{"_id":"638a2b9857837a03754dd56b","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd248621971","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: हड़ताल से बिजलीघरों पर लटका ताला, संविदाकर्मी भी हुए शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: हड़ताल से बिजलीघरों पर लटका ताला, संविदाकर्मी भी हुए शामिल
विज्ञापन
एसई कार्यालय पर धरना देते बिजली कर्मचारी । संवाद
- फोटो : HAPUR
हड़ताल से बिजलीघरों पर लटका ताला, संविदा कर्मी भी हुए शामिल
हापुड़। जिले के 55 बिजलीघरों पर ताला लटकने से बिजली व्यवस्था चरमराने लगी है। संविदा स्टाफ भी कार्य बहिष्कार में शामिल हो गया है, ऐसे में फीडर चालू, बंद करने वाला कोई नहीं है। बिल वसूली, लाइनलॉस नए कनेक्शन, मीटर लगाने का काम भी ठप हो गया है। अधिकारियों ने भी कामकाज छोड़ दिया है, उनके कार्यालयों में भी ताला लटका है।
15 सूत्रीय मांगों के निस्तारण को लेकर ऊर्जा निगम के विभिन्न संगठन एक बैनर तले आ गए हैं। पांच दिन से कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर, धरना जमाया हुआ है। अब यह लड़ाई बढ़ती जा रही है, शासन के आदेश को पलटवाने के लिए हर संभव प्रयास जारी है। आलम यह है कि जिले की सप्लाई अब रामभरोसे छोड़ दी गई है। शिकायतें दर्ज कराने से लेकर फॉल्ट ठीक करने वाला भी कोई नहीं है।
संविदा कर्मचारियों ने भी खुद को स्थाई कराने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर दिया है। वहीं, अफसरों ने भी अपनी जायज मांगों को लेकर धरने में शामिल होने का फैसला किया है। जिले के समस्त 55 बिजलीघरों पर अब सप्लाई देने वाला कोई नहीं है। कंट्रोल से सप्लाई आते ही फीडर चालू होते हैं और वहीं से बंद कर दिए जाते हैं। जिन मोहल्लों की सप्लाई कट रही है, उसे चालू कराने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
29 नवंबर से शुरू हुआ आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। एसई कार्यालय पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली कर्मियों ने धरना दिया। इसमें ईश्वर प्रसाद, राजेश भास्कर, बीएस त्यागी, संतोष दिवाकर, मनीष, कपिल, मनोज, राजकुमार, राजेश, यशवंत, अशोक उपस्थित रहे।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
* ऊर्जा निगम में चेयरमैन, प्रबंध निदेशकों व निदेशकों की भर्ती नियमित चयन प्रक्रिया से हो।
* विद्युत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद व पहले कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाए।
* पावर सेक्टर इंप्लॉइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
* वर्ष 2000 के बाद सेवा में आए सभी कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो।
* कर्मचारियों व अभियंताओं के समस्त भत्तों का पुनरीक्षण किया जाए।
* कई वर्षों से लंबित बोनस का भुगतान किया जाए।
* सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
-इन स्थानों पर हुए फाल्ट, नहीं हो सके ठीक-
पिलखुवा में सुबह आठ बजे से सप्लाई ठप्प, तगासराय में तीन गलियों की सप्लाई बाधित, राजीव विहार में लीड फुंकने से 30 घरों की सप्लाई बाधित, आवास विकास में फाल्ट से 50 घरों की सप्लाई बाधित, रेलवे रोड पर पांच दुकानों की सप्लाई बाधित, अर्जुननगर में फाल्ट से पांच घंटे सप्लाई ठप्प। बिजलीघरों पर फोन के बाद राहत नहीं मिलने पर इन मोहल्लों में लोग खुद फाल्ट ठीक करा रहे हैं।
ये कार्य हुए प्रभावित
* नए कनेक्शन के लिए सर्वे सेवा बाधित।
* गलत बिलों के संशोधन का कार्य ठप्प।
* राजस्व वसूली पर ब्रेक, नए कार्य बंद।
* स्टोर से नहीं मिल रहा सामान, फुंके ट्रांसफार्मरों की बदली नहीं।
* नए एस्टीमेट, टेंडर प्रक्रिया पर लगी रोक।
एसडीओ प्रथम नहीं हुए आंदोलन में शामिल
जिलेभर के बिजली कर्मचारी कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं, लेकिन हापुड़ डिवीजन के एसडीओ प्रथम यशेंद्र सिंह ने खुद को आंदोलन से दूर रखा हुआ है। यशेंद्र सिंह का कहना है कि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। वह आंदोलन में शामिल नहीं होंगे, रोजाना कार्य करेंगे।
विज्ञापन
हापुड़। जिले के 55 बिजलीघरों पर ताला लटकने से बिजली व्यवस्था चरमराने लगी है। संविदा स्टाफ भी कार्य बहिष्कार में शामिल हो गया है, ऐसे में फीडर चालू, बंद करने वाला कोई नहीं है। बिल वसूली, लाइनलॉस नए कनेक्शन, मीटर लगाने का काम भी ठप हो गया है। अधिकारियों ने भी कामकाज छोड़ दिया है, उनके कार्यालयों में भी ताला लटका है।
15 सूत्रीय मांगों के निस्तारण को लेकर ऊर्जा निगम के विभिन्न संगठन एक बैनर तले आ गए हैं। पांच दिन से कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर, धरना जमाया हुआ है। अब यह लड़ाई बढ़ती जा रही है, शासन के आदेश को पलटवाने के लिए हर संभव प्रयास जारी है। आलम यह है कि जिले की सप्लाई अब रामभरोसे छोड़ दी गई है। शिकायतें दर्ज कराने से लेकर फॉल्ट ठीक करने वाला भी कोई नहीं है।
विज्ञापन
संविदा कर्मचारियों ने भी खुद को स्थाई कराने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर दिया है। वहीं, अफसरों ने भी अपनी जायज मांगों को लेकर धरने में शामिल होने का फैसला किया है। जिले के समस्त 55 बिजलीघरों पर अब सप्लाई देने वाला कोई नहीं है। कंट्रोल से सप्लाई आते ही फीडर चालू होते हैं और वहीं से बंद कर दिए जाते हैं। जिन मोहल्लों की सप्लाई कट रही है, उसे चालू कराने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
29 नवंबर से शुरू हुआ आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। एसई कार्यालय पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली कर्मियों ने धरना दिया। इसमें ईश्वर प्रसाद, राजेश भास्कर, बीएस त्यागी, संतोष दिवाकर, मनीष, कपिल, मनोज, राजकुमार, राजेश, यशवंत, अशोक उपस्थित रहे।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
* ऊर्जा निगम में चेयरमैन, प्रबंध निदेशकों व निदेशकों की भर्ती नियमित चयन प्रक्रिया से हो।
* विद्युत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद व पहले कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाए।
* पावर सेक्टर इंप्लॉइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
* वर्ष 2000 के बाद सेवा में आए सभी कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो।
* कर्मचारियों व अभियंताओं के समस्त भत्तों का पुनरीक्षण किया जाए।
* कई वर्षों से लंबित बोनस का भुगतान किया जाए।
* सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
-इन स्थानों पर हुए फाल्ट, नहीं हो सके ठीक-
पिलखुवा में सुबह आठ बजे से सप्लाई ठप्प, तगासराय में तीन गलियों की सप्लाई बाधित, राजीव विहार में लीड फुंकने से 30 घरों की सप्लाई बाधित, आवास विकास में फाल्ट से 50 घरों की सप्लाई बाधित, रेलवे रोड पर पांच दुकानों की सप्लाई बाधित, अर्जुननगर में फाल्ट से पांच घंटे सप्लाई ठप्प। बिजलीघरों पर फोन के बाद राहत नहीं मिलने पर इन मोहल्लों में लोग खुद फाल्ट ठीक करा रहे हैं।
ये कार्य हुए प्रभावित
* नए कनेक्शन के लिए सर्वे सेवा बाधित।
* गलत बिलों के संशोधन का कार्य ठप्प।
* राजस्व वसूली पर ब्रेक, नए कार्य बंद।
* स्टोर से नहीं मिल रहा सामान, फुंके ट्रांसफार्मरों की बदली नहीं।
* नए एस्टीमेट, टेंडर प्रक्रिया पर लगी रोक।
एसडीओ प्रथम नहीं हुए आंदोलन में शामिल
जिलेभर के बिजली कर्मचारी कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं, लेकिन हापुड़ डिवीजन के एसडीओ प्रथम यशेंद्र सिंह ने खुद को आंदोलन से दूर रखा हुआ है। यशेंद्र सिंह का कहना है कि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। वह आंदोलन में शामिल नहीं होंगे, रोजाना कार्य करेंगे।

दिल्ली रोड स्थित बिजलीघर पर लगा ताला । संवाद- फोटो : HAPUR