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Hapur News: सट्टा किंग को खादर में संरक्षण देने वालों की होगी जांच
Mon, 20 May 2024 10:17 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 20 May 2024 10:17 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा किनारे स्थित खादर के जंगल में मुंबई के सट्टा किंग रमेश चौरसिया की अरबों की संपत्ति जब्त करने के बाद आयकर विभाग की टीम अब उन लोगों की भी जांच करेेगी जिन लोगों ने सट्टा किंग को यहां पर बैनामी संपत्ति की खरीद करवाई थी। स्थानीय स्तर पर उसके मददगार कौन लोग हैं। वहीं, यह भी सवाल है कि मुंबई जैसे बड़े शहर में रहने वाला सट्टा किंग किसके माध्यम से गंगा खादर में जमीन खरीदने पहुंच गया।
बता दें कि मुंबई आयकर विभाग की टीम ने दो दिन पूर्व ऑनलाइन सट्टा किंग रमेश चौरसिया की खादर क्षेत्र में गंगा किनारे छह गांवों के रकबे में फैली 15 सौ बीघे जमीन अपने अधीन की है। उसकी जमीन चार अलग-अलग कंपनी के नाम है। लठीरा के निकट ही उसकी डेयरी है। जिसमें 80 गाय हैं। गायों की देखभाल और फार्म व बाग की देखरेख के लिए 15 से 20 लोग रहते हैं। इनमें कुछ बाहरी और कुछ स्थानीय हैं। डेयरी के बराबर में ही उसका आलीशान मकान है। इसी परिसर में तीन ट्रैक्टर और कृषि उपकरण खड़े हैं। उसके करीबियों का सुराग लगाने के लिए मुंबई की आयकर विभाग की टीम ने डेरा डाल दिया है। जबकि गंगा किनारे के गांवों में फैली अरबों की बेनामी संपत्ति का मालिक सट्टा किंग रमेश चौरसिया दिल्ली और एनसीआर के सटोरियों का करीबी बताया जा रहा है। जिनके वजह से ही वह गंगा के खादर में आया और यहां पर बेनामी संपत्ति अर्जित की। छानबीन में जुटी मुंबई की टीम का कहना है कि गंगा का खादर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की शरणस्थली और पहली पसंद है। एनसीआर के निकट होने के कारण आपराधिक प्रवृत्ति के लोग बाहर वारदातों को अंजाम देकर यहां पर छिप जाते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी कारण उसने यहां पर संपत्ति खरीदी थी।
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बता दें कि मुंबई आयकर विभाग की टीम ने दो दिन पूर्व ऑनलाइन सट्टा किंग रमेश चौरसिया की खादर क्षेत्र में गंगा किनारे छह गांवों के रकबे में फैली 15 सौ बीघे जमीन अपने अधीन की है। उसकी जमीन चार अलग-अलग कंपनी के नाम है। लठीरा के निकट ही उसकी डेयरी है। जिसमें 80 गाय हैं। गायों की देखभाल और फार्म व बाग की देखरेख के लिए 15 से 20 लोग रहते हैं। इनमें कुछ बाहरी और कुछ स्थानीय हैं। डेयरी के बराबर में ही उसका आलीशान मकान है। इसी परिसर में तीन ट्रैक्टर और कृषि उपकरण खड़े हैं। उसके करीबियों का सुराग लगाने के लिए मुंबई की आयकर विभाग की टीम ने डेरा डाल दिया है। जबकि गंगा किनारे के गांवों में फैली अरबों की बेनामी संपत्ति का मालिक सट्टा किंग रमेश चौरसिया दिल्ली और एनसीआर के सटोरियों का करीबी बताया जा रहा है। जिनके वजह से ही वह गंगा के खादर में आया और यहां पर बेनामी संपत्ति अर्जित की। छानबीन में जुटी मुंबई की टीम का कहना है कि गंगा का खादर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की शरणस्थली और पहली पसंद है। एनसीआर के निकट होने के कारण आपराधिक प्रवृत्ति के लोग बाहर वारदातों को अंजाम देकर यहां पर छिप जाते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी कारण उसने यहां पर संपत्ति खरीदी थी।
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