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डंपिंग ग्राउंड मामला- गाजियाबाद नगर निगम कर्मियों ने चिन्हित भूमि की चाहर दीवारी कराने का कार्य किया शुरू
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गालंद में डंपिंग ग्राउंड की चहारदीवारी का काम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
पिलखुवा। गालंद में डंपिंग ग्राउंड के लिए चिन्हित जमीन का गाजियाबाद नगर निगम ने चहारदीवारी का काम शुरू करा दिया। इस दौरान नगर निगम के अपर आयुक्त, सीओ पिलखुवा भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों ने नगर निगम की कार्रवाई पर रोष जताया तथा आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं 51वें दिन भी धरना जारी रखा।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में डंपिंग ग्राउंड के लिए 44.25 एकड़ भूमि खरीदी थी। लेकिन गालंद, लाखन, छिजारसी, खेड़ा, पिपलेड़ा, खिचरा, समूरी समेत अन्य गांवों के लोग इसका विरोध कर रहे है। इसी के विरोध में ग्रामीण गत तीन अक्तूबर से धरने पर बैठे हैं। निगम द्वारा जमीन की चहारदीवारी कराने के लिए गाजियाबाद और हापुड़ के डीएम और नगर निगम के नगर आयुक्त द्वारा पिछले दिनों ग्रामीणों से वार्ता भी की गई थी। लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसी विरोध के चलते किसान मजदूर संगठन और संघर्ष समिति के तत्वाधान में ग्रामीणों की आठ नवंबर को महापंचायत हो चुकी है। रविवार को ग्रामीणों ने धरनास्थल पर वातावरण की शुद्धि के लिए हवन भी किया था। इसके अलावा 28 नवंबर को महापंचायत की भी तैयारी थी। लेकिन सोमवार सुबह ही गाजियाबाद नगर निगम के अपर आयुक्त अरुण यादव, सीओ पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह, कोतवाली प्रभारी अभिनव सिंह पुंडीर, धौलाना प्रभारी भारी पुलिस और पीएसी के साथ डंपिंग ग्राउंड स्थल पर पहुंचे तथा चहारदीवारी का काम शुरू कराया। ग्रामीणों ने इस पर रोष जताया, लेकिन भारी पुलिस बल के आगे ग्रामीण विरोध नहीं कर सके संघर्ष समिति के सदस्य मनोज तोमर ने कहा कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सहमति के बिना भूमि की चहारदीवारी करायी जा रही है। एक-दो दिन में आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी।
ग्रामीणों से वार्ता के बाद ही जमीन की चहारदीवारी कराने का कार्य शुरू कराया गया है। निगम द्वारा केवल जमीन की बाउंड्री कराई जाएगी। अभी वहां पर कूड़ा नहीं डाला जाएगा।
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डा. तेजवीर सिंह, सीओ पिलखुवा।
जमीन की चहारदीवारी के लिए संघर्ष समिति के सदस्यों से कोई वार्ता नहीं की गई। प्रशासन द्वारा विरोध करने पर ग्रामीणों को जेल भेजने की धमकी देकर जबरन पुलिस के बल पर बाउंड्रीवॉल कराई जा रही है। जल्द ही आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी।
- संजय कोरी ग्राम प्रधान गालंद।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिलखुवा। गालंद में डंपिंग ग्राउंड के लिए चिन्हित जमीन का गाजियाबाद नगर निगम ने चहारदीवारी का काम शुरू करा दिया। इस दौरान नगर निगम के अपर आयुक्त, सीओ पिलखुवा भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों ने नगर निगम की कार्रवाई पर रोष जताया तथा आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं 51वें दिन भी धरना जारी रखा।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में डंपिंग ग्राउंड के लिए 44.25 एकड़ भूमि खरीदी थी। लेकिन गालंद, लाखन, छिजारसी, खेड़ा, पिपलेड़ा, खिचरा, समूरी समेत अन्य गांवों के लोग इसका विरोध कर रहे है। इसी के विरोध में ग्रामीण गत तीन अक्तूबर से धरने पर बैठे हैं। निगम द्वारा जमीन की चहारदीवारी कराने के लिए गाजियाबाद और हापुड़ के डीएम और नगर निगम के नगर आयुक्त द्वारा पिछले दिनों ग्रामीणों से वार्ता भी की गई थी। लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसी विरोध के चलते किसान मजदूर संगठन और संघर्ष समिति के तत्वाधान में ग्रामीणों की आठ नवंबर को महापंचायत हो चुकी है। रविवार को ग्रामीणों ने धरनास्थल पर वातावरण की शुद्धि के लिए हवन भी किया था। इसके अलावा 28 नवंबर को महापंचायत की भी तैयारी थी। लेकिन सोमवार सुबह ही गाजियाबाद नगर निगम के अपर आयुक्त अरुण यादव, सीओ पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह, कोतवाली प्रभारी अभिनव सिंह पुंडीर, धौलाना प्रभारी भारी पुलिस और पीएसी के साथ डंपिंग ग्राउंड स्थल पर पहुंचे तथा चहारदीवारी का काम शुरू कराया। ग्रामीणों ने इस पर रोष जताया, लेकिन भारी पुलिस बल के आगे ग्रामीण विरोध नहीं कर सके संघर्ष समिति के सदस्य मनोज तोमर ने कहा कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सहमति के बिना भूमि की चहारदीवारी करायी जा रही है। एक-दो दिन में आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी।
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ग्रामीणों से वार्ता के बाद ही जमीन की चहारदीवारी कराने का कार्य शुरू कराया गया है। निगम द्वारा केवल जमीन की बाउंड्री कराई जाएगी। अभी वहां पर कूड़ा नहीं डाला जाएगा।
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डा. तेजवीर सिंह, सीओ पिलखुवा।
जमीन की चहारदीवारी के लिए संघर्ष समिति के सदस्यों से कोई वार्ता नहीं की गई। प्रशासन द्वारा विरोध करने पर ग्रामीणों को जेल भेजने की धमकी देकर जबरन पुलिस के बल पर बाउंड्रीवॉल कराई जा रही है। जल्द ही आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी।
- संजय कोरी ग्राम प्रधान गालंद।