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पिलखुवा पालिका ने कागजों में ही बना दी 26 लाख की सड़क
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पिलखुवा पालिका ने कागजों में ही बना दी 26 लाख की सड़क
पिलखुवा। नगर पालिका पिलखुवा के निर्माण विभाग में घोटाले का एक और नया मामला सामने आया है। मोहल्ला सद्दीकपुरा में सड़क बनाने के नाम पर 26 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। केवल कागजों में ही यह सड़क बनाई गई है जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। नगर पालिका चेयरमैन के निरीक्षण में बुधवार को यह खुलासा हुआ। निर्माण विभाग के जेई के खिलाफ पालिका चेयरमैन ने जांच के आदेश दिए हैं।
नगर पालिका परिषद पिलखुवा में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन कोई न कोई नया मामले सामने आ रहा है। पालिका के कर्मचारियों द्वारा लोन फर्जीवाड़े का मामला अभी भी सुर्खिर्यों में हैं। जिसकी जांच भी चल रही है। वहीं अब निर्माण विभाग में एक और घोटाले ने पालिका की किरकिरी कर दी है। मोहल्ला सद्दीक पुरा में सड़क बनाने में फर्जी रुप से 26 लाख की रकम हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार ठेकेदार की मिली भगत से करीब 120 मीटर की सड़क कागजों में ही बनाकर लगभग 26 लाख रुपये गबन कर लिए गए। पालिका चेयरमैन गीता गोयल ने बताया कि वर्ष 2018-19 में मोहल्ला सद्दीकपुरा गढ़ी में इस्लाम के मकान से समून के घर तक लगभग 120 मीटर की सड़क का प्रस्ताव पास किया गया था। उक्त सड़क का टेंडर मोदीनगर की एक कार्यदायी संस्था के नाम लगभग 26 लाख रुपये में किया गया था। इस रास्ते पर मिट्टी डालकर इंटरलॉकिंग की सड़क तैयार की जानी थी। लेकिन इस सड़क को पालिका कर्मियों ने कागजों में तैयार कर ठेकेदार का भुगतान भी कर दिया गया। सड़क का निर्माण कराने के लिए लोगों द्वारा पालिका चेयरमैन से कहा गया। चेयरमैन द्वारा अभिलेख खंगालने के बाद जानकारी मिली कि उक्त सड़क का निर्माण कर भुगतान भी किया जा चुका हैं। आनन फानन में चेयरमैन बुधवार सुबह पालिका कार्यालय पहुंची और वहां से निर्माण विभाग के अवर अभियंता गिरीश कुमार सागर और कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी वीपी सिंह को साथ ले जाकर स्थलीय निरीक्षण करने मौके पर पहुंची। चेयरमैन के मोहल्ले में पहुंचते ही मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। मौके पर कोई सड़क नहीं बनी हुई थी। वहां सड़कों में गड्ढे मिले। पालिका के निर्माण विभाग की मिलीभगत मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा मामले में जांच के आदेश दिए।
चेयरमैन ने पालिका निर्माण विभाग के अवर अभियंता की मौके पर ही जमकर क्लास लगाई।
कोट ---
चेयरमैन गीता गोयल ने बताया कि पालिका निर्माण विभाग के जेई ने ठेकेदार की मिलीभगत से कागजों में सड़क बनाकर लगभग 26 लाख रुपये गबन कर लिए हैं। इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पालिका निर्माण विभाग के अवर अभियंता गिरीश कुमार का कहना है कि जिस सड़क का टेंडर किया गया था, उसी का निर्माण और भुगतान किया गया हैं। चेयरमैन द्वारा किया गया निरीक्षण दूसरी सड़क का हैं। उन्होंने कहा कि निविदा और भुगतान की कार्रवाई उच्चाधिकारियों द्वारा निरीक्षण के उपरांत की जाती हैं। स्थलीय रिपार्ट के लिए मेंट की जिम्मेदारी हैं।
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पिलखुवा। नगर पालिका पिलखुवा के निर्माण विभाग में घोटाले का एक और नया मामला सामने आया है। मोहल्ला सद्दीकपुरा में सड़क बनाने के नाम पर 26 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। केवल कागजों में ही यह सड़क बनाई गई है जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। नगर पालिका चेयरमैन के निरीक्षण में बुधवार को यह खुलासा हुआ। निर्माण विभाग के जेई के खिलाफ पालिका चेयरमैन ने जांच के आदेश दिए हैं।
नगर पालिका परिषद पिलखुवा में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन कोई न कोई नया मामले सामने आ रहा है। पालिका के कर्मचारियों द्वारा लोन फर्जीवाड़े का मामला अभी भी सुर्खिर्यों में हैं। जिसकी जांच भी चल रही है। वहीं अब निर्माण विभाग में एक और घोटाले ने पालिका की किरकिरी कर दी है। मोहल्ला सद्दीक पुरा में सड़क बनाने में फर्जी रुप से 26 लाख की रकम हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार ठेकेदार की मिली भगत से करीब 120 मीटर की सड़क कागजों में ही बनाकर लगभग 26 लाख रुपये गबन कर लिए गए। पालिका चेयरमैन गीता गोयल ने बताया कि वर्ष 2018-19 में मोहल्ला सद्दीकपुरा गढ़ी में इस्लाम के मकान से समून के घर तक लगभग 120 मीटर की सड़क का प्रस्ताव पास किया गया था। उक्त सड़क का टेंडर मोदीनगर की एक कार्यदायी संस्था के नाम लगभग 26 लाख रुपये में किया गया था। इस रास्ते पर मिट्टी डालकर इंटरलॉकिंग की सड़क तैयार की जानी थी। लेकिन इस सड़क को पालिका कर्मियों ने कागजों में तैयार कर ठेकेदार का भुगतान भी कर दिया गया। सड़क का निर्माण कराने के लिए लोगों द्वारा पालिका चेयरमैन से कहा गया। चेयरमैन द्वारा अभिलेख खंगालने के बाद जानकारी मिली कि उक्त सड़क का निर्माण कर भुगतान भी किया जा चुका हैं। आनन फानन में चेयरमैन बुधवार सुबह पालिका कार्यालय पहुंची और वहां से निर्माण विभाग के अवर अभियंता गिरीश कुमार सागर और कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी वीपी सिंह को साथ ले जाकर स्थलीय निरीक्षण करने मौके पर पहुंची। चेयरमैन के मोहल्ले में पहुंचते ही मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। मौके पर कोई सड़क नहीं बनी हुई थी। वहां सड़कों में गड्ढे मिले। पालिका के निर्माण विभाग की मिलीभगत मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा मामले में जांच के आदेश दिए।
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चेयरमैन ने पालिका निर्माण विभाग के अवर अभियंता की मौके पर ही जमकर क्लास लगाई।
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चेयरमैन गीता गोयल ने बताया कि पालिका निर्माण विभाग के जेई ने ठेकेदार की मिलीभगत से कागजों में सड़क बनाकर लगभग 26 लाख रुपये गबन कर लिए हैं। इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पालिका निर्माण विभाग के अवर अभियंता गिरीश कुमार का कहना है कि जिस सड़क का टेंडर किया गया था, उसी का निर्माण और भुगतान किया गया हैं। चेयरमैन द्वारा किया गया निरीक्षण दूसरी सड़क का हैं। उन्होंने कहा कि निविदा और भुगतान की कार्रवाई उच्चाधिकारियों द्वारा निरीक्षण के उपरांत की जाती हैं। स्थलीय रिपार्ट के लिए मेंट की जिम्मेदारी हैं।