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बकाया शुल्क जमा न करने वालों के वाहन होंगे जब्त
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बकाया शुल्क जमा न करने वालों के वाहन होंगे जब्त
हापुड़। जिले में 3065 व्यवसायिक वाहन स्वामियों पर परिवहन विभाग का 3.97 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। जिस पर 2.37 करोड़ रुपये ब्याज है। ब्याज में राहत के लिए परिवहन विभाग ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू की है। विभाग ने योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि तय कर दी गई है। 27 जुलाई के बाद ओटीएस योजना के लिए बकायेदार पंजीकरण नहीं करा पाएंगे। इसके बाद विभाग के अधिकारी वाहनों को जब्त करने व अन्य विभागीय कार्रवाई करेंगे।
जिले में 3065 व्यवसायिक वाहन पंजीकृत हैं। इन वाहनों पर विभाग का 3.97 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। जिस पर 2.37 करोड़ रुपये ब्याज है। एआरटीओ कार्यालय से इन बकायेदारों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। शासन ने वाहन मालिकों को वाहनों का टैक्स जमा करने के लिए कर में छूट देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद बकायेदारों ने बकाया जमा नहीं कराया। बकायेदारों को टैक्स जमाकर करने के लिए परिवहन विभाग ने अंतिम मौका दिया है। टैक्स जमा करने के लिए वाहन स्वामी को 27 जुलाई तक आवेदन करना होगा। इसके बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बकायेदार एक हजार रुपये की रसीद कटवाने के साथ 21 दिन के अंदर पहली किस्त जमा कर सकता है। दूसरी व तीसरी किस्त 25 व 28 दिन में जमा करनी होगी। योजना में विलंब शुल्क में छूट मिलने से वाहन स्वामियों को काफी राहत मिलेगी। एआरटीओ प्रशासन अजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बकाया जमा करने के लिए वाहन स्वामी 27 तक पंजीकरण करा लें। तभी उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। ओटीएस में पंजीकरण की तिथि बढ़ने की उम्मीद नहीं है। इसके बाद विभागीय कार्रवाई के अलावा वाहनों को जब्त भी किया जा सकता है।
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37 ने कराया पंजीकरण
परिवहन विभाग की एक मुश्त समाधान योजना के प्रति बकायेदार वाहन स्वामी कम रुचि ले रहे हैं। अभी तक केवल 37 वाहन स्वामियों ने ही आवेदन किया है। जिसके सापेक्ष 10.50 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। ज्यादा से ज्यादा बकायेदार इसका लाभ उठाएं, इसके लिए रविवार को भी कार्यालय में शिविर लगाया जा रहा है। टैक्स जमा न करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ अब परिवहन विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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हापुड़। जिले में 3065 व्यवसायिक वाहन स्वामियों पर परिवहन विभाग का 3.97 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। जिस पर 2.37 करोड़ रुपये ब्याज है। ब्याज में राहत के लिए परिवहन विभाग ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू की है। विभाग ने योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि तय कर दी गई है। 27 जुलाई के बाद ओटीएस योजना के लिए बकायेदार पंजीकरण नहीं करा पाएंगे। इसके बाद विभाग के अधिकारी वाहनों को जब्त करने व अन्य विभागीय कार्रवाई करेंगे।
जिले में 3065 व्यवसायिक वाहन पंजीकृत हैं। इन वाहनों पर विभाग का 3.97 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। जिस पर 2.37 करोड़ रुपये ब्याज है। एआरटीओ कार्यालय से इन बकायेदारों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। शासन ने वाहन मालिकों को वाहनों का टैक्स जमा करने के लिए कर में छूट देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद बकायेदारों ने बकाया जमा नहीं कराया। बकायेदारों को टैक्स जमाकर करने के लिए परिवहन विभाग ने अंतिम मौका दिया है। टैक्स जमा करने के लिए वाहन स्वामी को 27 जुलाई तक आवेदन करना होगा। इसके बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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बकायेदार एक हजार रुपये की रसीद कटवाने के साथ 21 दिन के अंदर पहली किस्त जमा कर सकता है। दूसरी व तीसरी किस्त 25 व 28 दिन में जमा करनी होगी। योजना में विलंब शुल्क में छूट मिलने से वाहन स्वामियों को काफी राहत मिलेगी। एआरटीओ प्रशासन अजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बकाया जमा करने के लिए वाहन स्वामी 27 तक पंजीकरण करा लें। तभी उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। ओटीएस में पंजीकरण की तिथि बढ़ने की उम्मीद नहीं है। इसके बाद विभागीय कार्रवाई के अलावा वाहनों को जब्त भी किया जा सकता है।
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37 ने कराया पंजीकरण
परिवहन विभाग की एक मुश्त समाधान योजना के प्रति बकायेदार वाहन स्वामी कम रुचि ले रहे हैं। अभी तक केवल 37 वाहन स्वामियों ने ही आवेदन किया है। जिसके सापेक्ष 10.50 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। ज्यादा से ज्यादा बकायेदार इसका लाभ उठाएं, इसके लिए रविवार को भी कार्यालय में शिविर लगाया जा रहा है। टैक्स जमा न करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ अब परिवहन विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में है।