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42 लाख की लूट का पर्दाफाश, नाबालिग समेत पांच बदमाश गिरफ्तार
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42 लाख की लूट का पर्दाफाश, नाबालिग समेत पांच बदमाश गिरफ्तार
हापुड़। पांच दिन पहले पिलखुवा में एनएच 09 पर हुई 42 लाख की लूट का हापुड़ पुलिस ने खुलासा कर दिया। वारदात में शामिल नाबालिग समेत पांच बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि एक फरार है। गिरफ्तार बदमाशों से लूटी गई 41 लाख 13 हजार रुपये की रकम के साथ, एक पिस्टल, एक तमंचा, सात कारतूस, एक पिकअप, एक छोटा हाथी और बाइक भी बरामद की है। अपर मुख्य सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक ने गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीमों को एक-एक लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस आफिस में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी दीपक भूकर ने बताया कि नौ अगस्त की शाम दिल्ली आजादपुर मंडी स्थित कैश कलेक्शन की कंपनी सीएमएस (कैश मैनेजमेंट कंपनी) के तीन कर्मचारियों से कार सवार चार बदमाशों ने करीब 40 लाख रुपये का कैश लूट लिया था। बाद में 41 लाख 13 हजार की लूट का पता चला था। इस दौरान बदमाशों ने कंपनी की कार के चालक मथुरा प्रसाद को गोली भी मार दी थी।
बदमाश कर्मचारियों की कार लेकर भी फरार हो गए थे। हालांकि कुछ दूर बाद लूटी गई कार बंद हो गई थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पर्दाफाश करने के लिए एसओजी समेत अन्य पुलिस की कई टीम लगाई गई थी।
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एसपी ने बताया कि रविवार को थाना पिलखुवा प्रभारी निरीक्षक मुनीश चौहान, एसओजी प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय, थाना कपूरपुर प्रभारी धर्मेंद्र सिंह की टीमों को सूचना मिली कि वारदात में शामिल बदमाश गाजियाबाद से पिलखुवा की तरफ आ रहे हैं। पुलिस ने दतैड़ी गेट के पास से एक नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। चारों की पहचान जिला गाजियाबाद के थाना भोजपुर क्षेत्र के गांव तलहेटा निवासी विपिन उर्फ बोबी, प्रिंस उर्फ प्रदीप, कैला देहात निवासी सागर और थाना कविनगर क्षेत्र के न्यू फ्रैंडस कालोनी निवासी मोहित शर्मा के रूप में हुई। सागर और प्रिंस सगे भाई हैं। सागर और विपिन लूट के मास्टर माइंड हैं। बड़ी बात है कि सभी ने पहली बार लूट को अंजाम दिया है और कई महीने से वे इस लूट की योजना बना रहे थे।
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काफी दिनों से रच रहे थे लूट की साजिश
पकड़े गए बदमाश सागर, विपिन और मोहित वेयर हाउस पर सामान लाने ले जाने का काम करते हैं। इन्हें पता था कि कंपनी के कर्मचारी बिना सिक्योरिटी गार्ड के मोटा कैश ले जाते हैं। इसी को देखते हुए इन्होंने साजिश रची। जुलाई माह की शुरूआत से बदमाशों की कर्मचारियों पर नजर थी। कार में कहां-कहां से रुपयों का कलेक्शन किया जाता है इसकी पूरी जानकारी बदमाशों के पास थी। बदमाशों ने पांच अगस्त को कार को लूटने का प्रयास किया था। लेकिन, यह प्रयास सफल नहीं हो सका। लूट के बाद सभी अलग अलग होकर गाजियाबाद पहुंचे थे और यहां लूटी गई रकम का बंटवारा भी कर लिया था।
रास्ता रोकने के लिए किया था छोटे हाथी का प्रयोग
घटना के दौरान बदमाशों ने बाइक और मिनी ट्रक (छोटे हाथी) का भी प्रयोग किया था। कार को रोकने के लिए नाबालिग बदमाश ने छोटा हाथी बैक करने का बहना बनाकर उसे रोका था। इसी दौरान जाम के कारण कुछ कार रुक गई और कर्मचारियों को लगा कि बदमाश कार में सवार होकर आए हैं। लूट के दौरान पहले से योजना के अनुसार विपिन ने ड्राइवर को गोली मारी और पीड़ितों की कार लेकर फरार हो गए। कुछ दूर आगे ही आरोपी सागर और विपिन का चाचा हेम सिंह पिकअप लेकर खड़ा था, जो फिलहाल फरार है। यहां कार छोड़कर आरोपी पिकअप में सवार होकर कैश लेकर फरार हो गए थे।
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किसी ने मिट्टी में तो किसी ने दुछत्ती में दबा दिया था कैश
बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही पर शत प्रतिशत कैश को बरामद करने में खासी मशक्कत की। रुपयों का बंटवारा करने के बाद किसी ने कैश को पोलीथिन में बांधकर मिट्टी में दबा दिया था तो किसी ने दुछत्ती में पड़े कबाड़ में रुपयों को छिपा रखा था।
गिरफ्तारी करने वाली टीम को मिली सराहना
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अजीत सिंह, रविकांत गिरी, मनीष बालियान, मनीष चौहान, राकेश मावी, हेड कांस्टेबल कुलवंत, सचिन उज्जवल, सोनू कुमार, अनुज राठी, मेहित शर्मा, विनय कुमार, विनीत, कांस्टेबल अंकित चौधरी, कुलदीप सिंह, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, परीक्षित और उदय कुमार शामिल है। एसपी ने टीम के कार्य की जमकर सराहना भी की है।
नितिन दीक्षित 14एचपीआर 18
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हापुड़। पांच दिन पहले पिलखुवा में एनएच 09 पर हुई 42 लाख की लूट का हापुड़ पुलिस ने खुलासा कर दिया। वारदात में शामिल नाबालिग समेत पांच बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि एक फरार है। गिरफ्तार बदमाशों से लूटी गई 41 लाख 13 हजार रुपये की रकम के साथ, एक पिस्टल, एक तमंचा, सात कारतूस, एक पिकअप, एक छोटा हाथी और बाइक भी बरामद की है। अपर मुख्य सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक ने गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीमों को एक-एक लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस आफिस में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी दीपक भूकर ने बताया कि नौ अगस्त की शाम दिल्ली आजादपुर मंडी स्थित कैश कलेक्शन की कंपनी सीएमएस (कैश मैनेजमेंट कंपनी) के तीन कर्मचारियों से कार सवार चार बदमाशों ने करीब 40 लाख रुपये का कैश लूट लिया था। बाद में 41 लाख 13 हजार की लूट का पता चला था। इस दौरान बदमाशों ने कंपनी की कार के चालक मथुरा प्रसाद को गोली भी मार दी थी।
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बदमाश कर्मचारियों की कार लेकर भी फरार हो गए थे। हालांकि कुछ दूर बाद लूटी गई कार बंद हो गई थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पर्दाफाश करने के लिए एसओजी समेत अन्य पुलिस की कई टीम लगाई गई थी।
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एसपी ने बताया कि रविवार को थाना पिलखुवा प्रभारी निरीक्षक मुनीश चौहान, एसओजी प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय, थाना कपूरपुर प्रभारी धर्मेंद्र सिंह की टीमों को सूचना मिली कि वारदात में शामिल बदमाश गाजियाबाद से पिलखुवा की तरफ आ रहे हैं। पुलिस ने दतैड़ी गेट के पास से एक नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। चारों की पहचान जिला गाजियाबाद के थाना भोजपुर क्षेत्र के गांव तलहेटा निवासी विपिन उर्फ बोबी, प्रिंस उर्फ प्रदीप, कैला देहात निवासी सागर और थाना कविनगर क्षेत्र के न्यू फ्रैंडस कालोनी निवासी मोहित शर्मा के रूप में हुई। सागर और प्रिंस सगे भाई हैं। सागर और विपिन लूट के मास्टर माइंड हैं। बड़ी बात है कि सभी ने पहली बार लूट को अंजाम दिया है और कई महीने से वे इस लूट की योजना बना रहे थे।
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काफी दिनों से रच रहे थे लूट की साजिश
पकड़े गए बदमाश सागर, विपिन और मोहित वेयर हाउस पर सामान लाने ले जाने का काम करते हैं। इन्हें पता था कि कंपनी के कर्मचारी बिना सिक्योरिटी गार्ड के मोटा कैश ले जाते हैं। इसी को देखते हुए इन्होंने साजिश रची। जुलाई माह की शुरूआत से बदमाशों की कर्मचारियों पर नजर थी। कार में कहां-कहां से रुपयों का कलेक्शन किया जाता है इसकी पूरी जानकारी बदमाशों के पास थी। बदमाशों ने पांच अगस्त को कार को लूटने का प्रयास किया था। लेकिन, यह प्रयास सफल नहीं हो सका। लूट के बाद सभी अलग अलग होकर गाजियाबाद पहुंचे थे और यहां लूटी गई रकम का बंटवारा भी कर लिया था।
रास्ता रोकने के लिए किया था छोटे हाथी का प्रयोग
घटना के दौरान बदमाशों ने बाइक और मिनी ट्रक (छोटे हाथी) का भी प्रयोग किया था। कार को रोकने के लिए नाबालिग बदमाश ने छोटा हाथी बैक करने का बहना बनाकर उसे रोका था। इसी दौरान जाम के कारण कुछ कार रुक गई और कर्मचारियों को लगा कि बदमाश कार में सवार होकर आए हैं। लूट के दौरान पहले से योजना के अनुसार विपिन ने ड्राइवर को गोली मारी और पीड़ितों की कार लेकर फरार हो गए। कुछ दूर आगे ही आरोपी सागर और विपिन का चाचा हेम सिंह पिकअप लेकर खड़ा था, जो फिलहाल फरार है। यहां कार छोड़कर आरोपी पिकअप में सवार होकर कैश लेकर फरार हो गए थे।
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किसी ने मिट्टी में तो किसी ने दुछत्ती में दबा दिया था कैश
बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही पर शत प्रतिशत कैश को बरामद करने में खासी मशक्कत की। रुपयों का बंटवारा करने के बाद किसी ने कैश को पोलीथिन में बांधकर मिट्टी में दबा दिया था तो किसी ने दुछत्ती में पड़े कबाड़ में रुपयों को छिपा रखा था।
गिरफ्तारी करने वाली टीम को मिली सराहना
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अजीत सिंह, रविकांत गिरी, मनीष बालियान, मनीष चौहान, राकेश मावी, हेड कांस्टेबल कुलवंत, सचिन उज्जवल, सोनू कुमार, अनुज राठी, मेहित शर्मा, विनय कुमार, विनीत, कांस्टेबल अंकित चौधरी, कुलदीप सिंह, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, परीक्षित और उदय कुमार शामिल है। एसपी ने टीम के कार्य की जमकर सराहना भी की है।
नितिन दीक्षित 14एचपीआर 18