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लिपिकों ने 150 केंद्रों पर तीन घंटे बंद रखी तौल
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लिपिकों ने 150 केंद्रों पर तीन घंटे बंद रखी तौल
गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। सिंभावली चीनी मिल के गेट स्थित क्रय केंद्र पर घटतौली का आरोप लगा तौल लिपिकों ने हंगामा कर दिया। तीन घंटे तक गांवों में बने 150 गन्ना क्रय केंद्रों को बंद रखा गया। तपती दोपहरी में किसान गन्ना की बुग्गी लिए केंद्रों पर खड़े रहे। लिपिकों ने 6 क्विंटल तक की घटतौली का आरोप लगाया। चीनी मिल के अधिकारियों ने आश्वासन के बाद किसी तरह लिपिकों को शांत कराया।
सिंभावली चीनी मिल द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से गन्ने की आपूर्ति के लिए विभिन्न गांवों में क्रय केंद्र स्थापित किए हुए हैं। जिन पर तौल लिपिकों की तैनाती की गई है। तौल लिपिक क्रय केंद्रों पर किसानों का गन्ना तौल कर मिल के कांटों पर भेजते हैं।
रविवार को सिंभावली चीनी मिल परिसर में गन्ना तौल लिपिक अपने-अपने सेंटरों पर तौल बंद कर एकत्र हुए। जिन्होंने मिल के गेट पर स्थापित कांटे पर 6 क्विंटल की घटतौली का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। तौल लिपिकों का कहना है कि मिल प्रबंधन की मिली भगत के चलते गेट के कांटों पर तैनात कर्मियों द्वारा जमकर घटतौली की जा रही है। जिससे क्रय केंद्रों पर काम कर रहे तौल लिपिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तौल लिपिकों का कहना है कि कई बार धर्मकांटों पर तौल कराने के बाद मिल के कांटे पर गन्ना तुलवाया गया, हर बार कम से कम 6 क्विंटल का फर्क निकला है। इस संबंध में पहले भी मिल प्रबंधन को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका।
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सेंटर रहे बंद, किसानों को झेलनी पड़ी परेशानी
गन्ना तौल लिपिकों ने तीन घंटों तक ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 150 क्रय केंद्रों के साथ ही मिल में स्थापित कांटे पर तौल नहीं होने दी। जिसके चलते गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और भैंसा-बुग्गियों में गन्ना लादकर पहुंचे सैकड़ों किसानों को परेशानी झेलनी पड़ी। किसान उमस भरी गर्मी और धूप में घंटों सेंटरों पर बैठने को मजबूर रहे।
रसूलपुर में केंद्र पर पकड़ी गई थी घटतौली
चीनी मिल के केंद्र पर घटतौली के कारण ही गांवों में खुले केंद्रों पर लिपिक गड़बड़ी करने को मजबूर हो रहे हैं। तौल में गन्ना कम निकलने पर उसकी भरपाई के लिए ही रसूलपुर में भी घटतौली की गई थी। हालांकि किसानों के हंगामे पर माप तोल विभाग द्वारा चालान की कार्रवाई की गई थी।
गन्ना विभाग के अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन
केंद्रों पर परेशान किसान गन्ना विभाग के अधिकारियों को फोन लगाते रहे। लेकिन उनके फोन तक नहीं उठे, किसानों के कहने पर कुछ मीडिया कर्मियों ने भी फोन मिलाया, लेकिन जिला गन्ना अधिकारी सीयूजी या व्यक्तिगत नंबर को नहीं उठा पायी। हालांकि समिति के सचिव ने जरूर फोन पर वार्ता कर, मामले का संज्ञान लेने का किसानों को आश्वासन दिया।
कोट =
चीनी मिल के गेट पर नहीं होती घटतौली
चीनी मिल के गेट पर घटतौली नहीं होती है, तौल लिपिक कभी भी आकर इसकी पुष्टि कर सकते हैं। मिल द्वारा लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। केंद्रों पर भी घटतौली बर्दाश्त नहीं होगी।
- करन सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, सिंभावली चीनी मिल।
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गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। सिंभावली चीनी मिल के गेट स्थित क्रय केंद्र पर घटतौली का आरोप लगा तौल लिपिकों ने हंगामा कर दिया। तीन घंटे तक गांवों में बने 150 गन्ना क्रय केंद्रों को बंद रखा गया। तपती दोपहरी में किसान गन्ना की बुग्गी लिए केंद्रों पर खड़े रहे। लिपिकों ने 6 क्विंटल तक की घटतौली का आरोप लगाया। चीनी मिल के अधिकारियों ने आश्वासन के बाद किसी तरह लिपिकों को शांत कराया।
सिंभावली चीनी मिल द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से गन्ने की आपूर्ति के लिए विभिन्न गांवों में क्रय केंद्र स्थापित किए हुए हैं। जिन पर तौल लिपिकों की तैनाती की गई है। तौल लिपिक क्रय केंद्रों पर किसानों का गन्ना तौल कर मिल के कांटों पर भेजते हैं।
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रविवार को सिंभावली चीनी मिल परिसर में गन्ना तौल लिपिक अपने-अपने सेंटरों पर तौल बंद कर एकत्र हुए। जिन्होंने मिल के गेट पर स्थापित कांटे पर 6 क्विंटल की घटतौली का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। तौल लिपिकों का कहना है कि मिल प्रबंधन की मिली भगत के चलते गेट के कांटों पर तैनात कर्मियों द्वारा जमकर घटतौली की जा रही है। जिससे क्रय केंद्रों पर काम कर रहे तौल लिपिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तौल लिपिकों का कहना है कि कई बार धर्मकांटों पर तौल कराने के बाद मिल के कांटे पर गन्ना तुलवाया गया, हर बार कम से कम 6 क्विंटल का फर्क निकला है। इस संबंध में पहले भी मिल प्रबंधन को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका।
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सेंटर रहे बंद, किसानों को झेलनी पड़ी परेशानी
गन्ना तौल लिपिकों ने तीन घंटों तक ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 150 क्रय केंद्रों के साथ ही मिल में स्थापित कांटे पर तौल नहीं होने दी। जिसके चलते गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और भैंसा-बुग्गियों में गन्ना लादकर पहुंचे सैकड़ों किसानों को परेशानी झेलनी पड़ी। किसान उमस भरी गर्मी और धूप में घंटों सेंटरों पर बैठने को मजबूर रहे।
रसूलपुर में केंद्र पर पकड़ी गई थी घटतौली
चीनी मिल के केंद्र पर घटतौली के कारण ही गांवों में खुले केंद्रों पर लिपिक गड़बड़ी करने को मजबूर हो रहे हैं। तौल में गन्ना कम निकलने पर उसकी भरपाई के लिए ही रसूलपुर में भी घटतौली की गई थी। हालांकि किसानों के हंगामे पर माप तोल विभाग द्वारा चालान की कार्रवाई की गई थी।
गन्ना विभाग के अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन
केंद्रों पर परेशान किसान गन्ना विभाग के अधिकारियों को फोन लगाते रहे। लेकिन उनके फोन तक नहीं उठे, किसानों के कहने पर कुछ मीडिया कर्मियों ने भी फोन मिलाया, लेकिन जिला गन्ना अधिकारी सीयूजी या व्यक्तिगत नंबर को नहीं उठा पायी। हालांकि समिति के सचिव ने जरूर फोन पर वार्ता कर, मामले का संज्ञान लेने का किसानों को आश्वासन दिया।
कोट =
चीनी मिल के गेट पर नहीं होती घटतौली
चीनी मिल के गेट पर घटतौली नहीं होती है, तौल लिपिक कभी भी आकर इसकी पुष्टि कर सकते हैं। मिल द्वारा लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। केंद्रों पर भी घटतौली बर्दाश्त नहीं होगी।
- करन सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, सिंभावली चीनी मिल।