{"_id":"6307b044fba3267fee6f5a39","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2435208187","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की सीमा विस्तार और विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की सीमा विस्तार और विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की सीमा विस्तार और विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद
हापुड़। मुख्यमंत्री के हापुड़ आगमन के साथ जिले के सीमा विस्तार के साथ विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। जिले की सीमा विस्तार की फाइल पिछले तीन साल अधिकारियों के बीच अटकी हुई है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम जारी होते ही सामाजिक संगठनों और जनता ने सीमा विस्तार की आवास उठानी शुरू कर दी है। अब मुख्यमंत्री के समक्ष जनप्रतिनिधि वार्ता के दौरान इस मुद्दे पर पक्ष रखेंगे।
जिला बनने के बाद से ही इसके सीमा विस्तार की कवायद चल रही है। तत्कालीन डीएम ने भी मामले में शासन स्तर पर प्रयास किए हैं। शासन को मंडलायुक्त के माध्यम से प्रस्ताव भेजा गया था जो अभी भी लंबित है। हालांकि सीमा विस्तार होने से जिले का विकास भी तेजी से होगा। इसी उद्देश्य से नवनियुक्त डीएम मेधा रूपम ने सीमा विस्तार की फाइल तलब की थी। लेकिन फाइल अभी भी अधिकारियों के समक्ष अटकी हुई है।
दरअसल, हापुड़ क्षेत्रफल की दृष्टि से छोटा जिला है। इसमें बुलंदशहर और हापुड़ के हिस्से को जोड़ा जाता है तो, राजस्व की प्राप्ति के साथ विकास की रफ्तार भी तेज होगी।
विज्ञापन
तीन साल पहले भेजा था प्रस्ताव
बुलंदशहर जनपद की स्याना तहसील और गुलावठी विकास खंड के अलावा मेरठ जनपद के खरखौदा विकास खंड के 27 गांवों के साथ धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा सीमा विस्तार में प्रस्तावित है। करीब तीन साल पहले डीएम अदिति सिंह ने शासन को सीमा विस्तार का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इस प्रस्ताव में गुलावठी को तहसील बनाकर स्याना तहसील के साथ हापुड़ में जोड़ने की बात थी। मेरठ के भी एक बड़े हिस्से को इसमें जोड़ा जाना था। अब सीएम के समक्ष यह मुद्दा सीधे तौर पर रखा जाएगा।
जिले के विस्तार से बढ़ेंगी सुविधाएं
जिले की सीमा विस्तार से जहां उद्योगों को गति मिलेगी, वहीं जिला प्रशासन को भी राजस्व का लाभ मिलेगा। लोगों को भी अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकेंगी। - अनिल आजाद, अधिवक्ता।-फोटो -24
---
प्राधिकरण का भी बढ़ेगा दायरा
जिले की सीमाएं बढ़ने से शहर के लोगों को भी लाभ मिलेगा। प्राधिकरण का दायरा बढ़ेगा, इसके बाद नगर पालिका क्षेत्र भी बढ़ सकेगा। मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता की जाएगी। - प्रफुल्ल सारस्वत, हापुड़ नगर पालिकाध्यक्ष-फोटो -25
हापुड़ और बुलंदशहर जिले की तुलनात्मक स्थिति --
हापुड़ बुलंदशहर
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल -
1,11763(हेक्टेयर), 3,64,974 (हेक्टेयर)
कुल तहसील -
3 7
कुल राजस्व ग्रामों की संख्या -
354 1255
विकास खंडों की संख्या -
4 16
तहसील स्याना को हापुड़ में सम्मिलित करने के बाद तुलनात्मक स्थिति --
हापुड़ बुलंदशहर
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल -
1,74099(हेक्टेयर), 3,02,638 (हेक्टेयर)
कुल तहसील -
4 6
कुल राजस्व ग्रामों की संख्या -
538 1071
कुल लेखपाल क्षेत्रों की संख्या -
172 280
विकास खंडों की संख्या -
7 13
विज्ञापन
हापुड़। मुख्यमंत्री के हापुड़ आगमन के साथ जिले के सीमा विस्तार के साथ विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। जिले की सीमा विस्तार की फाइल पिछले तीन साल अधिकारियों के बीच अटकी हुई है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम जारी होते ही सामाजिक संगठनों और जनता ने सीमा विस्तार की आवास उठानी शुरू कर दी है। अब मुख्यमंत्री के समक्ष जनप्रतिनिधि वार्ता के दौरान इस मुद्दे पर पक्ष रखेंगे।
जिला बनने के बाद से ही इसके सीमा विस्तार की कवायद चल रही है। तत्कालीन डीएम ने भी मामले में शासन स्तर पर प्रयास किए हैं। शासन को मंडलायुक्त के माध्यम से प्रस्ताव भेजा गया था जो अभी भी लंबित है। हालांकि सीमा विस्तार होने से जिले का विकास भी तेजी से होगा। इसी उद्देश्य से नवनियुक्त डीएम मेधा रूपम ने सीमा विस्तार की फाइल तलब की थी। लेकिन फाइल अभी भी अधिकारियों के समक्ष अटकी हुई है।
विज्ञापन
दरअसल, हापुड़ क्षेत्रफल की दृष्टि से छोटा जिला है। इसमें बुलंदशहर और हापुड़ के हिस्से को जोड़ा जाता है तो, राजस्व की प्राप्ति के साथ विकास की रफ्तार भी तेज होगी।
विज्ञापन
तीन साल पहले भेजा था प्रस्ताव
बुलंदशहर जनपद की स्याना तहसील और गुलावठी विकास खंड के अलावा मेरठ जनपद के खरखौदा विकास खंड के 27 गांवों के साथ धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा सीमा विस्तार में प्रस्तावित है। करीब तीन साल पहले डीएम अदिति सिंह ने शासन को सीमा विस्तार का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इस प्रस्ताव में गुलावठी को तहसील बनाकर स्याना तहसील के साथ हापुड़ में जोड़ने की बात थी। मेरठ के भी एक बड़े हिस्से को इसमें जोड़ा जाना था। अब सीएम के समक्ष यह मुद्दा सीधे तौर पर रखा जाएगा।
जिले के विस्तार से बढ़ेंगी सुविधाएं
जिले की सीमा विस्तार से जहां उद्योगों को गति मिलेगी, वहीं जिला प्रशासन को भी राजस्व का लाभ मिलेगा। लोगों को भी अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकेंगी। - अनिल आजाद, अधिवक्ता।-फोटो -24
---
प्राधिकरण का भी बढ़ेगा दायरा
जिले की सीमाएं बढ़ने से शहर के लोगों को भी लाभ मिलेगा। प्राधिकरण का दायरा बढ़ेगा, इसके बाद नगर पालिका क्षेत्र भी बढ़ सकेगा। मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता की जाएगी। - प्रफुल्ल सारस्वत, हापुड़ नगर पालिकाध्यक्ष-फोटो -25
हापुड़ और बुलंदशहर जिले की तुलनात्मक स्थिति --
हापुड़ बुलंदशहर
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल -
1,11763(हेक्टेयर), 3,64,974 (हेक्टेयर)
कुल तहसील -
3 7
कुल राजस्व ग्रामों की संख्या -
354 1255
विकास खंडों की संख्या -
4 16
तहसील स्याना को हापुड़ में सम्मिलित करने के बाद तुलनात्मक स्थिति --
हापुड़ बुलंदशहर
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल -
1,74099(हेक्टेयर), 3,02,638 (हेक्टेयर)
कुल तहसील -
4 6
कुल राजस्व ग्रामों की संख्या -
538 1071
कुल लेखपाल क्षेत्रों की संख्या -
172 280
विकास खंडों की संख्या -
7 13