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बाजार पर फूटा हजारी बम, कारोबार धड़ाम
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Wed, 09 Nov 2016 09:14 PM IST
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बाजार पर फूटा हजारी बम
- फोटो : अमर उजाला
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500 और 1000 के नोट बंद होने के चलते बुधवार को हापुड़, गढ़ और पिलखुवा के बाजारों में कारोबार धड़ाम हो गया। नवीन मंडी और गढ़ मंडी में आढ़तियों ने किसानों के धान का भाव गिरा दिया। वहीं गुड़ मंडी बंद रही तथा फल और सब्जी मंडी भी प्रभावित रही।
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हापुड़ मंडी में जो धान कल तक 2300 रुपये/क्विंटल तक बिक रहा था, बुधवार को 100 रुपये के नोट लेने के चक्कर में यही धान मात्र 1800 रुपये/क्विंटल की दर से बिका। अनेक किसान बिना धान बेचे ही वापस लौट गए।
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500 और 1000 रुपये नहीं लेने से आढ़तियों को भी लेनदेन में परेशानी का सामना करना पड़ा। गुड़ मंडी बुधवार को पूरी तरह सूनी दिखाई पड़ी। आढ़ती कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते थे। ऐसे में किसान मायूस होकर घर लौट गए।
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फल मंडी में भी बुधवार को ग्राहक बड़े नोट लेकर खरीदारी करने पहुंचे जो वहां नहीं लिए। इस दौरान ग्राहकों को उधार में फल देने पड़े। गांव जोगीपुरा निवासी आबिद अली ने बताया कि वह मंडी में अपनी धान बेचने आया है।
लेकिन उनकी धान के दाम बेहद कम लगाए जा रहे हैं, 500 और 1000 रुपये के नोट दिए जा रहे हैं। इसलिए वह धान समेत वापस अपने घर जा रहे हैं। निवाड़ी निवासी सुनील त्यागी ने बताया कि पैसों की बेहद जरूरत थी,
वह हापुड़ मंडी में धान लेकर पहुंचे थे। यहां दाम 1800 रुपये क्विंटल लगाया गया, जबकि एक दिन पहले तक 2300 रुपये क्विंटल भाव था। इस पर वह भी अपना धान वापस ले गए।
गुड़ के आढ़ती सुधीर जैन ने बताया कि वह गुड़ लेकर आने वाले किसानों को 500 और 1000 रुपये के नोटों से भुगतान कर रहे हैं, उनके पास यही नोट हैं। किसान इन नोटों को लेना उचित नहीं समझ रहे हैं।
यही हाल अन्य आढ़तियों का था, इसलिए मंडी को बंद रखा गया है। फल मंडी के आढ़ती खैलेंद्र और सब्जी के प्रमुख आढ़ती विजयपाल ने बताया कि मंडी में खरीदारी के लिए लोग तो काफी संख्या में पहुंचे
लेकिन अधिकांश लोग 500 या 1000 रुपये का नोट लिए हुए थे। इसके चलते मंडी प्रभावित रही। वहीं, गढ़मुक्तेश्वर में धान मंडी में खरीद-फरोख्त नहीं हुई, रजिस्ट्री में महज दो बैनामे हो पाए। कोल्हू-क्रेशरों पर गन्ने की खरीद भी नहीं हो पाई।
बड़े नोटों का चलन बंद होने से एनएचएआई के निर्देश पर गढ़ के टोल प्लाजा पर वसूली भी रोक दी गई। टोल प्रबंधक नाकिर गणेश ने बताया कि 10 नवंबर को फिर से वसूली प्रारंभ होगी।
500 और 1000 रुपये के नोट बुधवार को विद्युत निगम के कैश काउंटर पर नहीं लिए गए। बिल नहीं जमा होने पर भड़के लोगों ने जिला मुख्यालय प्रदर्शन किया। बुधवार को रोजाना की तरह नगर के विभिन्न मोहल्लों से संजीव,
रिंकू, अहसान, गजब सिंह, सविता समेत दर्जनों उपभोक्ता अतरपुरा चौपला स्थित बिजलीघर के बिल काउंटर पर बकाया बिल जमा करने पहुंचे। काउंटर पर तैनात कर्मियों ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को लेने से इंकार कर दिया।
इसके विरोध में उपभोक्ताओं ने जिला मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के फैसले को जन विरोधी बताया।
वहीं, अधिशासी अभियंता पीके गौतम का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद से निगम में 500 और 1000 रुपये की लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। इसलिए उपभोक्ताओं से इन नोटों को नहीं लिया गया।
हापुड़ नवीन मंडी स्थित इफको केंद्र पर किसानों को खाद, बीज लेने में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को वहां भी 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं लिए गए। इसके विरोध में किसानों ने काफी हंगामा भी किया।
पेट्रोल पंपों पर बुधवार को वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गढ़ रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारी स्कूटी व अन्य छोटे दुपहिया वाहन चालकों को 500 रुपये से कम का तेल नहीं दे रहे थे।
लोगों ने इसका विरोध किया तो कर्मचारियों और ग्राहकों में कहासुनी तक की नौबत आ गई। कई पेट्रोल पंपों पर तो वाहन चालक टंकी फुल होने पर बोतलों में तेल ले जाते नजर आए।
सिंभावली क्षेत्र में हाईवे किनारे स्थित अंग्रेजी शराब ठेके पर मंगलवार रात 1000 के नोट नहीं लेने पर कार सवार युवकों ने सेल्समैन के साथ मारपीट की। सेल्समैन के शोर मचाने पर ठेके के आसपास खड़े और लोग आ गए।
इस पर कार सवार युवक तीनों पैसे देकर चलते बने। इसके अलावा हाईवे किनारे स्थित एक होटल पर मंगलवार रात में साढ़े 11 बजे कार सवार चार लोगों ने खाना खाया। पेमेंट करने को उन्होंने पांच सौ का नोट थमा दिया।
होटल मालिक ने नोट लेने से इंकार कर दिया, जिस पर वहां काफी देर तक हंगामा हुआ। पुलिस के आने पर मामला शांत हुआ। बृहस्पतिवार से सहालग शुरू हो रहे हैं। विवाह वाले घरों में जोरशोर से तैयारियां चल रहीं हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा से लोगों में खलबली मच गई। कुछ स्थानों पर कालाबाजारी का खेल शुरू हो चुका है, मजबूरी में परिजनों को ऐसे स्थानों पर जाकर ही 500 रुपये के बजाय खुले हुए 400 रुपये लेने पड़ रहे हैं।
गांव निवाड़ी निवासी चंद्र स्वरूप और गांव जोगीपुरा निवासी दयाचंद ने बताया कि उनके घर में शादी है। अचानक नोट बंद होने से उन्हें सामान खरीदने में परेशानी हो रही है।
पांच सौ व एक हजार के नोट बंद होने के बाद परेशानी झेल रहे लोगों को शुक्रवार से परेशान नहीं होना पड़ेगा। रिर्जव बैंक ऑफ इंडिया ने विभिन्न राज्यों में नई करेंसी को भेजना शुरू कर दिया है।
जिले में भी बृहस्पतिवार रात तक नए नोट पहुंच जाएंगे और उनका वितरण संभवत शुक्रवार से शुरू हो जाएगा।
जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि प्रधानमंत्री की इस शुरुआत से देशवासियों को काफी लाभ मिलेगा। एटीएम से लोग एक बार में दो हजार रुपये निकाल सकेंगे। वहीं, बैंक से एक बार में 10 हजार रुपये निकाल सकेंगे।
थाना कोतवाली क्षेत्र के पुरानी चुंगी स्थित एक होटल पर 500 रुपये के नोट लेने से इंकार करने पर ग्राहक ने दुकानदार को जमकर पीटा। इस दौरान दुकान में तोडफ़ोड़ भी की गई। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है।
इसके अलावा कई दुकानदारों की नोट नहीं लेने पर ग्राहकों से नोंकझोंक हुई। कोटला मेवातियान निवासी हाजी सलीम का पुरानी चुंगी पर बिरयानी का होटल है। बुधवार सुबह उनका पुत्र आबिद होटल पर बैठा हुआ था।
तभी वहां कुछ युवक पहुंचे और बिरयानी के लिए 500 रुपये का नोट दिया। आबिद ने नोट लेने से इंकार किया तो युवक भड़क गए और उसके साथ मारपीट की। साथ ही दुकान में रखा सामान बाहर फेंक दिया।
लोगों को आता देखकर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। वहीं, सिकंदर गेट पर भी एक दुकानदार व ग्राहक के बीच काफी नोंकझोंक हुई। लोगों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ।
कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि मारपीट के मामले में शिकायत दर्ज की गई है। हंगामे को लेकर पुलिस सतर्क है। शांतिभंग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोटों पर रोक के बाद जिले में राजनैतिक भूचाल आ गया है। विपक्षी दल, पार्टियों के नेताओं ने इस निर्णय को जनता विरोधी बताया है।
कांग्रेस विधायक गजराज सिंह का कहना है कि यह फैसला जमाखोरों को सबक सिखाने वाला है, लेकिन आम जनता को इससे काफी दिक्कतें हो रही हैं। यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है। इसके लिए जनता को कुछ समय देना चाहिए था।
हापुड़ विधानसभा क्षेत्र से बसपा के घोषित प्रत्याशी श्रीपाल सिंह का कहना है कि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से जनता को बेहद परेशानी हो रही है। जाली नोटों पर लगाम कसने के लिए यह अच्छा कदम है।
सपा के घोषित प्रत्याशी तेजपाल प्रमुख का कहना है कि प्रधानमंत्री ने यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद अयाजुद्दीन का कहना है कि प्रधानमंत्री ने 500 और 1000 रुपये के नोट अचानक बंद कर तानाशाही का परिचय दिया है जो निंदनीय है।
रालोद जिलाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह फैसला तानाशाही भरा है। वहीं, गढ़ के गांव हशूपुर में बुधवार को चौधरी कविंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने लड्डू बांटकर केंद्र सरकार के फैसले को जमकर सराहा। गुड्डू, अपार सिंह, अरविंद्र, विनोद, जयकरण, राजपाल सिंह मौजूद रहे।