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Hapur News: होली पर भद्रा का साया, सिर्फ एक घंटे 11 मिनट का शुभ मुहूर्त
Sat, 23 Mar 2024 09:34 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 23 Mar 2024 09:34 PM IST
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हापुड़। होली पर अशुभ भद्रा का साया होने के कारण 24 मार्च को होलिका दहन के लिए सिर्फ एक घंटे 11 मिनट का शुभ मुहूर्त मिलेगा। रात्रि 11.13 बजे से 12.24 बजे के बीच सर्वार्थ सिद्धि योग में होलिका दहन किया जाएगा। वहीं दोपहर 2.20 से 3.30 बजे और शाम 6.33 से 7.53 बजे तक होलिका पूजन का मुहूर्त रहेगा।
भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष केसी पांडेय व ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि नारद पुराण की कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को वरदान में चादर मिली हुई था, जिसकों ओढ़ने पर आग में भी नहीं जल सकती थी। लेकिन वह भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर आग पर बैठ गई। चादर उड़कर प्रह्लाद पर आ गई और होलिका आग में जलकर भस्म हो गई। तभी से बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में होलिका दहन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह 9.55 बजे से पूर्णिमा के साथ अशुभ भद्रा के साथ आरंभ होकर 25 मार्च को दोपहर 12.30 बजे समाप्त होगी। भद्रा रविवार रात्रि 11.13 बजे तक रहेगी। निर्णय सिंधु और धर्म सिंधु के अनुसार भद्राकाल में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है। इससे ग्राम, घर के मुखियाओं के लिए भी अशुभ माना जाता है। होलिका पूजन के लिए रविवार दोपहर 2.20 बजे से 3.30 बजे तक व शाम 6.33 बजे से 7.53 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। वहीं होलिका दहन के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग में रात्रि 11.13 बजे से 12.24 के बीच किया जाएगा।
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भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष केसी पांडेय व ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि नारद पुराण की कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को वरदान में चादर मिली हुई था, जिसकों ओढ़ने पर आग में भी नहीं जल सकती थी। लेकिन वह भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर आग पर बैठ गई। चादर उड़कर प्रह्लाद पर आ गई और होलिका आग में जलकर भस्म हो गई। तभी से बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में होलिका दहन किया जाता है।
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उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह 9.55 बजे से पूर्णिमा के साथ अशुभ भद्रा के साथ आरंभ होकर 25 मार्च को दोपहर 12.30 बजे समाप्त होगी। भद्रा रविवार रात्रि 11.13 बजे तक रहेगी। निर्णय सिंधु और धर्म सिंधु के अनुसार भद्राकाल में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है। इससे ग्राम, घर के मुखियाओं के लिए भी अशुभ माना जाता है। होलिका पूजन के लिए रविवार दोपहर 2.20 बजे से 3.30 बजे तक व शाम 6.33 बजे से 7.53 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। वहीं होलिका दहन के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग में रात्रि 11.13 बजे से 12.24 के बीच किया जाएगा।
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