फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

सीटी स्कैन से डीएनए को नुकसान, सरकारी अस्पतालों में नोटिस चस्पा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 09 May 2022 10:24 PM IST
विज्ञापन
hapur news
गढ़ रोड सीएचसी में सी टी स्केन को लेकर चस्पा किया गया नोटिस। संवाद - फोटो : HAPUR
सीटी स्कैन से डीएनए को नुकसान, सरकारी अस्पतालों नोटिस चस्पा
विज्ञापन

हापुड़। सीटी स्कैन से मरीजों के डीएनए को नुकसान हो रहा है, इससे कैंसर होने का खतरा भी दस गुना तक बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 फीसदी मरीजों की जांच में खुलासा हुआ है। इन दिनों हापुड़ सीएचसी में हर पांचवां मरीज अपनी मर्जी से ही सीटी स्कैन कराने की जिद पर अड़ा है, चिकित्सकों के साथ उनकी नोकझोंक भी हो रही है। ऐसे में चिकित्सकों ने वार्ड में सीटी स्कैन के नुकसान संबंधी नोटिस भी चस्पा कर दिए हैं।
फिजिशियन डॉ अशरफ अली ने बताया कि पेट का सामान्य दर्द हो या पीठ, सिर की पीड़ा। मरीज अपनी मर्जी से ही सीटी स्कैन कराने के लिए दबाव बनाते हैं। सीटी स्कैन का परामर्श स्वास्थ्य का परीक्षण करने के बाद ही दिया जाता है। सीटी स्कैन से निकलने वाली तरंगे शरीर के नाजुक अंगों पर बुरा प्रभाव डालती हैं।
विज्ञापन

एक बार का सीटी स्कैन एक्सरा से 100 से एक हजार गुना तक अधिक घातक होता है। मरीजों की स्टडी में पाया गया है कि जल्दी जल्दी सीटी स्कैन कराने से उनका डीएनए डैमेज हो जाता है। जिसका असर आने वाली संतानों पर तो पड़ता ही है, साथ ही कैंसर होने का खतरा भी दस गुना तक बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल में आने वाले मरीज आए दिन चिकित्सकों से सीटी स्कैन न कराने पर लड़ते हैं। इस समस्या को देखते हुए अस्पताल के वार्डों में नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं, इसमें साफ लिखा है कि सीटी स्कैन कैंसर के खतरे को जन्म देता है।
सीटी स्कैन के लिए आए आवेदन, दिया परामर्श
तिथि आवेदन परामर्श
09 मई 120 16
08 मई 150 12
07 मई 155 13
06 मई 138 08
07 मई 156 18
400 से 1000 एक्सरे के बराबर होता है सीटी स्कैन
सीएचसी अधीक्षक डॉ दिनेश खत्री ने बताया कि एक बार सीटी स्कैन कराने 400 से 1000 एक्सरे के बराबर होता है, जो शरीर के लिए लाभदायक नहीं है।
सीटी स्कैन के लिए सीएचसी में भीड़
प्राइवेट अस्पतालों में सीटी स्कैन काफी महंगा होता है, ऐसे में मरीज परामर्श निजी अस्पतालों में ले रहे हैं, जबकि सीटी स्कैन के लिए सरकारी अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या बहुत अधिक है, चिकित्सक बाहर के पर्चों पर सीटी स्कैन से स्पष्ट मना कर रहे हैं।
हर पांचवां करता है डिमांड
गढ़ रोड सीएचसी की जनरल ओपीडी में आने वाला हर पांचवां मरीज सीटी स्कैन की डिमांड करता है। जबकि इनमें एक को भी सीटी स्कैन की जरूरत नहीं होती। कई मरीज तो झोलाछापों की राय लेकर यहां पहुंचते हैं।

कोट-
सीएचसी में आने वाले मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद ही उन्हें सीटी स्कैन के लिए भेजा जा रहा है। जल्दी जल्दी सीटी स्कैन कराने से शरीर को नुकसान होता है, जो कैंसर का भी कारण बनता है।--डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed