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176 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुलेंगे, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर
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176 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर
हापुड़। चिकित्सकों और संसाधनों की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल खराब है। लेकिन अब इसे सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग गांवों में 176 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने की तैयारी कर रहा है। इन केंद्रों पर 25 से अधिक जांच हो सकेंगी, मरीजों को त्वरित उपचार मिलेगा। टीबी, एड्स, कैंसर के रोगियों की पहचान कर उन्हें घर जाकर उपचार की सुविधा दी जाएगी। शासन से कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर नियुक्ति की पहल शुरू हो गई है, पहले चरण में 22 सीएचओ मिले हैं।
वर्ष 2011 में हापुड़ को जिला बनाया गया था, इसके बाद से स्वास्थ्य सेवाओं में प्रसार हुआ है। शहरों के अंदर बने जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन स्टाफ की कमी के कारण गांवों में बने उप स्वास्थ्य केंद्र वीरान ही पड़े रहते हैं। देहात अंचल के मरीजों को निजी अस्पतालों या झोलाछापों के सहारे रहना पड़ता है।
ऐसे मरीजों तक बेहतर उपचार पहुंचाने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ही 176 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने का निर्णय लिया है। सेंटर पर प्रशिक्षित बीएससी स्टाफ नर्स होगी, जो मरीजों की बीमारी की पहचान कर उसे उपचार देने में सक्षम होगी। नियुक्ति से पहले स्टाफ नर्स को छह महीने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। (संवाद)
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गांवों में ही होंगी ये जांच
हेपेटाइटिस, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, डेंगू, चिकनगुनिया, कोरोना, मलेरिया, टीबी, एड्स, ब्लड ग्रुप, टाइफॉयड, बलगम, ऑक्सीजन, पल्स जांच समेत 25 जांच होंगी।
30 साल से ऊपर वालों का श्रेणीवार होगा चयन
कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर गांवों में घर-घर जाकर 30 साल से ऊपर के लोगों का चार्ट तैयार करेंगे। इसमें मरीज को बीमारी, उपचार की पूरी जानकारी रखनी होगी। इसी के आधार पर स्वास्थ्य योजनाओं के प्लान तैयार होंगे।
ऑक्सीजन के सिलिंडर रहेंगे उपलब्ध
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से सबक लेते हुए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था रहेगी। ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को आसानी से ऑक्सीजन मुहैया कराई जा सके।
इन गांवों में बनेंगे केंद्र
उपैड़ा, वझीलपुर, रघुनाथपुर, ततारपुर, अल्लीपुर, मोहम्मदपुर, नली हुसैनपुर, बनखंडा, रसूलपुर, चितौली, महमूदपुर, दोयमी, छतनौरा, मतनौरा, बिगास, गजालपुर, कनिया कल्याणपुर, गोंदी, काठीखेड़ा, शेखपुर, भड़ंगपुर, वझीलपुर, धनौरा, मलकपुर, खड़खड़ी समेत 176 गांवों में केंद्र बनाए जाएंगे।
कोट-
गांवों में जल्द ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू हो जाएंगे। इसमें मरीजों को बेहतर उपचार के साथ साथ जांच की सुविधा भी मिल सकेगी। सीएचओ की नियुक्तियां शासन स्तर से हो रही हैं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। चिकित्सकों और संसाधनों की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल खराब है। लेकिन अब इसे सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग गांवों में 176 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने की तैयारी कर रहा है। इन केंद्रों पर 25 से अधिक जांच हो सकेंगी, मरीजों को त्वरित उपचार मिलेगा। टीबी, एड्स, कैंसर के रोगियों की पहचान कर उन्हें घर जाकर उपचार की सुविधा दी जाएगी। शासन से कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर नियुक्ति की पहल शुरू हो गई है, पहले चरण में 22 सीएचओ मिले हैं।
वर्ष 2011 में हापुड़ को जिला बनाया गया था, इसके बाद से स्वास्थ्य सेवाओं में प्रसार हुआ है। शहरों के अंदर बने जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन स्टाफ की कमी के कारण गांवों में बने उप स्वास्थ्य केंद्र वीरान ही पड़े रहते हैं। देहात अंचल के मरीजों को निजी अस्पतालों या झोलाछापों के सहारे रहना पड़ता है।
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ऐसे मरीजों तक बेहतर उपचार पहुंचाने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ही 176 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने का निर्णय लिया है। सेंटर पर प्रशिक्षित बीएससी स्टाफ नर्स होगी, जो मरीजों की बीमारी की पहचान कर उसे उपचार देने में सक्षम होगी। नियुक्ति से पहले स्टाफ नर्स को छह महीने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। (संवाद)
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गांवों में ही होंगी ये जांच
हेपेटाइटिस, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, डेंगू, चिकनगुनिया, कोरोना, मलेरिया, टीबी, एड्स, ब्लड ग्रुप, टाइफॉयड, बलगम, ऑक्सीजन, पल्स जांच समेत 25 जांच होंगी।
30 साल से ऊपर वालों का श्रेणीवार होगा चयन
कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर गांवों में घर-घर जाकर 30 साल से ऊपर के लोगों का चार्ट तैयार करेंगे। इसमें मरीज को बीमारी, उपचार की पूरी जानकारी रखनी होगी। इसी के आधार पर स्वास्थ्य योजनाओं के प्लान तैयार होंगे।
ऑक्सीजन के सिलिंडर रहेंगे उपलब्ध
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से सबक लेते हुए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था रहेगी। ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को आसानी से ऑक्सीजन मुहैया कराई जा सके।
इन गांवों में बनेंगे केंद्र
उपैड़ा, वझीलपुर, रघुनाथपुर, ततारपुर, अल्लीपुर, मोहम्मदपुर, नली हुसैनपुर, बनखंडा, रसूलपुर, चितौली, महमूदपुर, दोयमी, छतनौरा, मतनौरा, बिगास, गजालपुर, कनिया कल्याणपुर, गोंदी, काठीखेड़ा, शेखपुर, भड़ंगपुर, वझीलपुर, धनौरा, मलकपुर, खड़खड़ी समेत 176 गांवों में केंद्र बनाए जाएंगे।
कोट-
गांवों में जल्द ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू हो जाएंगे। इसमें मरीजों को बेहतर उपचार के साथ साथ जांच की सुविधा भी मिल सकेगी। सीएचओ की नियुक्तियां शासन स्तर से हो रही हैं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।