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जिले में 58 हजार बुजुर्ग सुरक्षा कवच से बाहर
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जिले में 58 हजार बुजुर्ग सुरक्षा कवच से बाहर
हापुड़। जिले में 58 हजार बुजुर्ग सुरक्षा कवच से बाहर है। टीकाकरण के एक साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन बुजुर्गों से संपर्क नहीं कर सका है। यह हाल तब है जब तीनों लहरों में 60 प्रतिशत बुजुर्गों की मौत हुई है। अब स्वास्थ्य विभाग घर-घर टीम भेजकर टीकाकरण से छूटे बुजुर्गों को चिन्हित करा रहा है।
जिले में 16 जनवरी 2020 से टीकाकरण शुरू हुआ था। पहले चरण में हेल्थलाइन, दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्कर के बाद तीसरे चरण में बुजुर्गों को शामिल किया गया था। 60 साल से ऊपर के 124947 बुजुर्ग चिन्हित किए गए थे। पहली लहर के दौरान ही बुजुर्गों का तेजी से टीकाकरण शुरू हुआ। जिसके चलते दूसरी लहर में बुजुर्ग अन्य आयु वर्ग से कम प्रभावित हुए।
लेकिन बुजुर्गों की लापरवाही अब बढ़ती जा रही है, आलम यह है कि अभी भी कुल आबादी के 42 प्रतिशत बुजुर्गों ने एक भी टीका नहीं लगवाया है। इसका असर तीसरी लहर में उनके स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। अब तक कुल चार मौतें हुई हैं, इनमें सभी वह बुजुर्ग हैं जिन्होंने एक भी टीका नहीं लगवाया।
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अस्पतालों में भर्ती अधिकांश मरीज बिना टीके वाले
तीसरी लहर में अब तक 35 मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है, जिनमें अधिकांश बुजुर्ग हैं और टीका न लेने वाले हैं। अस्पताल में ही चार की मौत भी हुई है, टीकाकरण कराने वालों को अस्पताल जाने की कम ही आवश्यकता पड़ रही है।
550 बुजुर्गों ने लगवाया बूस्टर डोज
कोरोना महामारी को लेकर बहुत से बुजुर्ग काफी सजग हैं जो समय पूरा होने पर बूस्टर डोज भी ले रहे हैं। अब तक 550 बुजुर्गों ने बूस्टर डोज लिया है, जबकि 32 हजार के करीब दूसरा डोज भी ले चुके हैं।
बुजुर्गों के टीकाकरण की स्थिति
कुल बुजुर्ग---124947
टीका लगवाया--66124
वंचित बुजुर्ग----58823
स्वास्थ्य विभाग कर रहा संपर्क
बुजुर्गों से घर घर जाकर संपर्क किया जा रहा है, अभिभावक खुद भी सजग रहे और बुजुर्गों को महामारी से बचाने के लिए जल्द से जल्द टीकाकरण करा लें। टीका नहीं लगवाने पर जान जाने का जोखिम अधिक है।--डॉ संजीव कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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हापुड़। जिले में 58 हजार बुजुर्ग सुरक्षा कवच से बाहर है। टीकाकरण के एक साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन बुजुर्गों से संपर्क नहीं कर सका है। यह हाल तब है जब तीनों लहरों में 60 प्रतिशत बुजुर्गों की मौत हुई है। अब स्वास्थ्य विभाग घर-घर टीम भेजकर टीकाकरण से छूटे बुजुर्गों को चिन्हित करा रहा है।
जिले में 16 जनवरी 2020 से टीकाकरण शुरू हुआ था। पहले चरण में हेल्थलाइन, दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्कर के बाद तीसरे चरण में बुजुर्गों को शामिल किया गया था। 60 साल से ऊपर के 124947 बुजुर्ग चिन्हित किए गए थे। पहली लहर के दौरान ही बुजुर्गों का तेजी से टीकाकरण शुरू हुआ। जिसके चलते दूसरी लहर में बुजुर्ग अन्य आयु वर्ग से कम प्रभावित हुए।
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लेकिन बुजुर्गों की लापरवाही अब बढ़ती जा रही है, आलम यह है कि अभी भी कुल आबादी के 42 प्रतिशत बुजुर्गों ने एक भी टीका नहीं लगवाया है। इसका असर तीसरी लहर में उनके स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। अब तक कुल चार मौतें हुई हैं, इनमें सभी वह बुजुर्ग हैं जिन्होंने एक भी टीका नहीं लगवाया।
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अस्पतालों में भर्ती अधिकांश मरीज बिना टीके वाले
तीसरी लहर में अब तक 35 मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है, जिनमें अधिकांश बुजुर्ग हैं और टीका न लेने वाले हैं। अस्पताल में ही चार की मौत भी हुई है, टीकाकरण कराने वालों को अस्पताल जाने की कम ही आवश्यकता पड़ रही है।
550 बुजुर्गों ने लगवाया बूस्टर डोज
कोरोना महामारी को लेकर बहुत से बुजुर्ग काफी सजग हैं जो समय पूरा होने पर बूस्टर डोज भी ले रहे हैं। अब तक 550 बुजुर्गों ने बूस्टर डोज लिया है, जबकि 32 हजार के करीब दूसरा डोज भी ले चुके हैं।
बुजुर्गों के टीकाकरण की स्थिति
कुल बुजुर्ग---124947
टीका लगवाया--66124
वंचित बुजुर्ग----58823
स्वास्थ्य विभाग कर रहा संपर्क
बुजुर्गों से घर घर जाकर संपर्क किया जा रहा है, अभिभावक खुद भी सजग रहे और बुजुर्गों को महामारी से बचाने के लिए जल्द से जल्द टीकाकरण करा लें। टीका नहीं लगवाने पर जान जाने का जोखिम अधिक है।--डॉ संजीव कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।