{"_id":"661eac04f06e8ceca9026837","slug":"khatriya-community-sammelan-hapur-news-c-135-1-hpr1001-109650-2024-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: सम्मेलन के जरिए आज ताकत दिखाएंगे क्षत्रिय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: सम्मेलन के जरिए आज ताकत दिखाएंगे क्षत्रिय
Tue, 16 Apr 2024 10:19 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 16 Apr 2024 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हापुड़। क्षत्रियों का गढ़ कहे जाने वाले धौलाना विधानसभा क्षेत्र में आज क्षत्रिय स्वाभिमान सम्मेलन होगा। इसमें लगभग 10 से 12 हजार की भीड़ एकत्र होने का दावा किया जा रहा है। जिसको देखते हुए खुफिया विभाग भी सतर्क हो गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होने वाले इस पांचवें सम्मेलन के जरिए साठा-चौरासी के क्षत्रिय बाहुल्य गांवों के ग्रामीणों को एक मंच पर लाकर ताकत दिखाने का प्रयास होगा। हालांकि, मंगलवार की शाम तक भी प्रशासन की ओर से सम्मेलन को लेकर कोई अनुमति आयोजकों को प्रदान नहीं की गई थी।
सम्मेलनों को लेकर कई प्रकार की चर्चा हैं। इनमें क्षत्रिय समाज किन कारणों से भाजपा से नाराज है। इनको विशेष रूप से रखा जा रहा है। साठा चौरासी विकास मंच एवं क्षत्रिय नेता संस्थापक ललित राणा के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर के बाद यह पांचवीं पंचायत होने जा रही है। जिसमें ग्वालियर, कैराना, सहारनपुर और कैथल में हुई घटनाओं के अलावा भाजपा के द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कम की गई टिकटों की भागीदारी से क्षत्रियों की नाराजगी है। यही कारण है कि लगातार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में क्षत्रियों के द्वारा सम्मेलन किए जा रहे हैं।
कई जिलों से प्रतिनिधि भी आएंगे--
आयोजकों का दावा है कि इस सम्मेलन में मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर जैसे जिलों से भी 100 से 150 प्रतिनिधि आएंगे। इसके लिए फोन और सोशल मीडिया के जरिए लगातार बातचीत चल रही है। जिससे कि धौलाना का संदेश सारे में गूंजे। पिछले कई दिन से इसकी कवायद चल रही है। सम्मेलन को लेकर समाज के लोगों में जोश भी दिखाई दे रहा है और हर कोई इसका प्रचार प्रसार भी कर रहा है।
विज्ञापन
पश्चिम के बाद पूरब में भी होंगे सम्मेलन--
हापुड़ जिले के धौलाना के बाद बुलंदशहर में सम्मेलन होगा। लगातार इन सम्मेलनों को बढ़ावा दिया जाएगा। आने वाले दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी सम्मेलन कराए जाएंगे।
इसलिए महत्वपूर्ण है साठा-चौरासी--
क्षत्रिय समाज बाहुल्य 60 और 84 गांव पहले एक साथ थे, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह ने इन गांवों को कई लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में बांट दिया था। अब यह गांव मेरठ-हापुड़, गढ़-अमरोहा, धौलाना-गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत लोकसभा सीट में बंट चुके हैं। हालांकि, धौलाना क्षेत्र को आज भी क्षत्रियों का गढ़ कहा जाता है।
सम्मेलन की नहीं दी अनुमति
दूसरे जिलों में हुए सम्मेलनों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए यहां भी उसी तरह की तैयारियां की जा रही हैं। सम्मेलन से ठीक एक दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा भी है। ऐसे में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। धौलाना उपजिलाधिकारी संतोष उपाध्याय का कहना है कि धौलना मेंं एक कार्यक्रम की जानकारी मिली है, लेकिन ऐसे किसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है।
विज्ञापन
सम्मेलनों को लेकर कई प्रकार की चर्चा हैं। इनमें क्षत्रिय समाज किन कारणों से भाजपा से नाराज है। इनको विशेष रूप से रखा जा रहा है। साठा चौरासी विकास मंच एवं क्षत्रिय नेता संस्थापक ललित राणा के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर के बाद यह पांचवीं पंचायत होने जा रही है। जिसमें ग्वालियर, कैराना, सहारनपुर और कैथल में हुई घटनाओं के अलावा भाजपा के द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कम की गई टिकटों की भागीदारी से क्षत्रियों की नाराजगी है। यही कारण है कि लगातार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में क्षत्रियों के द्वारा सम्मेलन किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
कई जिलों से प्रतिनिधि भी आएंगे
आयोजकों का दावा है कि इस सम्मेलन में मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर जैसे जिलों से भी 100 से 150 प्रतिनिधि आएंगे। इसके लिए फोन और सोशल मीडिया के जरिए लगातार बातचीत चल रही है। जिससे कि धौलाना का संदेश सारे में गूंजे। पिछले कई दिन से इसकी कवायद चल रही है। सम्मेलन को लेकर समाज के लोगों में जोश भी दिखाई दे रहा है और हर कोई इसका प्रचार प्रसार भी कर रहा है।
विज्ञापन
पश्चिम के बाद पूरब में भी होंगे सम्मेलन
हापुड़ जिले के धौलाना के बाद बुलंदशहर में सम्मेलन होगा। लगातार इन सम्मेलनों को बढ़ावा दिया जाएगा। आने वाले दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी सम्मेलन कराए जाएंगे।
इसलिए महत्वपूर्ण है साठा-चौरासी
क्षत्रिय समाज बाहुल्य 60 और 84 गांव पहले एक साथ थे, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह ने इन गांवों को कई लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में बांट दिया था। अब यह गांव मेरठ-हापुड़, गढ़-अमरोहा, धौलाना-गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत लोकसभा सीट में बंट चुके हैं। हालांकि, धौलाना क्षेत्र को आज भी क्षत्रियों का गढ़ कहा जाता है।
सम्मेलन की नहीं दी अनुमति
दूसरे जिलों में हुए सम्मेलनों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए यहां भी उसी तरह की तैयारियां की जा रही हैं। सम्मेलन से ठीक एक दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा भी है। ऐसे में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। धौलाना उपजिलाधिकारी संतोष उपाध्याय का कहना है कि धौलना मेंं एक कार्यक्रम की जानकारी मिली है, लेकिन ऐसे किसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है।