कुमार, तत्कालीन सफाई निरीक्षक राजकुमार, सफाई नायक राजीव, राजस्व निरीक्षक अमरपाल सिंह व क्षेत्रीय लेखपाल गंगा प्रसाद पटेल, मीना वर्मा, शुचि वर्मा, यश वर्मा, ममता वर्मा, नीलम, विजयेता यादव, चंद्रहास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
ये है पूरा मामला
मृतक की पत्नी चंद्रकला वर्मा ने एसपी को शिकायत कर बताया था कि उनका विवाह मूलरूप से बुलंदशहर जिले के स्याना निवासी अरुण कुमार वर्मा से करीब 20 वर्ष पहले हुआ था। ड्यूटी के दौरान एक जून 2024 को हृदयगति रुकने से अरुण कुमार की मृत्यु हो गई। वहीं पर ही उनका पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद 19 जून 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग ने मृतक का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया था। मौत के बाद चंद्रकला वर्मा ने मृतक आश्रित में नौकरी व परिवार के पालन-पोषण के लिए सरकारी धनराशि की मांग की। इस पर सामने आया कि हापुड़ नगर के स्वर्ग आश्रम रोड के मोहल्ला राजनगर निवासी मीना वर्मा ने भी स्वयं को मृतक की पत्नी बताते हुए हापुड़ नगर पालिका से मृतक का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी कराया हुआ है। यह प्रमाण-पत्र 19 जुलाई 2024 को जारी हुआ है। इस मामले में मीना वर्मा ने भी एसपी कार्यालय में चंद्रकला वर्मा पर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।