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Hapur News: श्रावण अमावस्या आज, लाखों श्रद्धालु लगाएंगे गंगा में आस्था की डुबकी
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ब्रजघाट। सावन माह की हरियाली अमावस्या पर बुधवार को गंगानगरी के साथ ही पुष्पावती पूठ और लठीरा के तट पर लाखों श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। विद्वानों के अनुसार इस दिन पड़ने वाले सूर्य ग्रहण का प्रभाव देश में नहीं होगा।
पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि सावन माह की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान और पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं, हरियाली अमावस्या पर पौधरोपण को भी उत्तम माना गया है।
अमावस्या पर हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान समेत पश्चिमी उप्र के विभिन्न जनपदों के श्रद्धालुओं का आगमन गंगानगरी में होगा। जो गंगा में स्नान कर धार्मिक कर्मकांड करेंगे। स्नान करने वालों में अधिकांश भक्त वह होंगे, जिन्होंने हरिद्वार और ऋषिकेश से कांवड़ लाकर शिवरात्रि पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया है।
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पूठ और लठीरा के तटों पर भी स्थानीय श्रद्धालु स्नान करेंगे। विनोद शास्त्री ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का भी संयोग बन रहा है। यह ग्रहण रात को लगेगा और अवधि पूरी रात तक रहेगी। ग्रहण का प्रभाव भारत में नहीं होगा। इसलिए इसका सूतक भी नहीं माना जाएगा।
पुलिस और पालिका भी मुस्तैद
पालिका ईओ पवित्रा त्रिपाठी ने बताया कि शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा को लेकर बैरिकेडिंग समेत सभी तैयारी पहले से की हुई हैं। यदि कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग क्षतिग्रस्त हुई है, तो उसे ठीक कराया जाएगा। सफाई व अन्य व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने का निर्देश कर्मचारियों को दिया गया है। वहीं, सीओ राहुल यादव का कहना है कि गंगा नदी का जलस्तर इस समय बढ़ा हुआ है। जिसके मद्देनजर नाविकों, गोताखोरों के साथ ही स्थानीय पुलिस को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। हाईवे पर भी यातायात कर्मियों, क्रेन तैनात रहेंगे। वहीं, ब्रजघाट में दमकल विभाग के कर्मचारी और अग्निशमन वाहन भी मौजूद रहेगा।
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पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि सावन माह की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान और पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं, हरियाली अमावस्या पर पौधरोपण को भी उत्तम माना गया है।
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अमावस्या पर हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान समेत पश्चिमी उप्र के विभिन्न जनपदों के श्रद्धालुओं का आगमन गंगानगरी में होगा। जो गंगा में स्नान कर धार्मिक कर्मकांड करेंगे। स्नान करने वालों में अधिकांश भक्त वह होंगे, जिन्होंने हरिद्वार और ऋषिकेश से कांवड़ लाकर शिवरात्रि पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया है।
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पूठ और लठीरा के तटों पर भी स्थानीय श्रद्धालु स्नान करेंगे। विनोद शास्त्री ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का भी संयोग बन रहा है। यह ग्रहण रात को लगेगा और अवधि पूरी रात तक रहेगी। ग्रहण का प्रभाव भारत में नहीं होगा। इसलिए इसका सूतक भी नहीं माना जाएगा।
पुलिस और पालिका भी मुस्तैद
पालिका ईओ पवित्रा त्रिपाठी ने बताया कि शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा को लेकर बैरिकेडिंग समेत सभी तैयारी पहले से की हुई हैं। यदि कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग क्षतिग्रस्त हुई है, तो उसे ठीक कराया जाएगा। सफाई व अन्य व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने का निर्देश कर्मचारियों को दिया गया है। वहीं, सीओ राहुल यादव का कहना है कि गंगा नदी का जलस्तर इस समय बढ़ा हुआ है। जिसके मद्देनजर नाविकों, गोताखोरों के साथ ही स्थानीय पुलिस को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। हाईवे पर भी यातायात कर्मियों, क्रेन तैनात रहेंगे। वहीं, ब्रजघाट में दमकल विभाग के कर्मचारी और अग्निशमन वाहन भी मौजूद रहेगा।