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Hapur News: बुखार से मौत के बाद वैठ पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
Thu, 02 Nov 2023 09:58 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 02 Nov 2023 09:58 PM IST
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सिंभावली। गांव वैठ में बुखार से हुई मौतों के बाद बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर मरीजों की जांच की।शिविर में 150 मरीजों ने जांच कराई, जिसमें 35 बुखार के मिले।
सिखैड़ा सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित बैसला ने बताया कि गांव वैठ में बुखार से मौत की सूचना के बाद टीम ने मृतक के घर समेत आसपास के क्षेत्र में जांच की है। सात वर्ष की बच्ची अरूबा की मौत बुखार से होना सामने आया है। इसके अलावा 12 वर्षीय अलीशा और 16 वर्षीय सादिका के परिजनों से भी वार्ता की गई। जिसमें जानकारी मिली कि अलीशा को करीब 10 दिन पहले बुखार हुआ था, जो वर्तमान में स्वस्थ थी। उसकी मृत्यु अचानक हुई है। इसके अलावा सादिका काफी समय से हेपेटाइटिस से ग्रस्त थी। जिसका उपचार भी चल रहा था। गांव में शिविर लगाकर 150 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 35 मरीज बुखार से पीड़ित थे। जिनके रक्त के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए है। इसके अलावा चर्म रोग, खांसी, नजला-जुकाम से पीड़ितों की संख्या अधिक रही। शिविर के दौरान चिकित्सकों ने ग्रामीणों को घरों समेत आसपास के क्षेत्र में सफाई रखने, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और रात को सोते समय मच्छरदानी अथवा मच्छरों को दूर रखने के उपाय अपनाने के प्रति भी जागरूक किया। डॉ. अमित ने कहा कि बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह के बिना किसी भी तरह की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। सरकारी अस्पतालों में जांच और दवाएं उपलब्ध हैं। इसलिए इधर-उधर न जाकर सरकारी अस्पतालों मेंं पहुंचकर दवा लें।
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सिखैड़ा सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित बैसला ने बताया कि गांव वैठ में बुखार से मौत की सूचना के बाद टीम ने मृतक के घर समेत आसपास के क्षेत्र में जांच की है। सात वर्ष की बच्ची अरूबा की मौत बुखार से होना सामने आया है। इसके अलावा 12 वर्षीय अलीशा और 16 वर्षीय सादिका के परिजनों से भी वार्ता की गई। जिसमें जानकारी मिली कि अलीशा को करीब 10 दिन पहले बुखार हुआ था, जो वर्तमान में स्वस्थ थी। उसकी मृत्यु अचानक हुई है। इसके अलावा सादिका काफी समय से हेपेटाइटिस से ग्रस्त थी। जिसका उपचार भी चल रहा था। गांव में शिविर लगाकर 150 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 35 मरीज बुखार से पीड़ित थे। जिनके रक्त के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए है। इसके अलावा चर्म रोग, खांसी, नजला-जुकाम से पीड़ितों की संख्या अधिक रही। शिविर के दौरान चिकित्सकों ने ग्रामीणों को घरों समेत आसपास के क्षेत्र में सफाई रखने, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और रात को सोते समय मच्छरदानी अथवा मच्छरों को दूर रखने के उपाय अपनाने के प्रति भी जागरूक किया। डॉ. अमित ने कहा कि बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह के बिना किसी भी तरह की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। सरकारी अस्पतालों में जांच और दवाएं उपलब्ध हैं। इसलिए इधर-उधर न जाकर सरकारी अस्पतालों मेंं पहुंचकर दवा लें।
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